Tuesday, December 1, 2020
Home राजनीति सामूहिक अपील वाले नेता कहाँ हैं पार्टी में? हमारे पास न नेता, न पैसा:...

सामूहिक अपील वाले नेता कहाँ हैं पार्टी में? हमारे पास न नेता, न पैसा: दिग्गज कॉन्ग्रेसी नेता सुशील शिंदे

"इंदिरा गाँधी के समय भी कॉन्ग्रेस बुरे दौर से गुजरी थी। तब ग़रीब लोगों ने कॉन्ग्रेस का समर्थन किया था और पार्टी को बुरे दौर से उबार दिया, इसके बाद पार्टी पहले से अधिक मज़बूत हुई। लेकिन अभी..."

पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिग्गज कॉन्ग्रेसी नेता सुशील कुमार शिंदे ने अपने एक बयान से राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी है। दरअसल, उन्होंने कहा है कि आने वाले समय में कॉन्ग्रेस और राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) का विलय हो जाएगा। आपको बता दें कि शिंदे की बेटी प्रणति शिंदे सोलापुर शहर की सीट से तीसरी बार कॉन्ग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।

इंडियन एक्सप्रेस के मनोज मोरे को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कई सवालों के जवाब दिए। इनमें से एक सवाल कॉन्ग्रेस और NCP के विलय का था, जिसे उन्होंने अपना निजी विचार बताया और कहा कि दोनों पार्टियों की विचारधाराएँ और सिद्धांत एक हैं। उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी (कॉन्ग्रेस) को छोड़कर जा चुके हैं अगर वे वापस आ जाएँ तो पार्टी देश की सबसे शक्तिशाली पार्टी बन जाएगी। कॉन्ग्रेस के लिए यह समय एकजुट होने का है।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता शिंदे की इन निजी टिप्पणियों पर पूर्व पार्टी सदस्यों की क्या प्रतिक्रिया रही? इस पर उन्होंने कहा उनके पास कई पूर्व नेताओं का फोन आया और उन सबने उनकी प्रशंसा की। शिंदे ने बताया कि पूर्व सदस्यों ने उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि अगर देश भर के पार्टी नेता एकजुट होंगे तो कॉन्ग्रेस मज़ूबत होगी।  

इस संदर्भ में NCP की क्या प्रतिक्रिया है, इस पर शिंदे ने कहा,

“मैंने एक बहस शुरू की है, देखते हैं कि क्या होता है… मैंने अब तक उनके (पवार) मुद्दे पर चर्चा नहीं की है। टिप्पणी करने के बाद उन्होंने मुझे फोन नहीं किया। मैं उनसे जल्द ही पंढरपुर में मिलूँगा। देखते हैं कि उस बैठक में क्या होता है।”

सुशील कुमार शिंदे से यह पूछे जाने पर कि उनके द्वारा की गई टिप्पणी से कॉन्ग्रेस पार्टी का कोई लेना-देना है कि नहीं, तो उन्होंने इंदिरा गाँधी के दौर का ज़िक्र करते हुए बताया कि उनके समय में भी कॉन्ग्रेस बुरे दौर से गुजरी थी। ग़रीब लोगों ने कॉन्ग्रेस का समर्थन किया और पार्टी को बुरे दौर से उबार दिया, इसके बाद पार्टी पहले से अधिक मज़बूत हुई। फ़िलहाल, पार्टी में केवल सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी के रूप में दो मज़बूत नेता हैं। सामूहिक अपील वाले नेता कहाँ हैं? कॉन्ग्रेस के पास नेता या पैसा नहीं है… वहीं दूसरी तरफ़, भाजपा भावनात्मक रूप से लोगों को धर्म के नाम पर ब्लैकमेल कर रही है… राम मंदिर और अनुच्छेद-370 जैसे मुद्दों को उठा रही है।

साक्षात्कार में शिंदे से महाराष्ट्र की स्थिति के बारे में पूछा गया कि वहाँ कॉन्ग्रेस का बुरा हाल है, लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी ने केवल एक सीट जीती, इसके मद्देनज़र विधानसभा चुनाव से पार्टी को क्या उम्मीदें है? इस पर शिंदे ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा ने धर्म के नाम पर वोट माँगे। उस समय VBA से प्रकाश आंबेडकर चुनावी मैदान में खड़े हुए, जिन्होंने जाति कार्ड खेला… लेकिन अब कॉन्ग्रेस में सुधार हो रहा है और हम इस चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हमें (कॉन्ग्रेस-एनसीपी) 125 से 152 सीटें जीतने की उम्मीद है।

सीटों के लेकर किए गए शिंदे के दावे पर सवाल किया गया कि NCP के अजीत पवार ने तो कहा है कि गठबंधन 170 सीटें जीतकर सरकार बनाएँगे। इस पर शिंदे ने कहा,

“अगर अजीत पवार ऐसा कह रहे हैं, तो यह संभव हो सकता है। वह (शिंदे) महाराष्ट्र से बाहर हो गए हैं इसलिए वो (अजीत पवार) बेहतर जानते है। मैं ज़्यादा यात्रा नहीं कर पाया हूँ।”

पत्रकार ने उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री द्वारा भाजपा की रैलियों के संदर्भ में सवाल किया तो शिंदे ने बताया कि उन्हें महाराष्ट्र में चुनाव हारने का डर है। उनके मन में अभी भी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव का असर है, इसलिए वो (भाजपा) इस शर्मिंदगी से बचने के लिए बाहर जा रहे हैं।

प्रकाश अंबेडकर को कॉन्ग्रेस अपने पाले में नहीं ला सकी, इसकी क्या वजह हो सकती है? इस पर शिंदे ने कहा कि यह बेहद दु:खद है कि उन्होंने बाबासाहेब अम्बेडकर द्वारा प्रचारित धर्मनिरपेक्षता के आदर्शों के ख़िलाफ़ व्यवहार किया। शिंदे ने खेद जताते हुए कहा कि प्रकाश अम्बेडकर धर्मनिरपेक्षता की हत्या कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनके रुख़ से कॉन्ग्रेस-NCP जैसी धर्मनिरपेक्ष दलों के 9-10 उम्मीदवारों की हार हुई। अंत में उनसे शरद पवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) से मिले नोटिस के बारे में पूछा गया, जिसे उन्होंने उत्पीड़न का नाम देते हुए पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

BARC के रॉ डेटा के बिना ही ‘कुछ खास’ को बचाने के लिए जाँच करती रही मुंबई पुलिस: ED ने किए गंभीर खुलासे

जब दो BARC अधिकारियों को तलब किया गया, एक उनके सतर्कता विभाग से और दूसरा IT विभाग से, दोनों ने यह बताया कि मुंबई पुलिस ने BARC से कोई भी रॉ (raw) डेटा नहीं लिया था।

भीम-मीम पहुँच गए किसान आंदोलन में… चंद्रशेखर ‘रावण’ और शाहीन बाग की बिलकिस दादी का भी समर्थन

केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए कृषि सुधार कानूनों को लेकर जारी किसानों के 'विरोध प्रदर्शन' में धीरे-धीरे वह सभी लोग साथ आ रहे, जो...

‘गलत सूचनाओं के आधार पर की गई टिप्पणी’: ‘किसान आंदोलन’ पर कनाडा के PM ने जताई चिंता तो भारत ने दी नसीहत

जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि स्थिति चिंताजनक है और कनाडा हमेशा शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन का समर्थन करता है और वो इस खबर को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते।

हिंदुओं और PM मोदी से नफरत ने प्रतीक सिन्हा को बनाया प्रोपगेंडाबाज: 2004 की तस्वीर शेयर करके 2016 में उठाए सवाल

फैक्ट चेक के नाम पर प्रतीक सिन्हा दुनिया को क्या परोस रहे हैं, इसका खुलासा @befittigfacts नाम के सक्रिय ट्विटर यूजर ने अपने ट्वीट में किया है।

‘दिल्ली और जालंधर किसके साथ गई थी?’ – सवाल सुनते ही लाइव शो से भागी शेहला रशीद, कहा – ‘मेरा अब्बा लालची है’

'ABP न्यूज़' पर शेहला रशीद अपने पिता अब्दुल शोरा के आरोपों पर सफाई देने आईं, लेकिन कठिन सवालों का जवाब देने के बजाए फोन रख कर भाग खड़ी हुईं।
00:30:50

बिहार के किसान क्यों नहीं करते प्रदर्शन? | Why are Bihar farmers absent in Delhi protests?

शंभू शरण शर्मा बेगूसराय इलाके की भौगोलिक स्थिति की जानकारी विस्तार से देते हुए बताते हैं कि छोटे जोत में भिन्न-भिन्न तरह की फसल पैदा करना उन लोगों की मजबूरी है।

प्रचलित ख़बरें

मेरे घर में चल रहा देश विरोधी काम, बेटी ने लिए ₹3 करोड़: अब्बा ने खोली शेहला रशीद की पोलपट्टी, कहा- मुझे भी दे...

शेहला रशीद के खिलाफ उनके पिता अब्दुल रशीद शोरा ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बेटी के बैंक खातों की जाँच की माँग की है।

13 साल की बच्ची, 65 साल का इमाम: मस्जिद में मजहबी शिक्षा की क्लास, किताब के बहाने टॉयलेट में रेप

13 साल की बच्ची मजहबी क्लास में हिस्सा लेने मस्जिद गई थी, जब इमाम ने उसके साथ टॉयलेट में रेप किया।

‘हिंदू लड़की को गर्भवती करने से 10 बार मदीना जाने का सवाब मिलता है’: कुणाल बन ताहिर ने की शादी, फिर लात मार गर्भ...

“मुझे तुमसे शादी नहीं करनी थी। मेरा मजहब लव जिहाद में विश्वास रखता है, शादी में नहीं। एक हिंदू को गर्भवती करने से हमें दस बार मदीना शरीफ जाने का सवाब मिलता है।”

‘दिल्ली और जालंधर किसके साथ गई थी?’ – सवाल सुनते ही लाइव शो से भागी शेहला रशीद, कहा – ‘मेरा अब्बा लालची है’

'ABP न्यूज़' पर शेहला रशीद अपने पिता अब्दुल शोरा के आरोपों पर सफाई देने आईं, लेकिन कठिन सवालों का जवाब देने के बजाए फोन रख कर भाग खड़ी हुईं।

दिवंगत वाजिद खान की पत्नी ने अंतर-धार्मिक विवाह की अपनी पीड़ा पर लिखा पोस्ट, कहा- धर्मांतरण विरोधी कानून का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए

कमलरुख ने खुलासा किया कि कैसे इस्लाम में परिवर्तित होने के उनके प्रतिरोध ने उनके और उनके दिवंगत पति के बीच की खाई को बढ़ा दिया।

‘बीवी सेक्स से मना नहीं कर सकती’: इस्लाम में वैवाहिक रेप और यौन गुलामी जायज, मौलवी शब्बीर का Video वायरल

सोशल मीडिया में कनाडा के इमाम शब्बीर अली का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें इस्लाम का हवाला देते हुए वह वैवाहिक रेप को सही ठहराते हुए देखा जा सकता है।

‘किसान आंदोलन’ के बीच एक्टिव हुआ Pak, पंजाब के रास्ते आतंकी हमले के लिए चीन ने ISI को दिए ड्रोन्स’: ख़ुफ़िया रिपोर्ट

अब चीन ने पाकिस्तान को अपने ड्रोन्स मुहैया कराने शुरू कर दिए हैं, ताकि उनका इस्तेमाल कर के पंजाब के रास्ते भारत में दहशत फैलाने की सामग्री भेजी जा सके।

BARC के रॉ डेटा के बिना ही ‘कुछ खास’ को बचाने के लिए जाँच करती रही मुंबई पुलिस: ED ने किए गंभीर खुलासे

जब दो BARC अधिकारियों को तलब किया गया, एक उनके सतर्कता विभाग से और दूसरा IT विभाग से, दोनों ने यह बताया कि मुंबई पुलिस ने BARC से कोई भी रॉ (raw) डेटा नहीं लिया था।

भीम-मीम पहुँच गए किसान आंदोलन में… चंद्रशेखर ‘रावण’ और शाहीन बाग की बिलकिस दादी का भी समर्थन

केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए कृषि सुधार कानूनों को लेकर जारी किसानों के 'विरोध प्रदर्शन' में धीरे-धीरे वह सभी लोग साथ आ रहे, जो...

‘गलत सूचनाओं के आधार पर की गई टिप्पणी’: ‘किसान आंदोलन’ पर कनाडा के PM ने जताई चिंता तो भारत ने दी नसीहत

जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि स्थिति चिंताजनक है और कनाडा हमेशा शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन का समर्थन करता है और वो इस खबर को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते।
00:14:07

कावर झील पक्षी विहार या किसानों के लिए दुर्भाग्य? Kavar lake, Manjhaul, Begusarai

15000 एकड़ में फैली यह झील गोखुर झील है, जिसकी आकृति बरसात के दिनों में बढ़ जाती है जबकि गर्मियों में यह 3000-5000 एकड़ में सिमट कर...

शादी से 1 महीने पहले बताना होगा धर्म और आय का स्रोत: असम में महिला सशक्तिकरण के लिए नया कानून

असम सरकार ने कहा कि ये एकदम से 'लव जिहाद (ग्रूमिंग जिहाद)' के खिलाफ कानून नहीं होगा, ये सभी धर्मों के लिए एक समावेशी कानून होगा।

‘अजान महाआरती जितनी महत्वपूर्ण, प्रतियोगता करवा कर बच्चों को पुरस्कार’ – वीडियो वायरल होने पर पलट गई शिवसेना

अजान प्रतियोगिता में बच्चों को उनके उच्चारण, ध्वनि मॉड्यूलेशन और गायन के आधार पर पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कारों के खर्च का वहन शिवसेना...

हिंदुओं और PM मोदी से नफरत ने प्रतीक सिन्हा को बनाया प्रोपगेंडाबाज: 2004 की तस्वीर शेयर करके 2016 में उठाए सवाल

फैक्ट चेक के नाम पर प्रतीक सिन्हा दुनिया को क्या परोस रहे हैं, इसका खुलासा @befittigfacts नाम के सक्रिय ट्विटर यूजर ने अपने ट्वीट में किया है।

सलमान और नदीम विवाहित हिन्दू महिला का करवाना चाहते थे जबरन धर्म परिवर्तन: मुजफ्फरनगर में लव जिहाद में पहली FIR

नदीम ने अपने साथी सलमान के साथ मिलकर महिला को प्रेमजाल में फँसा लिया और शादी का झाँसा दिया। इस बीच उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया और निकाह करने की बात कही गई।
00:33:45

किसान आंदोलन या दूसरा शाहीन बाग? अजीत भारती का विश्लेषण | Ajeet Bharti Analysing Farmer Protests

इस आंदोलन में एक ऐसा समूह है जो हर किसी को बरगलाना चाहता है। सीएए के दौरान ऐसा ही शाहीन बाग में देखने को मिला था।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,494FollowersFollow
358,000SubscribersSubscribe