Tuesday, October 27, 2020
Home राजनीति विधायकों के इस्तीफे पर फैसला कब? SC में गुरुवार को बताएँगे स्पीकर: कमलनाथ...

विधायकों के इस्तीफे पर फैसला कब? SC में गुरुवार को बताएँगे स्पीकर: कमलनाथ को फिर मोहलत

22 विधायकों के इस्तीफे से संकट में आई कमलनाथ सरकार के फ्लोर टेस्ट को लेकर अब गुरुवार को सुनवाई होगी। सोमवार को बिना फ्लोर टेस्ट कराए विधानसभा की कार्यवाही स्थगित किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और 9 भाजपा विधायकों ने याचिका दायर की थी।

फ्लोर टेस्ट से बच रही मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार को एक और दिन की मोहलत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को इस संबंध में सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने पूछा कि विधायकों के इस्तीफे पर स्पीकर कब तक फैसला लेंगे। स्पीकर के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इसका जवाब देने के लिए गुरुवार तक का वक्त मॉंगा। सुप्रीम कोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और 9 भाजपा विधायकों ने याचिका दायर कर रखी है। सोमवार को बिना फ्लोर टेस्ट कराए विधानसभा की कार्यवाही स्थगित किए जाने के बाद याचिका दायर की गई थी।

सुनवाई के दौरान कॉन्ग्रेस, भाजपा और राज्यपाल की ओर से कोर्ट में दलीलें पेश की गईं। कॉन्ग्रेस ने कहा कि बागी विधायकों का इस्तीफा भाजपा की साजिश है। इसकी जाँच होनी चाहिए। साथ ही कॉन्ग्रेस ने प्रदेश में सियासी संकट पैदा होने के पीछे भी भाजपा को जिम्मेदार बताया। कॉन्ग्रेस ने कहा कि बहुमत परीक्षण के लिए रातोंरात मुख्यमंत्री और स्पीकर को आदेश देना राज्यपाल का काम नहीं है। स्पीकर इस मामले में सबसे ऊपर हैं, राज्यपाल उन पर हावी हो रहे हैं। कॉन्ग्रेस ने विधायकों के इस्तीफे से खाली हुई सीटों पर उपचुनाव होने तक फ्लोर टेस्ट नहीं कराने की माँग की और कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो आसमान नहीं फटेगा। वहीं भाजपा ने इसका विरोध किया।

सुनवाई के दौरान कॉन्ग्रेस के वकील की ओर से दलील दी गई है कि अभी दुनिया मानवता के सबसे बड़े संकट कोरोना से जूझ रही है, ऐसे में क्या इस वक्त बहुमत परीक्षण कराना जरूरी है? कॉन्ग्रेस की ओर से अदालत में बताया गया कि राज्यपाल सिर्फ मीडिया रिपोर्ट्स पर भरोसा कर रहे हैं और मान कर बैठे हैं कि कमलनाथ सरकार के पास बहुमत नहीं है। कॉन्ग्रेस के वकील ने अदालत से मामले की सुनवाई टालने के अपील करते हुए कहा कि ऐसा हुआ तो आसमान नहीं फट जाएगा। हमारी राज्य सरकार के पास बहुमत था, लेकिन विधायकों को किडनैप किया गया।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज फैसला आने के आसार थे। मगर, कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर से सवाल किया कि आखिर आपने विधायकों के इस्तीफे पर अभी तक फैसला क्यों नहीं लिया? क्या ये विधायक अपने आप अयोग्य नहीं हो जाएँगे? अगर आप संतुष्ट नहीं हैं, तो आप विधायकों के इस्तीफे को अस्वीकार कर सकते हैं। आपने 16 मार्च को बजट सत्र को टाल दिया? अगर आप बजट को पास नहीं करेंगे, तो राज्य सरकार का कामकाज कैसे चलेगा?

पीठ ने क्या कहा?

पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा- हम कैसे तय करें कि विधायकों के हलफनामे मर्जी से दिए गए या नहीं? यह संवैधानिक कोर्ट है। हम संविधान के दायरे में कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। टीवी पर कुछ देखकर तय नहीं कर सकते। 16 बागी विधायक फ्लोर टेस्ट में शामिल हों या नहीं, लेकिन उन्हें बंधक नहीं रखा जा सकता। अब साफ हो चुका है कि वे कोई एक रास्ता चुनेंगे। उन्होंने जो किया उसके लिए स्वतंत्र प्रक्रिया होनी चाहिए। इसके साथ ही अदालत ने वकीलों से सलाह माँगी कि कैसे विधानसभा में बेरोकटोक आने-जाने और किसी एक का चयन सुनिश्चित हो।

भाजपा का पक्ष

इसके बाद मुकुल रोहतगी की ओर से अदालत में कहा गया कि अगर अदालत चाहे तो वह 16 बागी विधायकों को जज के चैंबर में या रजिस्ट्रार के सामने पेश कर सकते हैं। हालाँकि, जज ने इसके लिए मना किया और कहा कि वो ऐसा आदेश जारी नहीं कर सकते। वहीं रोहतगी ने कहा आप विकल्प के तौर पर कर्नाटक हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को गुरुवार को विधायकों के पास भेजकर वीडियो रिकॉर्डिंग करा सकते हैं। कॉन्ग्रेस चाहती है कि विधायक भोपाल आएँ ताकि उन्हें प्रभावित कर खरीद-फरोख्त की जा सके। विधायक उनसे मिलना ही नहीं चाहते तो कॉन्ग्रेस क्यों इस पर जोर दे रही है।

इस मामले में शिवराज सिंह ने भी कहा कि विधायकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बता दिया है कि वह अपनी इच्छा से बेंगलुरु में हैं और वे सबूत के तौर पर कोर्ट में सीडी पेश करने के लिए तैयार हैं। इस्तीफा देना उनका संवैधानिक अधिकार है, उन्होंने वैचारिक मतभेद के चलते इस्तीफे दिए। इन्हें मंजूर करना स्पीकर का कर्तव्य है। वह फैसले को लंबे वक्त तक लटका नहीं सकते हैं। क्या स्पीकर इसे लेकर सेलेक्टिव हो सकते हैं, कि कुछ पर फैसला लेंगे, कुछ इस्तीफे पर नहीं। जब विधायक भोपाल आकर कॉन्ग्रेस से मिलना ही नहीं चाहते तो हमे इसके लिए कैसे मज़बूर किया जा सकता है। कोर्ट स्पीकर को इस्तीफे स्वीकार करने के लिए निर्देश दे। हमारा भी मानना है कि सरकार बहुमत खो चुकी है। इसलिए तुरंत फ्लोर टेस्ट होना चाहिए।

सियायी हालात

बता दें मध्यप्रदेश में इस समय कमलनाथ सरकार के गिरने का संकट मंडरा रहा है। स्पीकर द्वारा 22 कॉन्ग्रेस विधायकों में से 6 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने के बाद पार्टी के विधायकों की संख्या कम होकर 108 हो गई है। अभी 16 बाकी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार होने बाकी है। यदि उनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं तो पार्टी के विधायकों की संख्या 92 हो जाएगी। सदन में बीजेपी के विधायकों की संख्या 107 है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘थाना प्रभारी रंजीत मंडल ने इंजीनियर आशुतोष पाठक के कपड़े उतारे, की बर्बरता’: हत्या का मामला दर्ज, किए गए सस्पेंड

एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच हो, इसीलिए थानाध्यक्ष को सस्पेंड किया गया। पुलिस ने अपनी 'डेथ रिव्यू रिपोर्ट' में आशुतोष के शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि की है।

नूँह कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद हैं निकिता के हत्यारे तौसीफ के चाचा, कहा- हमें नहीं थी हथियार की जानकारी

कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA और पूर्व मंत्री खुर्शीद अहमद निकिता के हत्यारे के चचेरे दादा लगते हैं। इसी तरह वर्तमान में मेवात के नूँह से कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद उसके चाचा हैं।

मोदी को क्लीन चिट देने पर दिल्ली में बैठे विरोधियों ने किया था उत्पीड़न: CBI के पूर्व निदेशक का खुलासा

"उन्होंने मेरे खिलाफ याचिकाएँ दायर कीं, मुझ पर CM का पक्ष लेने का आरोप लगाया। टेलीफोन पर मेरी बातचीत की निगरानी के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग भी किया"

जौनपुर की जामा मस्जिद में मिस्र शैली की नक्काशी है या अटाला देवी मंदिर के विध्वंस की छाप?

सुल्तान ने निर्देश दिए थे कि अटाला देवी मंदिर को तोड़कर उसकी जगह मस्जिद की नींव रखी जाए। 1408 ई में मस्जिद का काम पूरा हुआ। आज भी खंबों पर मूर्ति में हुई नक्काशी को ध्वस्त करने के निशान मिलते हैं।

‘मुस्लिम बन जा, निकाह कर लूँगा’: तौसीफ बना रहा था निकिता पर धर्मांतरण का दबाव- मृतका के परिवार का दावा

तौसीफ लड़की से कहता था, 'मुस्लिम बन जा हम निकाह कर लेंगे' मगर जब लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी तो उसकी गोली मार कर हत्या कर दी।

बाबा का ढाबा स्कैम: वीडियो वायरल करने वाले यूट्यूबर पर डोनेशन के रूपए गबन करने के आरोप

ऑनलाइन स्कैमिंग पर बनाई गई वीडियो में लक्ष्य चौधरी ने समझाया कि कैसे लोग इसी तरह की इमोशनल वीडियो बना कर पैसे ऐंठते हैं।

प्रचलित ख़बरें

अपहरण के प्रयास में तौसीफ ने निकिता तोमर को गोलियों से भूना, 1 माह पहले ही की थी उत्पीड़न की शिकायत

तौसीफ ने छात्रा पर कई बार दोस्ती और धर्मांतरण के लिए दबाव भी बनाया था। इससे इनकार करने पर तौसीफ ने 2018 में एक बार निकिता का अपहरण भी कर लिया था।

IAS अधिकारी ने जबरन हवन करवाकर पंडितों को पढ़ाया ‘समानता का पाठ’, लोगों ने पूछा- मस्जिद में मौलवियों को भी ज्ञान देंगी?

क्या पंडितों को 'समानता का पाठ' पढ़ाने वाले IAS अधिकारी मौलवियों को ये पाठ पढ़ाएँगे? चर्चों में जाकर पादिरयों द्वारा यौन शोषण की आई कई खबरों का जिक्र करते हुए ज्ञान देंगे?

मदद की अपील अक्टूबर में, नाम लिख लिया था सितम्बर में: लोगों ने पूछा- सोनू सूद अंतर्यामी हैं क्या?

"मदद की गुहार लगाए जाने से 1 महीने पहले ही सोनू सूद ने मरीज के नाम की एक्सेल शीट तैयार कर ली थी, क्या वो अंतर्यामी हैं?" - जानिए क्या है माजरा।

जब रावण ने पत्थर पर लिटा कर अपनी बहू का ही बलात्कार किया… वो श्राप जो हमेशा उसके साथ रहा

जानिए वाल्मीकि रामायण की उस कहानी के बारे में, जो 'रावण ने सीता को छुआ तक नहीं' वाले नैरेटिव को ध्वस्त करती है। रावण विद्वान था, संगीत का ज्ञानी था और शिवभक्त था। लेकिन, उसने स्त्रियों को कभी सम्मान नहीं दिया और उन्हें उपभोग की वस्तु समझा।

नवरात्र में ‘हिंदू देवी’ की गोद में शराब और हाथ में गाँजा, फोटोग्राफर डिया जॉन ने कहा – ‘महिला आजादी दिखाना था मकसद’

“महिलाओं को देवी माना जाता है लेकिन उनके साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है? उनके व्यक्तित्व को निर्वस्त्र किया जाता है।"

एक ही रात में 3 अलग-अलग जगह लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने वाला लालू का 2 बेटा: अब मिलेगी बिहार की गद्दी?

आज से लगभग 13 साल पहले ऐसा समय भी आया था, जब राजद सुप्रीमो लालू यादव के दोनों बेटों तेज प्रताप और तेजस्वी यादव पर छेड़खानी के आरोप लगे थे।
- विज्ञापन -

‘थाना प्रभारी रंजीत मंडल ने इंजीनियर आशुतोष पाठक के कपड़े उतारे, की बर्बरता’: हत्या का मामला दर्ज, किए गए सस्पेंड

एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच हो, इसीलिए थानाध्यक्ष को सस्पेंड किया गया। पुलिस ने अपनी 'डेथ रिव्यू रिपोर्ट' में आशुतोष के शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि की है।

नूँह कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद हैं निकिता के हत्यारे तौसीफ के चाचा, कहा- हमें नहीं थी हथियार की जानकारी

कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA और पूर्व मंत्री खुर्शीद अहमद निकिता के हत्यारे के चचेरे दादा लगते हैं। इसी तरह वर्तमान में मेवात के नूँह से कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद उसके चाचा हैं।

महिलाओं की ही तरह अकेले पुरुष अभिभावकों को भी मिलेगी चाइल्ड केयर लीव: केंद्र सरकार का फैसला

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि जो पुरुष सरकारी कर्मचारी हैं और बच्चे का पालन अकेले कर रहे हैं, उन्हें अब चाइल्डकेयर लीव दी जाएगी।

फेक TRP स्कैम में मुंबई पुलिस द्वारा गवाहों पर दबाव बनाने वाले ऑपइंडिया के ऑडियो टेप स्टोरी पर CBI ने दी प्रतिक्रिया

कॉल पर पड़ोसी से बात करते हुए व्यक्ति बेहद घबराया हुआ प्रतीत होता है और बार-बार कहता है कि 10-12 पुलिस वाले आए थे, अगर ऐसे ही आते रहे तो.....

हाफिज सईद के बहनोई से लेकर मुंबई धमाकों के आरोपितों तक: केंद्र ने UAPA के तहत 18 को घोषित किया आतंकी

सरकार द्वारा जारी इस सूची में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी भी शामिल हैं। इसमें 26/11 मुंबई हमले में आरोपित आतंकी संगठन लश्कर का यूसुफ मुजम्मिल, लश्कर चीफ हाफिज सईद का बहनोई अब्दुर रहमान मक्की...

निकिता तोमर हत्याकांड: तौसीफ के बाद अब रेवान भी गिरफ्तार, भाई ने कहा- अगर मुस्लिम की बेटी होती तो सारा प्रशासन यहाँ होता

निकिता तोमर की माँ ने कहा है कि जब तक दोषियों का एनकाउंटर नहीं किया जाता, तब तक वो अपनी बेटी का अंतिम-संस्कार नहीं करेंगी।

मोदी को क्लीन चिट देने पर दिल्ली में बैठे विरोधियों ने किया था उत्पीड़न: CBI के पूर्व निदेशक का खुलासा

"उन्होंने मेरे खिलाफ याचिकाएँ दायर कीं, मुझ पर CM का पक्ष लेने का आरोप लगाया। टेलीफोन पर मेरी बातचीत की निगरानी के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग भी किया"

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में अब कोई भी खरीद सकेगा जमीन, नहीं छिनेगा बेटियों का हक़: मोदी सरकार का बड़ा फैसला

जम्मू-कश्मीर में अब देश का कोई भी व्यक्ति जमीन खरीद सकता है और वहाँ पर बस सकता है। गृह मंत्रालय द्वारा मंगलवार को इसके तहत नया नोटिफिकेशन जारी किया गया है।

जौनपुर की जामा मस्जिद में मिस्र शैली की नक्काशी है या अटाला देवी मंदिर के विध्वंस की छाप?

सुल्तान ने निर्देश दिए थे कि अटाला देवी मंदिर को तोड़कर उसकी जगह मस्जिद की नींव रखी जाए। 1408 ई में मस्जिद का काम पूरा हुआ। आज भी खंबों पर मूर्ति में हुई नक्काशी को ध्वस्त करने के निशान मिलते हैं।

₹1.70 लाख करोड़ की गरीब कल्याण योजना से आत्मनिर्भर बन रहे रेहड़ी-पटरी वाले: PM मोदी ने यूपी के ठेले वालों से किया संवाद

पीएम 'स्वनिधि योजना' में ऋण आसानी से उपलब्ध है और समय से अदायगी करने पर ब्याज में 7% की छूट भी मिलेगी। अगर आप डिजिटल लेने-देन करेंगे तो एक महीने में 100 रुपए तक कैशबैक के तौर पर वापस पैसे आपके खाते में जमा होंगे।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
79,349FollowersFollow
338,000SubscribersSubscribe