Tuesday, October 19, 2021
Homeराजनीतिसिद्धू की रैली में गूँजा ‘मोदी-मोदी’ का स्वर, महिला ने फेंकी चप्पल

सिद्धू की रैली में गूँजा ‘मोदी-मोदी’ का स्वर, महिला ने फेंकी चप्पल

दरअसल, रोहतक में एक रैली को संबोधित करते हुए, एक महिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ बोलने पर पंजाब के मंत्री पर अपनी चप्पल फेंकी। हालाँकि, उस महिला का निशाना चूक गया और मौक़े पर मौजूद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

लोकसभा चुनाव 2019 की सरगर्मी लगभग हर दिशा में देखने को मिल रही है। कहीं जुमलेबाजी का दौर है तो कहीं व्यक्तिगत हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। अभी हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को थप्पड़ मारने की ख़बर सामने आई थी, इसी बीच कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पर एक महिला द्वारा अपनी चप्पल (स्लीपर) फेंकने की ख़बर का ख़ुलासा हुआ है।

दरअसल, रोहतक में एक रैली को संबोधित करते हुए, एक महिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ बोलने पर पंजाब के मंत्री पर अपनी चप्पल फेंकी। हालाँकि, उस महिला का निशाना चूक गया और मौक़े पर मौजूद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। महिला ने पुलिस को बताया कि उसने चप्पल इसलिए फेंकी थी क्योंकि वो पीएम मोदी के ख़िलाफ़ बात कर रहे थे।

हालाँकि, इस घटना को दिखाने वाला कोई वीडियो तो सामने नहीं आया है, लेकिन एक छोटा वीडियो सामने आया है जिसमें हिरासत में ली गई महिला पुलिस कर्मियों से बात कर रही है, जिसमें सुना जा सकता कि उसने अपनी चप्पल इसलिए फेंकी थी क्योंकि सिद्धू, नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ बात कर रहे थे।

चप्पल फेंकने वाली महिला एकमात्र ऐसी नहीं थी जो सिद्धू की रैली के विरोध में थी, बल्कि वहाँ मौजूद कई लोग मोदी-मोदी के नारे भी लगा रहे थे।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘सहिष्णुता और शांति का स्तर ऊँचा कीजिए’: हिंदी को राष्ट्रभाषा बताने पर जिस कर्मचारी को Zomato ने निकाला था, उसे CEO ने फिर बहाल...

रेस्टॉरेंट एग्रीगेटर और फ़ूड डिलीवरी कंपनी Zomato के CEO दीपिंदर गोयल ने उस कर्मचारी को फिर से बहाल कर दिया है, जिसे कंपनी ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बताने पर निकाल दिया था।

बांग्लादेश के हमलावर मुस्लिम हुए ‘अराजक तत्व’, हिंदुओं का प्रदर्शन ‘मुस्लिम रक्षा कवच’: कट्टरपंथियों के बचाव में प्रशांत भूषण

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के नरसंहार पर चुप्पी साधे रखने के कुछ दिनों बाद, अब प्रशांत भूषण ने हमलों को अंजाम देने वाले मुस्लिमों की भूमिका को नजरअंदाज करते हुए पूरे मामले में ही लीपापोती करने उतर आए हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,963FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe