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दिग्विजय की जीत के लिए कंप्यूटर बाबा ने झूठ बोलकर बुलाया साधु-संतों को, करवाया हठ योग

"कंप्यूटर बाबा ने हमें बताया था कि यहाँ पर भंडारा है, लेकिन यहाँ आकर पता चला कि कॉन्ग्रेस पार्टी के पक्ष में बोलना है, दिग्विजय सिंह को जिताना है। सन्यासियों को कोई पार्टी से लेना देना नहीं।"

मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा और कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के बीच का मुकाबला चरम पर पहुँच गया है। इस सीट पर अब चुनावी घमासान के बीच आज से साधु-संतों की एंट्री भी हो गई है। भाजपा की प्रज्ञा ठाकुर को जवाब देने के लिए दिग्विजय सिंह के समर्थन में साधु-संतों की जमात उतर आई है। भाजपा साध्वी प्रज्ञा को हिंदुत्व के चेहरे के रूप में प्रस्तुत कर रही है और अब ऐसा लग रहा है कि प्रज्ञा ठाकुर के प्रखर हिंदुत्व का सामना करने के लिए दिग्विजय सिंह को हठयोग का सहारा लेना पड़ रहा है।

भोपाल में दिग्विजय सिंह ने कंप्यूटर बाबा की अगुवाई में पत्नी अमृता के साथ पूजा पाठ और हवन किया। कंप्यूटर बाबा ने दिग्विजय सिंह के समर्थन में हजारों की संख्या में साधु संत को लेकर भोपाल में कैंप लगाकर हठयोग शुरू कर दिया है। भोपाल के कोहेफिजा स्थित सोफिया कॉलेज ग्राउंड में साधु संत इकट्ठा होकर धुनी रमा रहे हैं और दिग्विजय सिंह की जीत के लिए हवन कर रहे हैं। इसके साथ ही कंप्यूटर बाबा, दिग्विजय सिंह का प्रचार-प्रसार करने के लिए 8 मई को शोभा यात्रा भी निकालेंगे।

दरअसल, कंप्यूटर बाबा ने झूठ बोलकर दिग्विजय सिंह के लिए पूजा-पाठ करने के लिए बुलाया था। रिपब्लिक भारत ने जब एक साधु से बात की तो उन्होंने कहा कि वो लोग यहाँ कंप्यूटर बाबा के कहने पर आए हैं। कंप्यूटर बाबा ने उन्हें बताया था कि यहाँ पर भंडारा है, लेकिन यहाँ आकर पता चला कि कॉन्ग्रेस पार्टी के पक्ष में बोलना है, दिग्विजय सिंह को जिताना है। उन्होंने कहा कि सन्यासियों को कोई पार्टी से लेना देना नहीं। बीजेपी आए चाहे कॉन्ग्रेस।

बता दें कि कंप्यूटर बाबा को शिवराज सिंह चौहान की सरकार में मंत्री का दर्जा मिला हुआ था, लेकिन बाद में वो मनमुटाव के चलते सरकार से बाहर आ गए थे। भाजपा से बाहर निकले कम्प्यूटर बाबा कॉन्ग्रेस को समर्थन दे रहे हैं। दिग्विजय सिंह के लिए कैंपेनिंग करने वाले कंप्यूटर बाबा ने मीडिया से बात करते हुए भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार 5 सालों में मंदिर भी नहीं बना पाई, और अब मंदिर नहीं तो मोदी नहीं।

साधु संतों के द्वारा किए जाने वाले पूजा-पाठ और यज्ञ को लेकर जब साध्वी प्रज्ञा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ये लोग भगवाकरण का दिखावा कर रहे हैं। प्रज्ञा ने पिछले दिनों की एक रैली का जिक्र करते हुए बताया कि उस रैली में कंप्यूटर बाबा सड़क के किनारे भीख माँगने वालों को भगवा पहनाकर रैली में लाए थे। जब मीडिया वालों ने उनसे पूछा कि वो लोग कहाँ से आए हैं? तो उनलोगों ने बताया कि वो लोग भीख माँग रहे थे, मगर कंप्यूटर बाबा उन लोगों को पैसे देकर सभा में ले आए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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