Thursday, April 25, 2024
Homeराजनीतिलड़कियों को नहीं पढ़ाएँगे ‘जवान टीचर': राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार का अजीबोगरीब फरमान

लड़कियों को नहीं पढ़ाएँगे ‘जवान टीचर’: राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार का अजीबोगरीब फरमान

राज्य में सिर्फ़ 1,109 गर्ल्स स्कूल हैं। शेष 68,910 स्कूलों में लड़के-लड़कियाँ एक साथ पढ़ते हैं। 3.82 लाख टीचर्स की संख्या में पुरुष और महिला टीचर्स का अनुपात 2:1 है। यानी 69,929 स्कूलो में ही महिला टीचर्स हैं।

सरकारी स्कूलों में लड़कियों के साथ होने वाली छेड़छाड़ पर विराम लगाने के लिए राजस्थान सरकार ने एक अजीबोगरीब उपाय खोजा है। राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने शुक्रवार (18 अक्टूबर) को घोषणा करते हुए कहा कि लड़कियों के सरकारी स्कूल में 50 साल से कम उम्र के पुरुष शिक्षक नहीं पढ़ाएँगे। पुरुष शिक्षकों की जगह पर महिला शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने कहा, “शिक्षक संगठनों और शिक्षकों से बातचीत करने के बाद हम एक रोडमैप तैयार तैयार करेंगे और नीति बनाएँगे, जिससे अधिक से अधिक महिला टीचर्स की नियुक्ति हो सके। महिला शिक्षकों के होने से लड़कियाँ उनसे अपनी माँ और बहन की तरह की अपनी समस्याएँ साझा कर सकेंगी और उन्हें कोई समस्या नहीं होगी।”

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सभी गर्ल्स स्कूलों में महिला टीचर्स  को प्राथमिकता दी जाएगी, वहीं 50 वर्ष की उम्र से अधिक के पुरुष टीचर्स को आवश्यकता के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। 

राज्य सरकार के इस फ़ैसले को कई लोगों ने अपरिपक्व और बचकाना बताया है। बाद में शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने यह भी कहा कि यह फ़ैसला तभी लागू होगा, जब हमारे पास पर्याप्त संख्या में महिला शिक्षक मौजूद रहेंगी। ख़बरों के अनुसार, संभवत: हाल ही में कुछ पुरुष शिक्षकों द्वारा लड़कियों के यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री द्वारा यह फैसला लिया गया है।

राजस्थान सरकार द्वारा जारी शिक्षा रिपोर्ट 2018-19 के अनुसार, राज्य में सिर्फ़ 1,109 गर्ल्स स्कूल हैं, जबकि शेष 68,910 स्कूलों में लड़के-लड़कियाँ एक साथ पढ़ते हैं। 3.82 लाख टीचर्स की संख्या में पुरुष और महिला टीचर्स का अनुपात 2:1 है। इसका मतलब यह हुआ कि 69,929 स्कूलो में ही महिला टीचर्स मौजूद हैं। ऐसे में शिक्षा मंत्री के बयान में विरोधाभास नज़र आ रहा है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉन्ग्रेस ही लेकर आई थी कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण, BJP ने खत्म किया तो दोबारा ले आए: जानिए वो इतिहास, जिसे देवगौड़ा सरकार की...

कॉन्ग्रेस का प्रचार तंत्र फैला रहा है कि मुस्लिम आरक्षण देवगौड़ा सरकार लाई थी लेकिन सच यह है कि कॉन्ग्रेस ही इसे 30 साल पहले लेकर आई थी।

मुंबई के मशहूर सोमैया स्कूल की प्रिंसिपल परवीन शेख को हिंदुओं से नफरत, PM मोदी की तुलना कुत्ते से… पसंद है हमास और इस्लामी...

परवीन शेख मुंबई के मशहूर स्कूल द सोमैया स्कूल की प्रिंसिपल हैं। ये स्कूल मुंबई के घाटकोपर-ईस्ट इलाके में आने वाले विद्या विहार में स्थित है। परवीन शेख 12 साल से स्कूल से जुड़ी हुई हैं, जिनमें से 7 साल वो बतौर प्रिंसिपल काम कर चुकी हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe