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‘राम प्रहर’ में शपथ लेने वाले फडणवीस कभी भी साबित कर देंगे बहुमत: सुनते ही विधायकों से मिलने भागे उद्धव

फडणवीस को शपथ दिलाए जाने के समय पर टिप्पणी करते हुए भाजपा नेता आशीष शेलार ने कहा कि उस वक़्त 'राम-प्रहर' चल रहा था और यही वो समय होता है जब लोग संघ की शाखाओं में जाते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी भगवान श्रीराम को नहीं भूल सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सोमवार (नवंबर 25, 2019) को महाराष्ट्र मामले में फिर से सुनवाई की जाएगी। उस दिन राज्यपाल के आदेश की कॉपी भी कोर्ट में रखी जाएगी। भाजपा और कॉन्ग्रेस, दोनों ही इसे अपनी जीत के रूप में दर्शा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा है कि वो सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस की नई सरकार अवैध है और इसे जाना होगा। उधर भाजपा ने भी मुंबई में अपने विधायकों की बैठक बुलाई। भाजपा नेता आशीष शेलार ने कहा कि जब भी मौक़ा मिलेगा, भाजपा सदन में बहुमत साबित कर के दिखा देगी।

उधर उद्धव ठाकरे को न सिर्फ़ अपनी पार्टी बल्कि कॉन्ग्रेस और एनसीपी की भी चिंता सता रही है। वह मातोश्री से निकल कर ललित होटल में रुके शिवसेना विधायकों से मिलने पहुँचे। उससे पहले वो पोवई में स्थित आरएमसी सेंटर पहुँचे, जहाँ एनसीपी के विधायकों को ठहराया गया है। उनके साथ शिवसेना के सुभाष देसाई और संजय राउत भी थे। एकनाथ सिंदे को पहले से ही वहाँ तैनात कर के रखा गया है। इसके बाद उद्धव जुहू के जेडब्ल्यू मैरियट होटल पहुँचे, जहाँ उन्होंने कॉन्ग्रेस के विधायकों से मुलाक़ात की।

फ़िलहाल तीनो ही विपक्षी पार्टियों के विधायकों को अलग-अलग होटलों में रखा, ठाकरे उन सभी पर नज़र बनाए रखना चाहते हैं। इधर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद भाजपा भी एक्टिव मोड में आ गई है। अगर सुप्रीम कोर्ट आज ही बहुमत साबित करने का आदेश देता तो दिक्कतें आ सकती थीं। पार्टी को पता है कि समय बहुत कम है और बहुमत साबित करना कोई आसान काम नहीं है। कॉन्ग्रेस के कई नेता भाजपा पर ‘लोकतंत्र की हत्या’ का आरोप लगा रहे हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी ऐसा ही आरोप लगा चुके हैं।

फडणवीस को शपथ दिलाए जाने के समय पर टिप्पणी करते हुए भाजपा नेता आशीष शेलार ने कहा कि उस वक़्त ‘राम-प्रहर’ चल रहा था और यही वो समय होता है जब लोग संघ की शाखाओं में जाते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी भगवान श्रीराम को नहीं भूल सकती है। शेलार ने कहा कि ‘राम प्रहर’ का अपना महत्व होता है और इसे ‘रात के अँधेरे में शपथ लेने’ का तमगा देना सही नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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