मुरारी बापू ने CM कमलनाथ को दी आत्मदाह की धमकी, कहा- BJP के खिलाफ माहौल बनाने का मिले इनाम

आचार्य देव मुरारी बापू ने कहा- कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के कहने पर 15 जिलों में भाजपा सरकार के खिलाफ़ प्रचार किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद मुझे दरकिनार कर दिया।

साल 2018 में मध्यप्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के समय कॉन्ग्रेस के लिए बढ़-चढ़ कर प्रचार करने वाले आचार्य देव मुरारी बापू ने सोमवार (अगस्त 19, 2019) को राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ को आत्मदाह करने की धमकी दी है। दरअसल, वृंदावन के संत आचार्य देव मुरारी बापू अपनी दूसरी माँगों के साथ राज्य के गौ संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष न बनाए जाने को लेकर नाराज हैं। वह अब कमलनाथ सरकार की सत्ता में भागीदारी की बात कर कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक राम मंदिर न्यास के अध्यक्ष अब अपने लिए मंत्री का दर्जा माँग रहे हैं। उन्होंने सीधी धमकी दी है कि पद नहीं मिलने पर वह सुसाइड कर लेंगे। उनकी मानें तो चुनाव में बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाने का उन्हें इनाम मिलना चाहिए और उन्हें गौ संवर्धन बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने रविवार (अगस्त 18, 2019) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैंने पिछले साल नवंबर में मध्यप्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कॉन्ग्रेस को समर्थन देकर उसके पक्ष में प्रचार किया था। संतों के समर्थन के बिना मध्यप्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार नहीं बन सकती थी। लेकिन कॉन्ग्रेस सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है।”

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इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने कमलनाथ से माँग की थी कि 15 अगस्त तक मध्यप्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड में उनकी नियुक्ति की जाए ताकि वह गौ सेवा कर सकें, लेकिन उनकी यह माँग अनसुनी कर दी गई। जिस कारण वे बेहद आहत हैं और इसलिए मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्महत्या करेंगे। उनका कहना है कि इस सरकार ने संतों की मांगों को नहीं मानने से उनके मान-सम्मान को गिराया है।

उनकी मानें तो उन्होंने साल 2018 में कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के कहने पर 15 जिलों में वहाँ की भाजपा सरकार के खिलाफ़ प्रचार किया था, लेकिन कमलनाथ सरकार ने सत्ता संभालने के बाद केवल 2 हिंदू धार्मिक नेताओं को ही जिम्मेदारी दी। एक कम्प्यूटर बाबा और दूसरे स्वामी सुबोधानंद जबकि उन्हें दरकिनार कर दिया गया। बता दें आचार्य देव मुरारी बापू ने भाजपा से अपनी जान को खतरा बताते हुए वाई श्रेणी की सुरक्षा की भी माँग की है।

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