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EVM पर बवाल में 300 पर FIR, वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने गाड़ी रोक किया था हंगामा: बोले मुख्य चुनाव आयुक्त- छेड़छाड़ का सवाल ही नहीं

"EVM से छेड़छाड़ का कोई सवाल ही नहीं उठता। यह 2004 से अब तक लगातार प्रयोग में आ रही है। इसे सभी पार्टियों के प्रत्याशियों के आगे ही सील किया जाता है।"

वाराणसी में मतगणना की प्रैक्टिस के लिए भेजी जा रही EVM की गाड़ी रोक कर हंगामा करने वाले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई शुरू हो गई है। इस मामले में अब तक कुल 300 आरोपितों पर केस दर्ज किया गया है। इन सभी पर पथराव और तोड़फोड़ का आरोप है। पथराव की चपेट में ADG वाराणसी की कार भी आ गई थी। घटना मंगलवार (8 मार्च 2022) की है।

लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने हत्या के प्रयास, लूट, बलवा, सरकारी काम में बाधा समेत 16 संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपितों की पहचान के लिए वीडियो और फोटो की जाँच की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हंगामा वाराणसी से पहाड़िया मंडी की राह में तब किया गया था, जब 2 वाहन EVM लेकर ट्रेनिंग के लिए निकले थे। उस गाड़ी को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रोक लिया था और EVM बदले जाने का आरोप लगा कर हंगामा करने लगे थे। अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर ने भी इस मामले में ट्वीट किया था।

वाराणसी के जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया था कि ये EVM मतगणना के लिए कर्मचारियों की ट्रेनिंग के लिए ले जाया जा रहा था। इस संबंध में चुनाव आयोग को भी रिपोर्ट भेजी गई थी।

चुनाव आयोग ने EVM के साथ छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र ने कहा है, “EVM से छेड़छाड़ का कोई सवाल ही नहीं उठता। यह 2004 से अब तक लगातार प्रयोग में आ रही है। इसे सभी पार्टियों के प्रत्याशियों के आगे ही सील किया जाता है।”

फ़िलहाल इस पूरे घटनाक्रम के बाद चुनाव आयोग ने वाराणसी के ADM को सस्पेंड कर दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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