Wednesday, January 27, 2021
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ब्राह्मण होना पाप नहीं: अपनी ही पार्टी से लताड़े गए कॉन्ग्रेस नेता उदित राज, राम मंदिर ट्रस्ट पर उठाए थे सवाल

"भारत में हुई आखिरी जनगणना के मुताबिक, दलितों की आबादी ब्राह्मणों से तीन गुना ज्यादा है। फिर सरकारी राम मंदिर ट्रस्ट सिर्फ ब्राह्मणों के भरोसे कैसे छोड़ा जाए? सरकार बेईमानी कर रही है। बहुजनों से लठैती करवाती है और माल (ट्रस्ट) ब्राह्मण उड़ाते हैं।"

कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने ऐसा बयान दिया है कि उनकी अपनी ही पार्टी के नेताओं ने उन्हें लताड़ लगाई है। जातिवादी ज़हर फैलाने के लिए कुख्यात उदित राज ने ‘राम मंदिर तीर्थक्षेत्र’ ट्रस्ट पर निशाना साधा। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार द्वारा 15 सदस्यीय ट्रस्ट का गठन किया गया है, जिसका अध्यक्ष के पराशरण को बनाया गया है। वयोवृद्ध अधिवक्ता के पराशरण ने ही सुप्रीम कोर्ट में रामलला विराजमान की तरफ से अंतिम लड़ाई लड़ी। उदित राज ने ब्राह्मणों को एक तरह से गाली देते हुए दलितों के हितैषी होने का दिखावा किया।

दिल्ली के पूर्व सांसद उदित राज ने लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़ कर कॉन्ग्रेस का दामन थाम लिया था।टिकट से वंचित किए जाने के बाद वो बौखला उठे थे। अब राम मंदिर ट्रस्ट के बहाने उन्होंने ब्राह्मणों पर दलितों का हक़ हड़पने का आरोप मढ़ा है। ख़ुद को सबसे बड़ा दलित नेता बताने वाले उदित राज ने अपने ट्वीट में लिखा:

“भारत में हुई आखिरी जनगणना के मुताबिक, दलितों की आबादी ब्राह्मणों से तीन गुना ज्यादा है। फिर सरकारी राम मंदिर ट्रस्ट सिर्फ ब्राह्मणों के भरोसे कैसे छोड़ा जाए? सरकार बेईमानी कर रही है। बहुजनों से लठैती करवाती है और माल (ट्रस्ट) ब्राह्मण उड़ाते हैं।” केंद्र सरकार द्वारा गठित राम मंदिर ट्रस्ट पूर्ण रूप से असंवैधानिक है। इसमें सिर्फ ब्राह्मणों को क्यों रखा गया है? राम मंदिर का खेल भाजपा ने बहुजनों के कंधे पर बंदूक रखकर खेला। जब ट्रस्ट के नाम पर मलाई खाने की बारी आई तो इनको ही गायब कर दिया।

उदित राज की अपनी ही पार्टी को उनका ये बयान नागवार गुजरा। कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी के मीडिया प्रभारी राजीव त्यागी ने उदित राज को लताड़ते हुए कहा कि ब्राह्मण होना पाप नहीं है। उन्होंने उदित राज को चुनौती देते हुए कहा कि वो इस विषय पर किसी के भी साथ बहस करने को तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि कॉन्ग्रेस वो गुलदस्ता है, जिसमें सभी जाति व धर्म के पुष्प पल्लवित होते हैं।

वहीं कॉन्ग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री जतिन प्रसाद ने भी उदित राज के बयान से नाराज़गी जताई। प्रसाद ने उदित राज को सलाह दी कि वो कॉन्ग्रेस पार्टी की परंपरा का पालन करें और किसी भी विषय पर बयान देते समय किसी भी जाति-धर्म पर प्रहार न करें। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस अनुसूचित जातियों के लिए सकारात्मक प्रावधानों की बात करती है और साथ ही सभी के लिए समान अवसर की बात भी करती है। राजीव त्यागी ने भी जतिन प्रसाद के बयान से सहमति जताई।

कॉन्ग्रेस पार्टी के आंतरिक कलह को सामने लाती हुई ये लड़ाई सार्वजनिक हो गई है क्योंकि सभी नेताओं ने खुलेआम ट्वीट्स कर के अपनी बात रखी है। हालाँकि, सोशल मीडिया पर लगातार ज़हर उगल रहे उदित राज ने कॉन्ग्रेस नेताओं के इन बयानों पर चुप्पी साधी हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

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