Monday, July 26, 2021
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धर्मांतरण की आड़ में महिला उत्पीड़न और लव जिहाद पर योगी सरकार का शिकंजा: सख्त अध्यादेश लाने की तैयारी

ऐंटी-कन्वर्जन लॉज़ किसी भी व्यक्ति को सीधे या जबरन या धोखाधड़ी या खरीद और प्रलोभन के जरिए धर्मांतरण करने से रोकते हैं। यूपी का कानून अन्य राज्यों द्वारा लागू किए गए कानूनों के समान होगा, जो धर्मांतरण के प्रकिया को सख्त और जटिल बनाएगा।

धर्मांतरण की आड़ में महिला उत्पीड़न और लव जिहाद के मामलों योगी सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। योगी सरकार लव जिहाद के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए अध्यादेश ला सकती है।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया, “अन्य राज्यों के धर्मांतरण के खिलाफ बने कानूनों और अधिनियमों की स्टडी की जा रही है। इसके बाद धर्मांतरण को लेकर उत्तर प्रदेश का अपना कानून बनाया जाएगा।”

धर्म परिवर्तन पर अंकुश लगाने की कार्रवाई का श्रेय राज्य भर में विशेष रूप से कानपुर से आए लव जिहाद के हालिया मामलों को दिया जा सकता है, जहाँ लड़कियों को शादी के बहाने इस्लाम धर्म में परिवर्तित किया जा रहा है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भी अपने लखनऊ प्रवास के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। अपने दो दिन की लखनऊ यात्रा के दौरान उन्होंने लव जिहाद के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई थी।

गौरतलब है कि वर्तमान में 8 राज्यों में धर्मांतरण के खिलाफ कानून मौजूद हैं। इनमें अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड शामिल हैं। सबसे पहले 1967 में ओडिशा द्वारा कानून बनाया गया था। इसके बाद 1968 में मध्य प्रदेश में धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाया गया। कानून विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश धर्मांतरण विरोधी कानून वाले राज्यों की सूची में नौवें स्थान पर हो सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐंटी-कन्वर्जन लॉज़ किसी भी व्यक्ति को सीधे या जबरन या धोखाधड़ी या खरीद और प्रलोभन के जरिए धर्मांतरण करने से रोकते हैं। यूपी का कानून अन्य राज्यों द्वारा लागू किए गए कानूनों के समान होगा, जो धर्मांतरण के प्रकिया को सख्त और जटिल बनाएगा।

कानपुर पुलिस ने इस हफ्ते की शुरुआत में शादी के बहाने की गई जबरन धर्मांतरण की बढ़ती संख्या की जाँच के लिए आठ सदस्यीय विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया था। पिछले एक महीने में एक ही जिले से ‘लव जिहाद’ के 11 मामले प्रकाश में आए थे।

एक तरफ जहाँ पूरे राज्य में लव जिहाद के मामले सामने आए हैं, वहीं उत्तर प्रदेश का कानपुर संगठित लव जिहाद मामलों का केंद्र बन गया है। शादी के बहाने शहर में रिपोर्ट की गई कई महिलाओं के जबरन धर्म परिवर्तन के कई मामले सामने आए हैं। जिससे शहर में हिंदू महिलाओं को फँसाने के लिए इसके पीछे किसी गिरोह की सोची समझी चाल पर संदेह उत्पन्न हो गया है।

बहुप्रचारित शालिनी यादव मामले के बाद ‘लव जिहाद’ के कानपुर से कई मामले आए है। जिसमें महज पिछले 2 महीने में कानपुर इलाके में घर से 5 लड़कियाँ मुस्लिम युवकों के साथ भागी है। कानपुर के जूही कॉलनी में चल रहे लव जिहाद का संगठित नेक्सस या ट्रेनिंग इन्हीं भागी लड़कियों के आधार पर आप समझ सकते हैं।

घर से भागी शालिनी यादव – आरोपित मोहम्मद फैसल – रहने वाला जूही कॉलनी का, कल्याणपुर के आवास विकास निवासी दो सगी बहनें भागीं – आरोपित शाहरुख (पिता का नाम कमाल) और शाहरुख (पिता का नाम खलील) – रहने वाला दोनों जूही कॉलनी का, पनकी रतनपुर कॉलनी निवासी युवती व उसकी छोटी बहन – आरोपित मो. मोसीन, छोटी बहन सतर्क हुई तो मामला खुल गया – रहने वाला जूही कॉलनी का।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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