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ममता कैबिनेट से इस्तीफों की हैट्रिक पूरी, मोदी के आने से पहले राजीब बनर्जी ने TMC को दिया झटका

राजीब बनर्जी का इस्तीफा राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने स्वीकार कर लिया है। उनके भी बीजेपी में जाने की अटकलें लग रही है। उन्होंने इस्तीफा ऐसे वक्त में दिया है जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल दौरे पर आ रहे हैं।

पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलों का अंत होता नहीं दिख रहा है। वन मंत्री और डोमजूर (Domjur) से विधायक राजीब बनर्जी ने ममता कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है।

हाल में ममता कैबिनेट को छोड़ने वाले वे तीसरे मंत्री हैं। उनसे पहले शुभेंदु अधिकारी और लक्ष्मी रतन शुक्ला इस्तीफा दे चुके हैं। नंदीग्राम में खासा प्रभाव रखने वाले शुभेंदु बीजेपी का दामन थाम चुके हैं, जबकि लक्ष्मी रतन पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के करीबी माने जाते हैं।

राजीब बनर्जी का इस्तीफा राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने स्वीकार कर लिया है। उनके भी बीजेपी में जाने की अटकलें लग रही है। उन्होंने इस्तीफा ऐसे वक्त में दिया है जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल दौरे पर आ रहे हैं।

राजीब बनर्जी ने इस्तीफे में लिखा है, “मुझे यह बताते हुए खेद है कि आज 22 जनवरी 2021 को मैंने कैबिनेट मंत्री के पद से अपने कार्यालय से अपना इस्तीफा दे रहा हूँ। पश्चिम बंगाल के लोगों की सेवा करना बहुत सम्मान और सौभाग्य की बात है। मैं इस अवसर को पाने के लिए दिल से आभार व्यक्त करता हूँ।”

कहा जा रहा है कि राजीब बनर्जी भी ममता बनर्जी की कार्यशैली और पार्टी के कामों में उनके भतीजे की बढ़ती दखलंदाजी से नाखुश चल रहे थे। त्यागपत्र देते हुए राजीब ने कहा, “मैं परेशान और मानसिक रूप से आहत था और मुझे यह कदम उठाना पड़ा। मैं दुखी हूँ और इससे मेरा दिल टूट रहा लेकिन मुझे यह करना पड़ा। मैं ममता बनर्जी के इतने सालों के मार्गदर्शन के लिए उनका आभारी हूँ। मैं बंगाल के लोगों के लिए काम करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता हूँ।”

कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी 30 और 31 जनवरी को बंगाल दौरे पर जा रहे हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि उस दौरान कई नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि भाजपा महासचिव व राज्य के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय 40 से ज्यादा तृणमूल कॉन्ग्रेस के विधायकों के संपर्क में होने का दावा पहले ही कर चुके हैं। हालाँकि उन्होंने नामों का खुलासा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि केवल स्वच्छ छवि वाले नेताओं को ही पार्टी में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।

भाजपा नेता ने कहा था,“मेरे पास 41 विधायकों की सूची है जो भाजपा में शामिल होना चाहते हैं। अगर मैं उन्हें भाजपा में शामिल कर लूँ, तो बंगाल सरकार गिर जाएगी। हम उनके बैकग्राउंड को चेक कर रहे हैं और पार्टी में केवल स्वच्छ छवि वाले नेताओं को ही शामिल होने दिया जाएगा। सभी का मानना है कि ममता सरकार सत्ता से जाने वाली है।” गौरतलब है कि अब तक 16 टीएसमी विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें से ज्यादातर बीजेपी में शामिल हुए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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