Wednesday, January 27, 2021
Home राजनीति वो शशि थरूर से कहते थे - 'अपनी पत्नी को संभालो' - कश्मीरी पंडितों...

वो शशि थरूर से कहते थे – ‘अपनी पत्नी को संभालो’ – कश्मीरी पंडितों के लिए आवाज उठाने पर सुनंदा पुष्कर का ट्वीट

सुनंदा पुष्कर ने सवाल उठाया था कि आखिर उन कश्मीरी अल्पसंख्यकों को क्यों नज़रअंदाज किया जा रहा है, जिन्हें 1989 में घाटी छोड़नी पड़ी थी। इस सवाल के बाद उन्हें 'संभालने' के लिए उनके पति शशि थरूर को कौन बोला था?

सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, जो बताया जा रहा है कि केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से कॉन्ग्रेस के सांसद शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर का है। हमने जब इसे खँगाला तो पता चला कि ये सुनंदा पुष्कर का ही ट्विटर हैंडल है, जिसकी पुष्टि कई मेनस्ट्रीम मीडिया रिपोर्ट्स ने अपनी पुरानी खबरों में की हैं। ट्विटर पर उनका जो कंवर्शेशन वायरल हो रहा है, उसमें वो दावा कर रही हैं कि उनके पति को उन्हें ‘संभालने’ के लिए कहा गया है।

ये ट्वीट्स दिसंबर 24, 2013 की हैं। उनकी मौत से लगभग एक महीने पहले की। जनवरी 17, 2014 को उनकी मृत्यु हो गई थी। उस समय केंद्र में यूपीए-2 की सरकार थी और उनके पति शशि थरूर मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री हुआ करते थे। उक्त ट्वीट में सुनंदा पुष्कर ने लिखा था कि भारत में अल्पसंख्यकों के लिए काफी कुछ किया जा रहा है। उन्होंने लिखा था कि खासकर दंगा पीड़ित अल्पसंख्यकों के लिए बहुत कुछ हो रहा है।

लेकिन, साथ ही उन्होंने सवाल उठाया था कि आखिर उन कश्मीरी अल्पसंख्यकों को क्यों नज़रअंदाज किया जा रहा है, जिन्हें 1989 में घाटी छोड़नी पड़ी थी। उनका इशारा जम्मू कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अत्याचार को लेकर था, जिसके बाद वो अपने ही देश में शरणार्थी बन कर रह गए थे। उन्होंने लिखा था कि हम सब अल्पसंख्यक हैं क्योंकि 5% की जनसंख्या को अल्पसंख्यक नहीं माना जाएगा, फिर इसकी परिभाषा क्या है?

इस ट्वीट का शशि थरूर ने भी जवाब दिया था और कहा था कि वो पिछले 20 सालों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की निंदा करते रहे हैं। सुनंदा की ट्वीट का जवाब देते हुए जेनरल सर्जन नारायण रुपानी ने ट्वीट किया कि कश्मीरी पंडित नेतृत्वविहीन हैं, उनका कोई नेता नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वो दिल्ली के मंच पर अपना कोई स्पष्ट नेता खड़ा कर सकें, जो उनकी आवाज़ उठाए और इस मामले को सरकार तक पहुँचाए।

इसके जवाब में सुनंदा पुष्कर ने लिखा, “मैं हमेशा कोशिश करती हूँ, लेकिन फिर मेरे पति को कहा जाता है कि अपनी पत्नी को ‘संभालो’। वो ये कह कर सुनिश्चित करते हैं कि मैं चुप रहूँ। इसीलिए, या तो मुझे एक कश्मीरी होना पड़ेगा, या फिर एक पत्नी।” हालाँकि, उन्होंने ये भी कहा था कि उनके पति एक अच्छे व्यक्ति हैं और उन्हें पता है कि मैं कश्मीर को लेकर कितनी उत्साही हूँ। उन्होंने दावा किया था कि उनके पति ने उन्हें कश्मीर पर बात करने से कभी नहीं रोका।

जुलाई 2020 में शशि थरूर की तरफ से पेश होते हुए वकील विकास पाहवा ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा था कि सुनंदा पुष्कर की ट्वीट्स को स्टोर कर के रखा गया है और वो कॉन्ग्रेस नेता के पक्ष में सबूत हैं। उन्होंने इन ट्वीट्स को ‘प्राइमरी एविडेंस’ करार दिया था। उनका दावा था कि इन ट्वीट्स से सुनंदा पुष्कर की दिमागी स्थिति का पता चलता है, जो दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के विपरीत हैं। थरूर ने भी इन ट्वीट्स को ‘ऑन रिकॉर्ड’ पेश करने की इजाजत माँगी थी।

अगस्त 2019 में कॉन्ग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में लोक अभियोजक ने पुष्कर की मित्र और पत्रकार नलिनी सिंह का बयान पढ़ते हुए दावा किया था कि थरूर ने दुबई में तीन रातें पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के साथ बिताईं थीं। अतुल श्रीवास्तव ने यह बयान दिल्ली की अदालत में पढ़ा था। पुष्कर के बेटे शिव मेनन ने दावा किया कि उनकी माँ बहुत ही (मानसिक रूप से) ताकतवर महिला थीं, और वे आत्महत्या नहीं कर सकतीं थीं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लहराया गया खालिस्तानी झंडा, लगे भारत विरोधी नारे: वॉशिंगटन में किसान समर्थन की आड़ में खालिस्तान की माँग

वॉशिंगटन में खालिस्तानी समर्थकों ने कहा कि वह अब तक 26 जनवरी को काला दिन मना रहे थे, लेकिन इस बार एकजुटता में खड़े हैं।

ट्रैक्टर पलटने के बाद जिंदा था ‘किसान’, प्रदर्शनकारी अस्पताल नहीं ले गए… न पुलिस को ले जाने दिया: ‘Times Now’ का खुलासा

उक्त 'किसान' ट्रैक्टर से स्टंट मारते हुए पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ रहा था, लेकिन अपनी ही ट्रैक्टर पलटने के कारण खुद उसके नीचे आ गया और मौत हो गई।

11.5% की आर्थिक वृद्धि दर, 2021 में भारत के लिए IMF का अनुमान: एकमात्र बड़ा देश, जो बढ़ेगा दहाई अंकों के साथ

IMF ने भारत की अर्थव्यवस्था को 2021-22 में 11.5 प्रतिशत तक उछाल देने का अनुमान लगाया। वर्ल्ड इकॉनमिक आउटलुक रिपोर्ट में...

153 पुलिसकर्मी घायल, 7 FIR दर्ज: किसी का सर फटा तो कोई ICU में, राकेश टिकैत ने पुलिस को ही दिया दोष

दिल्ली पुलिस ने 'किसानों' द्वारा हुई हिंसा के मामलों को लेकर 7 FIR दर्ज की है। दिन भर चले हिंसा के इस खेल में 153 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

रस्सी से लाल किला का गेट तोड़ा, जहाँ से देश के PM देते हैं भाषण, वहाँ से लहरा रहे पीला-काला झंडा

किसान लाल किले तक घुस चुके हैं और उन्होंने वहाँ झंडा भी फहरा दिया है। प्रदर्शनकारी किसानों ने लाल किले के फाटक पर रस्सियाँ बाँधकर इसे गिराने की कोशिश भी कीं।
- विज्ञापन -

 

राजस्थान में महादेव मंदिर के 75 वर्षीय सेवादार की हत्या: हाथ-पाँव रस्सी से बँधे, मुँह में ठूँस डाला था कपड़ा

75 वर्षीय वृद्ध सेवादार गिरिराज मेहरा की हत्या कर दी गई। जयपुर के सोडाला इलाके में राकड़ी स्थित मेहरा समाज के राकेश्वर महादेव मंदिर की घटना।

लहराया गया खालिस्तानी झंडा, लगे भारत विरोधी नारे: वॉशिंगटन में किसान समर्थन की आड़ में खालिस्तान की माँग

वॉशिंगटन में खालिस्तानी समर्थकों ने कहा कि वह अब तक 26 जनवरी को काला दिन मना रहे थे, लेकिन इस बार एकजुटता में खड़े हैं।

ट्रैक्टर पलटने के बाद जिंदा था ‘किसान’, प्रदर्शनकारी अस्पताल नहीं ले गए… न पुलिस को ले जाने दिया: ‘Times Now’ का खुलासा

उक्त 'किसान' ट्रैक्टर से स्टंट मारते हुए पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ रहा था, लेकिन अपनी ही ट्रैक्टर पलटने के कारण खुद उसके नीचे आ गया और मौत हो गई।

11.5% की आर्थिक वृद्धि दर, 2021 में भारत के लिए IMF का अनुमान: एकमात्र बड़ा देश, जो बढ़ेगा दहाई अंकों के साथ

IMF ने भारत की अर्थव्यवस्था को 2021-22 में 11.5 प्रतिशत तक उछाल देने का अनुमान लगाया। वर्ल्ड इकॉनमिक आउटलुक रिपोर्ट में...

153 पुलिसकर्मी घायल, 7 FIR दर्ज: किसी का सर फटा तो कोई ICU में, राकेश टिकैत ने पुलिस को ही दिया दोष

दिल्ली पुलिस ने 'किसानों' द्वारा हुई हिंसा के मामलों को लेकर 7 FIR दर्ज की है। दिन भर चले हिंसा के इस खेल में 153 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

लालकिला में देर तक सहमें छिपे रहे 250 बच्चे, हिंसा के दौरान 109 पुलिसकर्मी घायल; 55 LNJP अस्पताल में भर्ती

दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली का सबसे बुरा प्रभाव पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। किसानों द्वारा की गई इस हिंसा में 109 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से 1 की हालात गंभीर बताई जा रही है।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe