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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हमने कभी नहीं कहा चौकीदार चोर है, राहुल गांधी को किया जवाब तलब

राहुल गाँधी ने अपनी निजी टिप्पणियों को शीर्ष अदालत द्वारा किया गया बताया और लोगों के मन में पीएम के ख़िलाफ़ ग़लत धारणा पैदा करने की कोशिश की।

राफ़ेल डील पर पीएम मोदी को ‘चौकीदार चोर है’ की टिप्पणी करना राहुल गाँधी को काफी महँगी पड़ गई। सुप्रीम कोर्ट ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के ख़िलाफ़ नोटिस जारी किया है। अब इस मामले की सुनवाई 23 अप्रैल को होगी। तब तक राहुल गाँधी को अपना जवाब देना होगा।

जस्टिस रंजन गोगोई ने यह स्पष्ट किया कि हमने यह बयान कभी नहीं दिया, इसलिए हम इस मसले पर सफाई माँगेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हम यह बात साफ करना चाहते हैं कि कोर्ट के संदर्भ में राहुल गाँधी ने जो भी बातें मीडिया में कहीं, वे पूरी तरह से ग़लत हैं। इस मामले की पूरी जानकारी हम सफाई माँगना चाहते हैं। हमें उम्मीद है कि राहुल गाँधी अपने बयान पर सफाई देंगे।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद कोर्ट का नाम लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए टिप्पणी की थी, “सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि चौकीदार चोर है।” इसी बयान पर आपत्ति दर्ज करते हुए भारतीय जनता पार्टी की नेता मीनाक्षी लेखी ने शुक्रवार (12 अप्रैल) को सुप्रीम कोर्ट में राहुल गाँधी के ख़िलाफ़ अवमानना याचिका दाखिल की थी।

अपनी याचिका में मीनाक्षी लेखी ने कहा था कि राहुल ने अपनी निजी टिप्पणियों को शीर्ष अदालत द्वारा किया गया बताया और लोगों के मन में पीएम के ख़िलाफ़ ग़लत धारणा पैदा करने की कोशिश की। मीनाक्षी लेखी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा था कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने टिप्पणी की थी कि ‘अब सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया, चौकीदार चोर है।’

आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट राफ़ेल मसले पर केंद्र सरकार को क्लीन चिट दे चुकी है। कोर्ट ने राफ़ेल विमान की ख़रीद प्रक्रिया को सही ठहराया था। वहीं प्रशांत भूषण, अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा ने कोर्ट के फ़ैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था और एक अख़बार द्वारा छापे गए दस्तावेज़ों को सबूत मानने की सहमति व्यक्त कर दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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