Friday, July 1, 2022
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55 सालों में पहली बार पंजाब को मिलेगा हिन्दू CM? कभी सनी देओल ने हरा दिया था, अब मुख्यमंत्री की रेस में सुनील जाखड़

पंजाब कॉन्ग्रेस के पूर्व प्रमुख रहे सुनील जाखड़ राजनीतिक परिवार से ही आते हैं। पंजाब के फजिल्का जिले के अंबोहर के पंजकोसी गाँव के निवासी हैं।

पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के बीच चल रहे सियासी घमासान के बीच शनिवार (18 सितंबर, 2021) को अमरिंदर सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद अब राज्य के मुख्यमंत्री बनने की रेस में सुनील जाखड़ और नवजोत सिंह सिद्धू का नाम उभर कर सामने आ रहा है। जाखड़ पंजाब में प्रमुख हिंदू नेता हैं।

कौन हैं सुनील जाखड़

पंजाब कॉन्ग्रेस के पूर्व प्रमुख रहे सुनील जाखड़ राजनीतिक परिवार से ही आते हैं। पंजाब के फजिल्का जिले के अंबोहर के पंजकोसी गाँव के निवासी हैं। वह शुरू से ही कॉन्ग्रेस के विश्वासपात्र रहे हैं। इसी तरह से उनके पिता बलराम जाखड़ भी कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार थे। सुनील जाखड़ अबोहर विधानसभा क्षेत्र से ही पहली बार साल 2000 में विधायक का चुनाव जीते थे। यहाँ से वो लगातार तीन बार जीतकर वर्ष 2007 औऱ 2012 विधानसभा पहुँचे थे।

वह साल 2012-2017 तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। इसके बाद वो पंजाब की गुरुदासपुर सीट से लोकसभा भी पहुँचे। उनसे पहले तक दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना भाजपा के यहाँ से सांसद थे। उनकी मौत के बाद 2017 में हुए उपचुनाव में जाखड़ ने जीत हासिल की। हालाँकि, वो सांसद केवल 2 साल ही रह पाए, क्योंकि 2019 के आम चुनावों के दौरान बीजेपी के कैंडिडेट और अभिनेता सनी देओल ने उन्हें हराकर इस सीट पर कब्जा कर लिया। सनी देओल ने जाखड़ को 82,459 मतों से हराया था।

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के करीबियों में से एक माने जाने वाले जाखड़ ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एमबीए की पढ़ाई की है।

अब कैप्टन अमरिंदर सिंह के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद जाखड़ सीएम कैंडिडेट माने जा रहे हैं। राज्य में विधायक दल की बैठक से पहले ही सुनील जाखड़ ने राहुल गाँधी की तारीफ में कसीदे पढ़ दिए हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘’राहुल गाँधी ने बेहद उलझी हुई गुत्थी के पंजाबी संस्करण के समाधान का रास्ता निकाल लिया है। आश्चर्यजनक ढंग से नेतृत्व के इस साहसिक फैसले से न सिर्फ पंजाब कांग्रेस के झगड़े को खत्म किया गया है, बल्कि इससे कार्यकर्ता भी खुश हो गए हैं। इसने अकालियों की बुनियाद हिला दी है।’’

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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