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नहीं बढ़ेगी CM केजरीवाल की अंतरिम जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से भी किया मना: 7 दिन के लिए जेल से और बाहर रहना चाहते थे AAP सुप्रीमो

सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री विभाग ने बुधवार (29 मई, 2024) को CM केजरीवाल की याचिका लेने से मना किया और कहा कि वर्तमान याचिका स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल की अंतरिम जमानत को बढ़ाने वाली याचिका को लेने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री विभाग ने उनकी याचिका को लेने से इनकार किया है।

सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री विभाग ने बुधवार (29 मई, 2024) को CM केजरीवाल की याचिका लेने से मना किया और कहा कि उन्हें जब अंतरिम जमानत दी गई थी तभी साधारण जमानत के लिए उनके पास निचली अदालत जाने का विकल्प था। वह वहाँ नहीं गए। रजिस्ट्री ने कहा कि वर्तमान याचिका स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने इस विषय में यह भी कहा कि CM केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अपनी गिरफ्तारी की चुनौती दी है और इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सुरक्षित है। ऐसे में यह याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती। CM अरविन्द केजरीवाल को अब 2 जून को कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को लेकर सुनवाई करते हुए मंगलवार (28 मई, 2024) को कहा था कि CM केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई हो या नहीं, इसका निर्णय CJI डीवाई चंद्रचूड़ लेंगे। सुप्रीम कोर्ट की अवकाश बेंच इस मामले की तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया था।

CM केजरीवाल ने सोमवार (28 मई, 2024) को सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिका लगाई थी कि उनकी अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया जाए। उन्होंने माँग की थी कि 1 जून, 2024 को खत्म हो रही उनकी चुनाव प्रचार के लिए दी गई जमानत को 8 जून, 2024 तक बढ़ा दिया जाए।

उन्होंने कहा था कि उन्हें इस एक सप्ताह में कुछ मेडिकल चेकअप करवाने हैं, जिसके लिए उन्हें यह बढ़ी हुई जमानत चाहिए। AAP ने बताया था कि डॉक्टरों ने केजरीवाल को गंभीर मेडिकल चेकअप करवाने की सलाह दी है, उन्हें पूरे शरीर का PET स्कैन करवाने को कहा गया है। इसी कारण से अरविन्द केजरीवाल को एक सप्ताह की अतिरिक्त जमानत चाहिए।

गौरलतब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई, 2024 को अरविन्द केजरीवाल को 1 जून तक लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत दी थी। उन्हें 2 जून को कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करना था। उन्हें मार्च, 2024 में दिल्ली शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था। अब उन्होंने स्वास्थ्य आधार पर फिर से जमानत बढ़ाने की माँग की है।

इससे पहले भी वह जेल में स्वास्थ्य को लेकर कई दावे कर चुके हैं। आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि तिहाड़ जेल में ले जाए जाने के बाद CM केजरीवाल का वजन 4.5 किलोग्राम कम हो हुआ था। हालाँकि, इस दावे को तिहाड़ प्रशासन ने नकारते हुए बताया था कि वह जेल में 65 किलोग्राम के आए थे और उतने ही बने रहे थे।

CM केजरीवाल को गिरफ्तार करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट को बताया था कि वह अपना स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए आम और मिठाई खा रहे थे। ऐसा वह जेल के भीतर पाना स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए कर रहे थे ताकि उन्हें स्वास्थ्य आधार पर जमानत मिल सके।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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