Thursday, April 25, 2024
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सिंगापुर ने केजरीवाल को भेजा निमंत्रण 20 जुलाई को ही ले लिया था वापस, खुलासे के बाद केंद्र सरकार पर भड़की आम आदमी पार्टी

जब दिल्ली के मुख्यमंत्री की तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो निमंत्रण को 20 जुलाई को ही कैंसिल कर दिया था। वहीं केजरीवाल ने सिंगापुर न जाने के पूरा ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ दिया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सिंगापुर दौरे पर नहीं जा पाएँगे। सीएम केजरीवाल के सिंगापुर जाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि वर्ल्ड सिटीज समिट में जाने के निमंत्रण को सिंगापुर ने 20 जुलाई को ही कैंसिल कर दिया था। जबकि केजरीवाल ने 21 जुलाई को विदेश मंत्रालय के सामने सिंगापुर जाने की अनुमति माँगी। 

इससे जुड़ा सिंगापुर के विदेश मंत्रालय का एक ई-मेल भी आया था। 15 जुलाई को भेजे गए ई-मेल में साफ लिखा था कि निमंत्रण स्वीकार करने की आखिरी तारीख 20 जुलाई तक ही है। जब दिल्ली के मुख्यमंत्री की तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो निमंत्रण को 20 जुलाई को ही कैंसिल कर दिया था। वहीं केजरीवाल ने सिंगापुर न जाने के पूरा ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ दिया है।

पूरे मामले पर दिल्ली की केजरीवाल सरकार पहले से ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तरह-तरह के आरोप लगा रही थी और अब एक बार फिर इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। दिल्ली सरकार का कहना है कि अनुमति से संबंधित फाइल उप राज्यपाल वीके सक्सेना को 7 जून को ही भेज दी गई थी। LG की ओर से डेढ़ महीने तक कोई जवाब नहीं आया और 20 जुलाई को जब डेडलाइन खत्म हो गई तो 21 जुलाई को यह कह कर फाइल वापस भेज दी कि ये शिखर सम्मेलन मेयर स्तर का है। इसमें मुख्यमंत्री के जाने का कोई औचित्य नहीं है। 

उप राज्यपाल द्वारा उनकी फाइल को खारिज करने के बाद, केजरीवाल ने कहा था कि वह उप राज्यपाल की सलाह से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह सिंगापुर जरुर जाएँगे। सीएम अपनी टीम को विदेश मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर ‘राजनीतिक मंजूरी’ के लिए आवेदन करने के लिए कहा था। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में पीएम नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने सिंगापुर नहीं जाने देने पर निराशा जताई थी। उन्होंने कहा था कि एक मुख्यमंत्री को इस तरह के कार्यक्रम में शामिल होने से रोकना ‘राष्ट्र के हितों के खिलाफ’ है।

वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से कहा गया है कि इससे साफ है कि केंद्र सरकार की मंशा मुख्यमंत्री को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के अलावा अन्य क्षेत्रों में हुए विश्वस्तरीय कामकाज के बारे में बताने से रोकने की थी। केंद्र सरकार की मंशा बेशक पूरी हुई हो, लेकिन इससे देश को वैश्विक समुदाय के बीच जिस तरह से नीचा देखना पड़ा है, उसके ज़िम्मेदार भी वही हैं।

गौरतलब है कि एलजी की ओर से फाइल लौटाए जाने के बाद दिल्ली सरकार ने विदेश मंत्रालय से मंजूरी की माँग की थी। अरविंद केजरीवाल को सिंगापुर शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण मिलने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ”सिंगापुर सरकार ने दिल्ली सरकार को दिए गए निमंत्रण पर अपडेट शेयर किया है। आप इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए दिल्ली सरकार से संपर्क कर सकते हैं।”

बता दें कि सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने जून में केजरीवाल को अगस्त के वर्ल्ड सिटीज समिट में आमंत्रित किया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री को 1 अगस्त को शामिल होने के लिए कहा गया था। यह सम्मेलन 31 जुलाई से 3 अगस्त तक होगा। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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