Tuesday, July 5, 2022
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संसद में बोले PM मोदी- दलितों और आदिवासियों के मंत्री बनने से कुछ लोग खुश नहीं, बाहर बताया ‘बाहुबली’ बनने का फॉर्मूला

"किसान परिवारों से आने वाले, ग्रामीण परिवेश से आने वाले सांसद बड़ी मात्रा में मंत्री बने हैं, उनका स्वागत करने का आनंद होना चाहिए था। लेकिन, शायद देश की महिला, आदिवासी, ओबीसी, किसानों के बेटे मंत्री बने, ये बात कुछ लोगों को रास नहीं आती, इसलिए वो उनका परिचय तक नहीं होने देते।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (19 जुलाई, 2021) को संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले मीडिया को सम्बोधित किया और फिर संसद में परिचयात्मक सम्बोधन दिया। इस दौरान उन्होंने मीडिया को सम्बोधित करते हुए कहा कि चूँकि कोरोना वैक्सीन बाहु (बाँह) में दी जाती है, इसीलिए इसे लेने वाले बाहुबली हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अब तक 40 करोड़ से भी अधिक लोग बाहुबली हो चुके हैं।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि कैसे कोरोना आपदा ने पूरे विश्व को अपने लपेटे में ले लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इससे जुड़े मुद्दों पर भी संसद में सार्थक चर्चा चाहती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्राथमिकता के आधार पर इस महामारी से जुड़े मुद्दे पर चर्चा चाहती है। उन्होंने इस पर सांसदों से सकारात्मक सलाह लेने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि इससे कोरोना के खिलाफ लड़ाई में नए तौर-तरीके सामने आएँगे और जो भूल हैं, उनमें सुधार किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर इस लड़ाई में सभी साथ मिल कर आगे बढ़ेंगे तो जीत संभव है। वहीं संसद में उन्होंने कहा, “मैं सोच रहा था कि सदन में आज उत्साह का माहौल होगा, क्योंकि बड़ी मात्रा में हमारी महिला सांसद मंत्री बनी हैं, बहुत बड़ी मात्रा में हमारे दलित भाई मंत्री बने हैं, हमारे आदिवासी साथी बड़ी मात्रा में मंत्री बने हैं। इस बात की सबको खुशी होनी चाहिए थी।” इसके बाद उन्होंने विपक्ष पर तंज कसा।

मॉनसून सत्र के दौरान पीएम मोदी का सम्बोधन

पीएम मोदी ने कहा, “किसान परिवारों से आने वाले, ग्रामीण परिवेश से आने वाले सांसद बड़ी मात्रा में मंत्री बने हैं, उनका स्वागत करने का आनंद होना चाहिए था। लेकिन, शायद देश की महिला, आदिवासी, ओबीसी, किसानों के बेटे मंत्री बने, ये बात कुछ लोगों को रास नहीं आती, इसलिए वो उनका परिचय तक नहीं होने देते।” इससे पहले मीडिया के माध्यम से पीएम मोदी ने कहा था कि वो वो सभी सांसदों और सभी दलों से आग्रह करना चाहते हैं कि वे सदन के अंदर सबसे कठिन और तीखे सवाल पूछें, लेकिन सरकार को अनुशासित माहौल में जवाब भी देने दें।

दरअसल, संसद सत्र शुरू होते ही हुए विपक्ष के हंगामे पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये बातें कहीं। विपक्ष जासूसी कांड, महंगाई और अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा मचा रहा था। इसी दौरान पीएम मोदी अपने नव-नियुक्त मंत्रियों का परिचय दे रहे थे। लेकिन, विपक्ष के हंगामे के कारण उन्हें बीच में ही रुकना पड़ा। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कहा कि ये परंपरा ठीक नहीं है, मंत्रियों का परिचय होने देना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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