Sunday, October 17, 2021
Homeराजनीतिजनसंख्या नियंत्रण कानून ज़रूरी है, लेकिन 3 बच्चों तक इजाज़त दो: सपा नेता हसन

जनसंख्या नियंत्रण कानून ज़रूरी है, लेकिन 3 बच्चों तक इजाज़त दो: सपा नेता हसन

"अब हम देख रहे हैं कि देश की जनसंख्या सेचुरेशन पर है। देश के संसाधन अपने सेचुरेशन पर हैं लिहाजा ऐसे कानून बने जिससे इस पर रोक लगे। लेकिन ये कानून कुछ वक्त के लिए ही बनना चाहिए।"

जनसंख्या नियंत्रण की प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद अब समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ. एसटी हसन ने जनसंख्या नियंत्रण के विचार का समर्थन किया है। लेकिन मुरादाबाद के सांसद डॉ. हसन ने साथ में यह चेतावनी दी कि अगर भारत ने यह कानून बहुत समय तक लागू किया तो हमारी हालत चीन जैसी हो जाएगी, जहाँ वृद्धों की जनसंख्या में हिस्सेदारी बहुत अधिक हो गई है।

‘देश की जनसंख्या सेचुरेशन पर है’

मीडिया से बात करते हुए एसटी हसन ने कहा कि उनकी निजी राय है कि जनसंख्या नीति में तीन बच्चों तक की इजाज़त दी जानी चाहिए। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि कई बार लोगों के दोनों बच्चे एक ही लिंग के (दो बेटे या बेटियाँ) होते हैं, और वे बेटा-बेटी दोनों चाहते हैं, इसलिए ऐसे दम्पत्तियों के लिए एक बार और कोशिश का मौका होना चाहिए।

उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण कानून की वकालत अवश्य की, लेकिन यह विचार भी रखा कि इसे केवल सीमित समय के लिए लागू किया जाना चाहिए। “अब हम देख रहे हैं कि देश की जनसंख्या सेचुरेशन पर है। देश के संसाधन अपने सेचुरेशन पर हैं लिहाजा ऐसे कानून बने जिससे इस पर रोक लगे। लेकिन ये कानून कुछ वक्त के लिए ही बनना चाहिए।”

उन्होंने साथ में इस कानून को अधिक समय तक चलाते रहने के खिलाफ भी चेताया। उनके अनुसार यदि भारत ने यह नीति बहुत दिनों तक अपनाई तो हमारा हाल चीन जैसा हो जाएगा। एक-बच्चा नीति कई पीढ़ियों से चली आने के चलते चीन ने जनसंख्या-वृद्धि को तो नियंत्रित कर लिया, लेकिन अब वह जनसंख्या में वृद्ध लोगों की तादाद बहुत ज़्यादा बढ़ जाने और उनकी देखभाल करने लायक युवाओं की कमी के चलते स्वास्थ्य और सामाजिक संकट से जूझ रहा है।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

डीजल डाल कर जला दिया दलित लखबीर का शव, चेहरा तक नहीं देखने दिया परिजनों को: ग्रामीणों ने किया बहिष्कार

डीजल डाल कर मोबाइल की रोशनी में दलित लखबीर सिंह के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव से पॉलीथिन नहीं हटाया गया। परिजन चेहरा तक न देख पाए।

पश्चिम बंगाल में दुर्गा विसर्जन से लौट रहे श्रद्धालुओं पर बम से हमला, कई घायल, पुलिस ने कहा – ‘हमलावरों की अभी तक पहचान...

हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना पाकर पहुँची पुलिस ने लोगों की भीड़ को हटाकर मामला शांत किया और घायलों को अस्पताल भेजा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,199FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe