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TMC पंचायत प्रधान ने कॉन्ग्रेस सहयोगी ISF को दी धमकी, कहा- पार्टी में शामिल हो जाओ, नहीं तो भुगतना होगा परिणाम

"हमें आपको स्वीकार करने में कोई आपत्ति नहीं होगी। अन्य जगहों की तुलना में हमने यहाँ आप पर अत्याचार नहीं किया। हम आपको केवल यह कह रहे हैं कि हमारे साथ आओ और अपने क्षेत्र में शांति से रहो।"

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस की जीत के बाद से राजनीतिक हिंसा के साथ खूनी खेल जारी है। प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं को हिंसा, बलात्कार, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार का निशाना बनाया गया है। इसी बीच मंगलवार (15 जून 2021) को आज तक के डिप्टी डायरेक्टर अनुपम मिश्रा ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में तृणमूल कॉन्ग्रेस के पंचायत प्रधान को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के कार्यकर्ताओं को धमकाते हुए देखा गया।

मिश्रा के अनुसार, टीएमसी नेता ने आईएसएफ कार्यकर्ताओं को धमकी दी है कि अगर वे ममता बनर्जी की पार्टी में शामिल नहीं हुए तो उन्हें 100 दिन के भीतर परिणाम भुगतना होगा। टीएमसी नेता ने कहा, “मैं यह बहुत स्पष्ट और सोच समझकर ठंडे दिमाग से कह रहा हूँ। इसे बार-बार दोहरा रहा हूँ कि आप सभी हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करें। उनके साथ मुद्दों पर चर्चा करें और योजना बनाएँ।”

इसके साथ ही पंचायत प्रधान को यह कहते हुए भी सुना गया कि आपने अब तक जो कुछ भी किया है वह अतीत की बात है। इसे भूल जाओ और हमारे साथ जुड़ जाओ। हमें आपको स्वीकार करने में कोई आपत्ति नहीं होगी। अन्य जगहों की तुलना में हमने यहाँ आप पर अत्याचार नहीं किया। हम आपको केवल यह कह रहे हैं कि हमारे साथ आओ और अपने क्षेत्र में शांति से रहो।

वीडियो में टीएमसी नेता और पूर्व विधायक अरबुल इस्लाम पंचायत प्रधान के ठीक बगल में बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। मालूम हो कि इस साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भांगर से टिकट न मिलने के बाद अरबुल इस्लाम के समर्थकों ने टीएमसी कार्यालय में तोड़फोड़ करने के बाद उसमें आग लगा दी थी। यहाँ यह उल्लेख भी करना जरूरी है कि अब्बास सिद्दीकी के नेतृत्व में आईएसएफ भांगर विधानसभा क्षेत्र से अपनी पहली सीट जीतने में सफल रही थी। आईएसएफ की सहयोगी राष्ट्रीय सेक्युलर मजलिस पार्टी के मोहम्मद नवसाद सिद्दीकी ने विधानसभा चुनाव में भांगर सीट जीती थी।

बता दें कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद टीएमसी के कार्यकर्ता एक 60 वर्षीय महिला के घर में जबरन घुस गए थे। उन्होंने लूटपाट करने से पहले 6 साल के पोते सामने ही बुजुर्ग का गैंगरेप किया। पीड़ित महिला ने बताया कि 3 मई को खेजुरी विधानसभा सीट से बीजेपी की जीत के बाद 100-200 टीएमसी कार्यकर्ताओं की भीड़ ने उसके घर को घेर लिया और उसे बम से उड़ाने की धमकी दी। इस डर से उसकी बहू अगले दिन घर छोड़कर चली गई। इसके बाद 4-5 मई को पाँच टीएमसी कार्यकर्ताओं ने चारपाई से बाँधकर 6 साल के पोते के सामने उसका गैंगरेप किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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