Friday, October 7, 2022
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अब मैं रो दूँगा: ममता की भरी सभा में अपमानित होने के बाद काँपने लगी महामहिम की आवाज़

यह कार्यक्रम दुर्गा पूजा महोत्सव के दौरान पश्चिम बंगाल के 10 सबसे भव्य पंडालों को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया गया था। शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मल्टी-फुटेज कैमरा से रिकॉर्डिंग की गई थी लेकिन.....

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने आरोप लगाया है कि कोलकता में दुर्गा पूजा महोत्सव के दौरान उन्हें अपमानित किया गया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की उपस्थिति में उन्हें सरेआम अपमानित किया गया, जिससे वह व्यथित हैं और इसका उन्हें बहुत दुःख हुआ है। उन्होंने बताया कि उन्हें पूजा महोत्सव के दौरान न तो मंच पर जगह दी गई और न ही टीवी पर एक सेकंड के लिए भी दिखाया गया। कार्यक्रम में पूरी कोशिश की गई कि उन्हें कैमरा फुटेज न मिले। जबकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अन्य नेताओं व अधिकारियों के साथ मंचासीन थीं।

यह कार्यक्रम दुर्गा पूजा महोत्सव के दौरान पश्चिम बंगाल के 10 सबसे भव्य पंडालों को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया गया था। शुक्रवार (अक्टूबर 11, 2019) को आयोजित इस कार्यक्रम में मल्टी-फुटेज कैमरा से रिकॉर्डिंग की गई थी लेकिन राज्यपाल जगदीप धनखड़ को इस पूरे वीडियो में एक बार भी नहीं दिखाया गया। मल्टी-कैमरा को एक एजेंसी द्वारा ऑपरेट किया जा रहा है, जिसे तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार ने चुना था।

हालाँकि, राज्यपाल धनखड़ ने किसी का प्रत्यक्ष रूप से नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा साफ़ था कि पश्चिम बंगाल में सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व में चल रही तृणमूल कॉन्ग्रेस की सरकार ने उनके साथ औपचारिक शिष्टता तक भी नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ उनका ही अपमान नहीं है बल्कि पूरे पश्चिम बंगाल की जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि जनता कभी भी इस अपमान को पचा नहीं पाएगी। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि वो जनता के सेवक हैं और उन्हें उनका संवैधानिक कर्तव्य पूरा करने से कोई भी नहीं रोक सकता।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने काँपती हुई आवाज़ में कहा कि वो आहत दिल से अपने इस अपमान का जिक्र कर रहे हैं और उन्हें अपने साथ हुए व्यवहार को लेकर रोना भी आ रहा है। उन्होंने बताया कि इस अपमान की पीड़ा से बाहर निकलने के लिए उन्हें 3 दिन लगे। उन्होंने बताया कि वो अपमान के बावजूद वहाँ पर कार्यक्रम में बने रहे क्योंकि वो पश्चिम बंगाल की जनता के टैलेंट को देखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि अगर बंगाल की जनता के लिए उन्हें दर्द सहना है तो वो सहते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि उनकी इस पीड़ा के कारण वो लोग हैं, जिनके पास बंगाल की जनता की तरह अच्छी सोच और बड़ा दिल नहीं है। राज्यपाल ने कहा कि वो बंगाल सरकार द्वारा राज्य के प्रथम सेवक के साथ इस तरह के व्यवहार की तारीफ़ करते हैं क्योंकि बंगाल की जनता सब देख रही है। बता दें कि कुछ दिनों पहले जब जाधवपुर यूनिवर्सिटी में केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को घेर कर छात्रों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था, तब राज्यपाल धनखड़ ने उन्हें पुलिस बल के साथ जाकर वहाँ से निकाला था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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