VIDEO वायरल: ‘जरुरत का सामान इधर-उधर से खरीदो, लेकिन BJP-समर्थित दुकानदार से नहीं खरीदो’

"सामान खरीदने से ही भाजपाइयों की दुकान और उनका घर चलता है। अगर उनकी दुकान से सामान नहीं खरीदेंगे, तो उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी।"

विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले उत्तर प्रदेश के शामली स्थित कैराना के सपा विधायक नाहिद हसन एक बार फिर चर्चाओं में हैं। उनके विवादित बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में नाहिद हसन अपने विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम समाज के लोगों से भारतीय जनता पार्टी से संबंधित दुकानदारों से सामान न खरीदने की अपील करते हुए दिख रहे हैं।

नाहिद का कहना है कि उनके जैसे लोगों के सामान खरीदने से ही भाजपाइयों की दुकान और उनका घर चलता है। अगर वो लोग उनकी दुकान से सामान नहीं खरीदेंगे, तो उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी। इसलिए वो सभी से अपील करते हैं कि बीजेपी समर्थित दुकानों से सामान लेना बंद करें। साथ ही विधायक ने कैराना के उच्च अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो लोग बीजेपी नेता और बीजेपी समर्थकों के इशारे पर काम कर रहे हैं।

हालाँकि, इस विरोध और अपील के पीछे नाहिद का तर्क है कि वो गरीब लोगों के हक और रोजगार के लिए लड़ रहे हैं। वीडियो में नााहिद कैराना के सराय इलाका के बारे में बताते हुए कहते हैं कि इस क्षेत्र में उनके वालिद और पूर्वजों ने सालों पहले गरीब लोगों को बसाया था और वो यहाँ पर कई सालों से रह रहे थे, लेकिन भाजपा के कुछ लोग और कुछ भाजपाई दिमाग वाले अधिकारियों ने गरीबों को वहाँ से हटाने की साजिश रची। वो लोग वहाँ पर ठेला लगाकर अपना घर चला रहे थे, लेकिन प्रशासन ने इस जमीन को अवैध अतिक्रमण व कब्जामुक्त कराकर खाली करा दिया है, जिससे इन गरीबों का रोजगार ठप्प हो गया है।

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दरअसल, रविवार (जुलाई 21, 2019) को स्थानीय प्रशासन व नगरपालिका ने नगर के हर बाजार व मुख्य मार्ग पर खड़े होने वाले ठेलों को हटवाकर उन्हें सराय वाली भूमि में खड़े करने का निर्णय लिया। सरकार के इसी निर्णय को गलत बताते हुए नाहिद का ये वीडियो वायरल हो रहा है। नाहिद लोगों से अपील करते हैं कि वो 10 दिन या एक महीने अपने जरुरत की सामान इधर-उधर से या हरियाणा के पानीपत से खरीद लें, लेकिन जितने भी भाजपा समर्थित लोग बैठे हैं, उनसे सामान न खरीदें। वैसे, नाहिद जिन लोगों के हक और रोजगार की बात के लिए लड़ाई लड़ने और हक के लिए आवाज उठाने की बात कह रहे हैं, वो लोग कैराना के सराय इलाके में अवैध रुप से रह रहे थे। प्रशासन का कहना है कि यह सरकारी जमीन है, जिस पर केवल सरकार का अधिकार है और सरकार इनका इस्तेमाल सरकारी भवन निर्माण के लिए कर सकती है।

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