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‘देशमुख के बाद राज्य के दो और मंत्री 15 दिन में देंगे इस्तीफा, राष्ट्रपति शासन के लिए उपयुक्त स्थिति’: महाराष्ट्र BJP प्रमुख

पाटिल का यह बयान मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे का पत्र मिलने के बाद सामने आया है। इसमें वाजे ने देशमुख पर आरोप लगाया कि देशमुख ने उन्हें नौकरी पर वापस रखने के लिए उनसे 2 करोड़ रुपए माँगे थे, वहीं परिवहन मंत्री अनिल परब ने कॉन्ट्रैक्टर्स से रुपए इकट्ठा करने को कहा था।

महाराष्ट्र में गृहमंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे के बाद राज्य के भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने एक बड़ा दावा किया है। पाटिल ने गुरुवार (अप्रैल 8, 2021) को कहा कि राज्य के दो और मंत्रियों को 15 दिन में इस्तीफा देना पड़ेगा। उनके अनुसार, राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने के लिहाज से उपयुक्त स्थिति है। 

पाटिल का यह बयान मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे का पत्र मिलने के बाद सामने आया है। इसमें वाजे ने देशमुख पर आरोप लगाया कि देशमुख ने उन्हें नौकरी पर वापस रखने के लिए उनसे 2 करोड़ रुपए माँगे थे, वहीं परिवहन मंत्री अनिल परब ने कॉन्ट्रैक्टर्स से रुपए इकट्ठा करने को कहा था।

पाटिल ने समाचार एजेंसी पीटीआई से गुरुवार को कहा, “भविष्य में क्या रखा है इसका अनुमान आम आदमी लगा सकता है।” उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा, “आने वाले 15 दिनों में 2 अन्य राज्य मंत्रियों को इस्तीफा देना होगा। कुछ लोग इन मंत्रियों के विरुद्ध कोर्ट जाएँगे और उसके बाद इन्हें अपना पद छोड़ना होगा।”

महाराष्ट्र में भाजपा प्रमुख ने ये भी आरोप लगाया कि राज्य की महागठबंधन सरकार एक संगठित अपराध में लिप्त है। बीजेपी नेता पाटिल ने कहा कि राज्य में जो चल रहा है, उससे विशेषज्ञ यह बता सकते हैं कि राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए और क्या चाहिए। 

उन्होंने पूछा, ”अगर आप हर चीज के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराना चाहते हैं तो राज्य का प्रशासन केंद्र सरकार के हाथ में क्यों नहीं दे देते।”  बीजेपी नेता पाटिल ने आरोप लगाया कि अनिल देशमुख एक पाखंडी है, क्योंकि वह मुंबई उच्च न्यायालय की सीबीआई जाँच के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गए हैं।

गौरतलब है कि एंटिलिया केस और मनसुख हिरेन की मौत के मामले में निलंबित हो चुके सचिन वाजे की चिट्ठी बुधवार को मीडिया में सामने आई थी। इसमें सचिन वाले ने महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी सरकार के कई नेताओं पर आरोप लगाए हुए हैं। इसमें एनसीपी प्रमुख पवार का भी नाम है।

चिट्ठी में सचिन वाजे ने आरोप लगाया है कि पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने उन्हें नौकरी पर वापस रखने के बदले 2 करोड़ रुपए माँगे थे। चिट्ठी में सचिन वाजे ने कहा कि शरद पवार उन्हें वापस नौकरी पर नहीं रखना चाहते थे, लेकिन अनिल देशमुख ने उनसे कहा कि वो शरद पवार को मना लेंगे लेकिन उसके लिए दो करोड़ रुपए देने होंगे।

सचिन वाजे ने अपने पत्र में ये भी दावा किया कि नवंबर 2020 में, उन्हें एक व्यक्ति (दर्शन घोड़ावत) से मिलवाया गया, जो डिप्टी सीएम अजित पवार के करीबी थे। उन्होंने वाजे को महाराष्ट्र में गुटखा के अवैध व्यापार के बारे में सूचित किया और जोर देकर कहा कि सचिन वाजे को अवैध गुटखा विक्रेताओं से कम से कम 100 करोड़ रुपए वसूल करने होंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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