Homeराजनीतिमृतक सुरेंद्र के बच्चों की जिम्मेदारी स्मृति ईरानी ने ली, अमेठी पहुँच कर अर्थी...

मृतक सुरेंद्र के बच्चों की जिम्मेदारी स्मृति ईरानी ने ली, अमेठी पहुँच कर अर्थी को दिया कंधा

रुक्मणि देवी ने कहा कि स्मृति ईरानी ने उनके बच्चों को सुरक्षा देने का भी आश्वासन दिया। स्मृति ईरानी ने अमेठी के बरौली गाँव के पूर्व प्रधान मृतक सुरेंद्र सिंह के शव को कंधा दिया और परिवार से मिल कर उन्हें ढाँढस बँधाया।

अमेठी में केंद्रीय मंत्री और वहाँ की सांसद स्मृति ईरानी के क़रीबी भाजपा नेता की हत्या के बाद इसमें राजनीतिक रंजिश की बात कही जा रही है। मृतक सुरेंद्र सिंह के परिवार ने कहा है कि उन सभी ने मिल कर ‘दीदी’ को जिताने के लिए प्रचार किया, इसी का बदला लिया गया। मृतक की पत्नी रुक्मणि देवी ने कहा है कि स्मृति ईरानी ने उनसे मिल कर उनके बच्चों का अपने बच्चों की तरह ख्याल रखने की बात कही है। रुक्मणि देवी ने कहा कि स्मृति ईरानी ने उनके बच्चों को सुरक्षा देने का भी आश्वासन दिया। स्मृति ईरानी ने अमेठी के बरौली गाँव के पूर्व प्रधान मृतक सुरेंद्र सिंह के शव को कंधा दिया और परिवार से मिल कर उन्हें ढाँढस बँधाया।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के अमेठी से नवनिर्वाचित सांसद स्मृति ईरानी के करीबी माने जाने वाले भाजपा कार्यकर्ता और बरौलिया गाँव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जानकारी के मुताबिक, शनिवार (मई 25, 2019) की रात सोते हुए सुरेंद्र सिंह पर अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली बरसा कर हत्या कर दी। गोली लगने से घायल सुरेंद्र सिंह को लखनऊ ट्रामा सेंटर ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

अमेठी पहुँचीं स्मृति ने कहा कि सुरेंद्र 1977 से ही पार्टी के ज़मीनी कार्यकर्ता थे। अमेठी में पार्टी की जीत का जश्न मनाने के बाद उनकी हत्या को स्मृति ईरानी ने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “पूरी भाजपा और पार्टी के सभी कार्यकर्ता सुरेंद्र के परिवार के साथ हैं। हम चाहते हैं कि परिवार को न्याय मिले। गोली चलाने और चलवाने वालों को मृत्यु दंड दिया जाना चाहिए। आवश्यकता पड़ी तो न्याय के लिए उच्चतम न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाएँगे। यह वारदात अमेठी को आतंकित करने के लिए अंजाम दी गई है।

सुरेंद्र सिंह की हत्या की वजह राजनीतिक रंजिश बताई जा रही है। पुलिस ने पुरानी रंजिश के कारण उनके मारे जाने की भी आशंका जताई है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने सीमाओं को सील कर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए गाँव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -