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66 करोड़ खादी के मास्क, 20 लाख महिलाओं व 6 लाख बुनकरों को रोजगार: सस्ते में मास्क उपलब्ध कराने का योगी मॉडल

'भारतीय हरित खादी' नामक संस्था को ये जिम्मेदारी दी गई है कि वो मास्क बनाने वालों को प्रशिक्षित करें और स्वास्थ्य मानकों का भी ध्यान रखा जाए। प्रदेश में फ़िलहाल 2000 स्वयं सहायता समूहों से 20 लाख महिलाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा 6 लाख बुनकरों के भी दिन फिरेंगे। ग्राम्य विकास विभाग इन मास्कों को गाँवों में बँटवाएगा।

भारत में कोरोना वायरस से उपजी आपदा के बीच एक चीज की माँग अगर सबसे ज्यादा बढ़ी है तो वो है मास्क। देश में मास्कों की कमी की बात कही जा रही थी, जिसे पूरा करने के लिए सरकार ने ऐसा तरीका अपनाया है जिससे न सिर्फ़ लोगों की ज़रूरतें पूरी होंगी बल्कि कई महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा। मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में ‘होम मेड मास्क’ पहन कर जनता को पहले ही ये सन्देश दे चुके हैं कि उन्हें महँगे मास्क ख़रीदने के लिए दुकानों में भीड़ जुटाने की आवश्यकता नहीं हैं, वो घर में बने मास्क भी आसानी से पहन सकते हैं।

योगी आदित्यनाथ की सरकार ने खादी को कोरोना के ख़िलाफ़ सुरक्षा कवच के रूप में अपनाने का फ़ैसला लिया है। खादी को घर-घर पहुँचाने में भी इसकी अहम भूमिका होगी। लोग स्वस्थ भी रहेंगे, बुनकरों को रोजगार भी मिलेगा और स्वदेशी की ब्रांडिंग भी होगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रमुख सचिव डॉ़. नवनीत सहगल ने योगी सरकार के इस निर्णय के बारे में अधिक जानकारी देते हुए बताया:

“ग्राम विकास विभाग की स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं द्वारा यह खादी के मास्क तैयार किए जा रहे हैं। उन्हें इसके लिए 6 लाख मीटर कपड़ा दे दिया गया है। एक मीटर कपड़े में लगभग आठ मास्क बन जाते हैं। बची हुई कतरन से एक-दो और मास्क बनाए जा सकते हैं। इस तरह इतने कपड़ों में करीब 50 लाख मास्क तैयार कर लिए जाएँगे। बाजार में एक जोड़े मास्क का मूल्य मात्र 20-22 रुपए ही होगा। इसमें दोहरा रोजगार है। एक तो कपड़ा बुनकरों को और दूसरा मास्क बना रही महिलाओं को फायदा मिलेगा। स्वयं सहायता समूहों के लोग इसे बाजार तक पहुँचाएँगे।”

खादी के मास्कों के उत्पादन में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ये सारे न सिर्फ़ 2-3 लेयर के होंगे बल्कि इन्हें दो-दो की पैकिंग में उपलब्ध कराया जाएगा। कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों से बचाव में भी इसका उपयोग होगा, जो वायरस से होते हैं। ‘भारतीय हरित खादी’ नामक संस्था को ये जिम्मेदारी दी गई है कि वो मास्क बनाने वालों को प्रशिक्षित करें और स्वास्थ्य मानकों का भी ध्यान रखा जाए। प्रदेश में फ़िलहाल 2000 स्वयं सहायता समूहों से 20 लाख महिलाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा 6 लाख बुनकरों के भी दिन फिरेंगे। ग्राम्य विकास विभाग इन मास्कों को गाँवों में बँटवाएगा।

बताया गया है कि 66 करोड़ मास्क बनाए जाएँगे। योगी सरकार लोगों के हित के लिए इस कठिन समय में ख़र्च करने के लिए तैयार है। यूपी के सभी जिलों को जरूरी उपाय करने, मेडिकल उपकरण खरीदने के लिए 389 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसके साथ ही जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए 750 करोड़ रुपयों की व्यवस्था की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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