Saturday, October 23, 2021
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2019 से अब तक किया बहुत काम, बंगाल में जीतेंगे 200 से ज्यादा सीटें: BJP नेता कैलाश विजयवर्गीय

"बंगाल में अब तक जिसकी भी सरकार रही, उन्होंने देश के बारे में नहीं सोचा सिर्फ़ कुर्सी के बारे में सोचा। घुसपैठिए ऐसे आए जैसे बंगाल धर्मशाला हो। उनके साथ तमाम अपराध भी आए। तो बंगाल चुनाव के लिहाज से सबके लिए जरूरी है।"

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से एक बार फिर ऐलान किया गया है कि इन चुनावों में वह 200 से ज्यादा सीटें जीतने वाले हैं।

भाजपा के बंगाल में इंचार्ज कैलाश विजयवर्गीय ने कहा अपनी जीत के प्रति आश्वस्त होते हुए कहा कि लोकसभा चुनावों में भी लोगों को विश्वास नहीं था कि भाजपा इतनी ताकतवर है लेकिन अब शंका दूर हो गई है। इसलिए उन्हें लगता है कि उनकी पार्टी लोकसभा से ज्यादा वोट पाएँगे और उनका विश्वास है कि वो 200 से ज्यादा सीट जीतेंगे।

कैलाश विजयवर्जीय ने चुनावों के सबसे बड़े मुद्दे भ्रष्टाचार, माफिया राज, सिंडिकेट राज को बताया। उन्होंने कहा कि इन सबके अलावा राज्य में डेवलपमेंट रुक गया है। लोगों ने मान लिया है कि बंगाल का विकास नहीं होगा क्योंकि वहाँ एक तरह से माफियों का साम्राज्य हो गया है। आम जनता ठगा महसूस कर रही है। उन्हें पता चल गया है कि केंद्र सरकार की योजनाएँ तक उनके पास नहीं पहुँच पा रहीं। इसलिए उन्हें कहीं से कहीं तक शक नहीं है कि वो बंगाल में दो तिहाई से कम बहुमत से चुनाव जीतेंगे।

कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि उन लोगों ने 2019 से 2021 के बीच बहुत काम किया है। वहाँ के कई ताकतवर कैंडिडेट भाजपा के साथ जुड़े हैं, फिर चाहे वो सुवेंदु अधिकारी हों या राजीव बनर्जी हों।

इसके अलावा भी काफी लोग हैं जो दूसरी पार्टी से थे और अब वह भाजपा के साथ आ गए हैं। जिसे देख कह सकते हैं कि उनकी ताकत उन इलाकों में बढ़ी जहाँ उन्हें पिछली बार सफलता नहीं मिली थी। इसलिए कह सकते हैं कि उन्हें बड़ी सफलता मिलेगी।

मुख्यमंत्री कैंडिडेट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने आंतरिक लोकतंत्र पर बात की। उन्होंने कहा कि जहाँ उनकी कभी सरकार नहीं बनी होती है वहाँ वह लोग पहले उम्मीदवार की घोषणा नहीं करते हैं। चुनाव जीतने के बाद बैठक होगी, सब अपना नेता चुनेंगे और उसके बाद बोर्ड सहमति प्रदान करेगा, उसे मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा। इसलिए मुख्यमंत्री चुनना उनके लिए चुनौती नहीं है बस उनका लक्ष्य दो तिहाई बहुमत से जीतना है।

ममता बनर्जी के काउंटर अभियान को लेकर वह बोले कि ममता बनर्जी भाजपा को बाहरी पार्टी मानती हैं। लोग नहीं मानते। उन्हें पता है कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी इस पार्टी के पहले अध्यक्ष थे। इसलिए उनकी बातों को कोई गंभीरता से लेता ही नहीं है। मीडिया इसे तूल देती है, आम जन नहीं।

बंगाल चुनाव में जीत की महत्ता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये चुनाव सबके लिए महत्तवपूर्ण है क्योंकि वहाँ जिस प्रकार बाहरी ताकतें आ रही हैं और देश विरोधी गतिविधियाँ हो रही है, वो सबके लिए चिंता की बात है। वह कहते हैं कि बंगाल में अब तक जिसकी भी सरकार रही, उन्होंने देश के बारे में नहीं सोचा सिर्फ़ कुर्सी के बारे में सोचा। घुसपैठिए ऐसे आए जैसे बंगाल धर्मशाला हो। उनके साथ तमाम अपराध भी आए। तो बंगाल चुनाव के लिहाज से सबके लिए जरूरी है।

बता दें कि आज मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया है पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में चुनाव कराया जाएगा। पहला चरण 27 मार्च को होगा, दूसरा- 1 अप्रैल को, तीसरा- 6 अप्रैल को, चौथा- 10 अप्रैल को, पाँचवा- 17 अप्रैल को, छठा-22 अप्रैल को, सातवाँ- 26 अप्रैल को और अंतिम चरण 29 अप्रैल को होगा।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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