Friday, April 19, 2024
Homeबड़ी ख़बरUPA-2 ने क्रिश्चियन मिशेल के दबाव में टाला था राफेल डील: रिपोर्ट्स

UPA-2 ने क्रिश्चियन मिशेल के दबाव में टाला था राफेल डील: रिपोर्ट्स

2012 में राफेल डील को लेकर तब की केंद्र सरकार अचानक से बहुत उत्‍सुक नहीं रह गई थी। और यह तब हुआ था जबकि दसॉ (राफेल बनाने वाली कंपनी) को सबसे कम बोली लगाने वाला (L1) घोषित किया जा चुका था।

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले मामले के आरोपित क्रिश्चियन मिशेल का नाम अब राफेल डील में भी सामने आ रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को शक है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए-2 के दौरान राफेल लड़ाकू विमान के सौदे में हुई देरी के लिए वैश्विक डिफेंस डील का चर्चित बिचौलिया क्रिस्चन मिशेल का हाथ हो सकता है। इस संबंध में ईडी अब जाँच कर सकती है। यह जाँच इसलिए भी की जाएगी क्योंकि अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चॉपर डील की कथित सफलता के बाद क्रिस्चन मिशेल की पहुँच काफी बढ़ गई थी।

प्रवर्तन निदेशालय के एक सूत्र (उच्च पदस्थ) ने बताया कि 2012 में राफेल डील को लेकर तब की केंद्र सरकार बहुत उत्‍सुक नहीं थी। और यह तब हुआ था जबकि दसॉ (राफेल बनाने वाली कंपनी) को सबसे कम बोली लगाने वाला (L1) घोषित किया जा चुका था। इस कारण से केंद्र सरकार की बातचीत कंपनी के साथ बहुत आगे बढ़ गई थी। लेकिन अचानक से कुछ मुद्दों पर मतभेद काफी बढ़ गया था। इसके बाद मनमोहन सरकार ने इस डील को ठंडे बस्‍ते में डाल दिया था। प्रवर्तन निदेशालय की नज़र राफेल डील में हुई देरी को लेकर क्रिस्चन मिशेल पर इसलिए भी टिक गई है क्योंकि उसने राफेल के प्रतिस्‍पर्द्धी यूरोफाइटर में अपनी दिलचस्‍पी बढ़ा ली थी।

‘मिशेल को डिफेंस पर कैबिनेट मीटिंग और गुप्त फ़ाइलों का पता’

10 जनवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, “अगस्ता वेस्टलैंड के मामले में आरोपित बिचौलिया मिशेल को रक्षा मामले में कैबिनेट की मीटिंग और रक्षा से जुड़ी सरकार की गुप्त फ़ाइलों के बारे में कैसे पता चल जाता था?”

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा था कि देश की जनता कॉन्ग्रेस से यह जानना चाहती है कि मिशेल ने देश की सुरक्षा से जुड़े इन मामलों में कैसे हस्तक्षेप किया। वैश्विक ताकतें अक्सर यह चाहती हैं कि अपने देश की सैन्य ताकत मजबूत नहीं हो। ऐसे में रक्षा सौदे में एक विदेशी बिचौलिए की भूमिका निश्चित रूप से देश के लिए खतरनाक है।

मिशेल की पहुँच CCS, PMO ही नहीं बल्कि जाँच एजेंसियों तक भी!

आपको बता दें कि यह आश्चर्यजनक रहस्योद्घाटन मिशेल के 2009 के डिस्पैच के आधार पर किया गया है, जिसे उसने अपने साथी बिचौलिए, गुइडो राल्फ हाश्के को लिखा था। 6 दिसंबर 2009 के इस डिस्पैच में, हाश्के को अगस्ता वेस्टलैंड चॉपर घोटाले के एक सह-अभियुक्त वकील गौतम खेतान से दूरी बनाने की बात लिखी गई है।

इसका कारण बताते हुए क्रिश्चियन मिशेल ने हाश्के को लिखा था कि खेतान ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भीतर अपने ‘दोस्त’ के साथ मिलकर रियल एस्टेट फर्म एम्मार एमजीएफ़ के ख़िलाफ़ छापा मारने की कोशिश की थी। उस समय कंपनी अपना पहला इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) शुरू करने वाली थी। लेकिन एमजीएफ़ के लोगों को इसके बारे में पता चल गया था और उन्होंने हाश्के के लोगों को ‘गेट लॉस्ट’ कहा था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कॉन्ग्रेस-CPI(M) पर वोट बर्बाद मत करना… INDI गठबंधन मैंने बनाया था’: बंगाल में बोलीं CM ममता, अपने ही साथियों पर भड़कीं

ममता बनर्जी ने जनता से कहा- "अगर आप लोग भारतीय जनता पार्टी को हराना चाहते हो तो किसी कीमत पर कॉन्ग्रेस-सीपीआई (एम) को वोट मत देना।"

1200 निर्दोषों के नरसंहार पर चुप्पी, जवाबी कार्रवाई को ‘अपराध’ बताने वाला फोटोग्राफर TIME का दुलारा: हिन्दुओं की लाशों का ‘कारोबार’ करने वाले को...

मोताज़ अजैज़ा को 'Time' ने सम्मान दे दिया। 7 अक्टूबर को इजरायल में हमास ने जिन 1200 निर्दोषों को मारा था, उनकी तस्वीरें कब दिखाएँगे ये? फिलिस्तीनी जनता की पीड़ा के लिए हमास ही जिम्मेदार है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe