Thursday, July 25, 2024
Homeराजनीतितन पर वर्दी, हाथ में गुलदस्ता और झुके कंधे: तेलंगाना DGP भागे-भागे गए कॉन्ग्रेस...

तन पर वर्दी, हाथ में गुलदस्ता और झुके कंधे: तेलंगाना DGP भागे-भागे गए कॉन्ग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी को बधाई देने, EC ने किया सस्पेंड

चुनाव आयोग ने तेलंगाना के डीजीपी अंजनी कुमार को निलंबित कर दिया है। डीजीपी अंजनी को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के कारण निलंबित किया गया है। वह सुबह तेलंगाना कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री माने जा रहे रेवंत रेड्डी से मिलने पहुँचे थे।

चुनाव आयोग ने तेलंगाना के डीजीपी अंजनी कुमार को निलंबित कर दिया है। डीजीपी अंजनी को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के कारण निलंबित किया गया है। वह सुबह तेलंगाना कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री माने जा रहे रेवंत रेड्डी से मिलने पहुँचे थे।

आज (3 दिसंबर 2023) तेलंगाना समेत चार राज्यों के चुनावों की मतगणना हो रही है। मतगणना के दौरान ही जब रुझानों में कॉन्ग्रेस, तेलंगाना की भारत राष्ट्र समिति को पीछे छोड़ती दिखी तो डीजीपी अंजनी कुमार अन्य कुछ अधिकारियों के साथ रेवंत रेड्डी से मिलने पहुँच गए और बाकायदा उन्हें गुलदस्ता देते हुए फोटो भी खिंचवाई।

थोड़ी देर में डीजीपी की रेवंत रेड्डी के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोग उनकी आलोचना करने लगे। लोगों ने कहा कि एक सेवारत अधिकारी कैसे चुनाव के अंतिम नतीजों को जाने बिना एक दल के मुखिया से मिलने पहुँच गया।

जानकारी के मुताबकि, रेवंत रेड्डी के साथ ही राज्य के नोडल पुलिस अफसर संजय जैन और चुनावी खर्चों का देखरेख करने वाले अधिकारी महेश भागवत भी रेवंत रेड्डी के पास मिलने पहुँचे थे

गौरतलब है कि 119 सीटों पर हुए तेलंगाना चुनावों में कॉन्ग्रेस 64 सीटों पर आगे है जिनमें से कुछ सीटों पर वह जीत भी चुकी है। इसके प्रदेश अध्यक्ष व तेलंगाना के अगले मुख्यमंत्री माने जा रहे रेवंत रेड्डी, कोडंगल सीट से जीते हैं और एक अन्य सीट कामारेड्डी से हार गए हैं। इस कामारेड्डी सीट पर उन्हें भाजपा के केवी रेड्डी ने हराया है। इसी कमारेड्डी सीट पर अब तक सत्तारूढ़ बीआरएस के मुखिया और राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव भी हार गए हैं।

वहीं, अंजनी कुमार 1990 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वह दिसम्बर 2022 में तेलंगाना के डीजीपी बने थे। इससे पहले हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर रहे थे। उनका नक्सल विरोधी अभियान में काफी अनुभव रहा है, वह इनसे लड़ने के लिए बनाई गई यूनिट ‘ग्रेहाउंड्स’ के मुखिया थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘तुमलोग वापस भारत भागो’: कनाडा में अब सांसद को ही धमकी दे रहा खालिस्तानी पन्नू, हिन्दू मंदिर पर हमले का विरोध करने पर भड़का

आर्य ने कहा है कि हमारे कनाडाई चार्टर ऑफ राइट्स में दी गई स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल करते हुए खालिस्तानी कनाडा की धरती में जहर बोते हुए इसे गंदा कर रहे हैं।

मुजफ्फरनगर में नेम-प्लेट लगाने वाले आदेश के समर्थन में काँवड़िए, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बोले – ‘हमारा तो धर्म भ्रष्ट हो गया...

एक कावँड़िए ने कहा कि अगर नेम-प्लेट होता तो कम से कम ये तो साफ हो जाता कि जो भोजन वो कर रहे हैं, वो शाका हारी है या माँसाहारी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -