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ममता बनर्जी के विरोध में चुनाव आयोग से मिला BJP प्रतिनिधिमंडल, 2019 चुनाव के लिए रखी माँग

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'चुनाव आयोग से बैठक के दौरान हमने पश्चिम बंगाल में खतरनाक स्थिति का आकलन करने के लिए अपील की।

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के खींचतान के बीच बीजेपी के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ मुलाकात करते हुए, राज्य में बिगड़ती हुई कानून-व्यवस्था की जानकारी दी। पत्रकारों से बात करते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि टीएमसी के सहयोग से जो पश्चिम बंगाल में जो नाटक चल रहा है, उसके बारे में हमने चुनाव आयोग को बताया कि किस तरह से टीएमसी राज्य में लोकतंत्र की हत्या कर रही है।

बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव, भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री एस एस अहिरवालिया शामिल थे। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार जानबूझकर राज्य में बीजेपी के नेताओं की “रैलियों को रोक रही है”।

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘चुनाव आयोग से बैठक के दौरान हमने पश्चिम बंगाल में खतरनाक स्थिति का आकलन करने के लिए अपील की। हमने चुनाव आयोग से राज्य सरकार के उन अधिकारियों को हटाने के लिए भी कहा है जो राज्य सरकार के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष 2019 लोकसभा चुनाव के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों के तैनाती की माँग की है।’

ममता बनर्जी, सीबीआई को लेकर क्या है पूरा मामला

रविवार (फरवरी 3, 2019) को शारदा चिटफंड घोटाला मामले में CBI की टीम कोलकाता में पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के निवास स्थान पर उनसे पूछताछ के लिए पहुँची थी। जिसपर CBI टीम को पुलिसकर्मियों ने अन्दर नहीं जाने दिया था और ऑफिसरों को गिरफ़्तार किया था। हालाँकि कुछ घंटों बाद उन्हें रिहा भी कर दिया गया था। अब विवाद इस बात को लेकर बढ़ गया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी कमिश्नर के घर पहुँच गईं और केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और धरने पर बैठ गईं।

CBI ने यह दावा किया है कि, राजीव कुमार की गिनती मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के क़रीबियों में है। राजीव कुमार 2013 में शारदा चिटफंड घोटाले मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी के प्रमुख थे। उनके ऊपर जाँच के दौरान गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं। बतौर एसआईटी प्रमुख राजीव कुमार ने जम्मू कश्मीर में शारदा के चीफ़ सुदीप्त सेन गुप्ता और उनके सहयोगी देवयानी को गिरफ़्तार किया था।

जिनके पास से डायरी भी बरामद की गई थी। ऐसा कहा जाता है कि इस डायरी में चिटफंड से रुपये लेने वाले नेताओं के नाम दर्ज थे। और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार पर इसी डायरी को ग़ायब करने का आरोप है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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