Homeदेश-समाजपश्चिम बंगाल में एक और BJP कार्यकर्ता की हत्या, पार्टी ने ममता पर लगाया...

पश्चिम बंगाल में एक और BJP कार्यकर्ता की हत्या, पार्टी ने ममता पर लगाया हत्या का आरोप

मारूगंज क्षेत्र का रहने वाला आनंद पाल एक दिन पहले से घर से लापता हो गया था। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार घर वालों ने थाना में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मना कर दिया था।

पश्चिम बंगाल में लगातार हत्याओं का सिलसिला जारी है जिनका शिकार बीजेपी कार्यकर्त्ता हो रहे हैं। इसी कड़ी में बंगाल के कूच बिहार में एक और बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई है। कूचबिहार जिले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक कार्यकर्ता की गला रेत कर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान आनंद पाल के तौर पर हुई है। आनंद मंगलवार (जून 18, 2019) को नाटाबाड़ी इलाके में एक सुनसान जगह पर मृत पाया गया। भाजपा ने इस हत्या का आरोप सीधे सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर लगाया है।

आनंद कूचबिहार के 28 नंबर मंडल में सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर जाना जाता था। मारूगंज क्षेत्र का रहने वाला आनंद पाल एक दिन पहले से घर से लापता हो गया था। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार घर वालों ने थाना में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मना कर दिया था।

गौरतलब है कि, लोकसभा चुनाव के समय से ही बंगाल में राजनीतिक हिंसा का दौर जारी है। इससे गुरुवार (मार्च 13, 2019) को नॉर्थ 24 परगना जिले के बशीरहाट इलाके में महिला भाजपा कार्यकर्ता की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। कार्यकर्ता की पहचान सरस्वती दास के रूप में हुई। भाजपा ने सरस्वती की हत्या के लिए टीएमसी के गुंडों को ज़िम्मेदार बताया। लोग बंगाल में राष्ट्रपति शासन गुहार लगाने की माँग कर रहे हैं। कुछ का ये भी कहना है कि पार्टी के शीर्ष नेताओं को जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए कार्य करने वालों की अब कदर नहीं रही हैं, तो कुछ का कहना है कि इसके लिए भाजपा पर ऊँगली क्यों उठाई जा रही है, सवाल ममता बनर्जी और बंगाल पुलिस से होना चाहिए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -