Homeराजनीतिमंदिरों की मुक्ति पर निर्णय के बाद अब लव जिहाद पर कानून की तैयारी:...

मंदिरों की मुक्ति पर निर्णय के बाद अब लव जिहाद पर कानून की तैयारी: CM तीरथ सिंह ने संतों से कहा- आपको निराश नहीं करेंगे

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि वह पुलिस अधिकारियों के साथ इस विषय पर पहले भी चर्चा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वो राज्य में लव जिहाद से संबंधित मामलों में सभी जिलों की रिपोर्ट भी ले चुके हैं जिसके आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बाद अब उत्तराखंड भी लव जिहाद पर कानून बनाने जा रहा है। हरिद्वार के परमधाम में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि वह राज्य में लव जिहाद को लेकर चिंतित हैं और जल्दी ही उस पर सख्त कदम उठाने जा रहे हैं।

हरिद्वार के परमधाम में विहिप की केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में विहिप के कई सदस्य और साधु-संत उपस्थित थे। उन्होंने राज्य में लव जिहाद का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि साधु-संतों के आशीर्वाद से राज्य में लव जिहाद के बहुत अधिक मामले नहीं है किन्तु वह इस पर ध्यान दे रहे हैं और जल्दी ही इस पर बड़ा निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह संतों को निराश नहीं करेंगे।

पुलिस अधिकारियों के साथ कर चुके हैं चर्चा :

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि वह पुलिस अधिकारियों के साथ इस विषय पर पहले भी चर्चा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वो राज्य में लव जिहाद से संबंधित मामलों में सभी जिलों की रिपोर्ट भी ले चुके हैं जिसके आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

संतों और विहिप सदस्यों ने व्यक्त की थी चिंता :

चित्रकूट के रामचन्द्र दास ने कहा कि लव जिहाद एक सोची समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित महिला अधिकारी भी धोखा खा सकती है तब संतों को आम नागरिकों की चिंता अवश्य करनी चाहिए।

इसके अलावा ऑनलाइन और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से धार्मिक स्थानों और संतों के विरुद्ध किए जा रहे षड्यंत्र और उनके आपत्तिजनक चित्रांकन के विषय में भी बैठक में चर्चा की गई। विहिप सदस्यों और साधुओं ने हिन्दू मंदिरों को सरकारों के नियंत्रण से मुक्त करने की माँग भी की। हालाँकि, उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में 51 मंदिरों को सरकार के नियंत्रण से मुक्त करने का निर्णय लिया है।   

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -