ECIL ने कहा सैयद शूजा कभी भी ECIL में कार्यरत नहीं था

चुनाव आयोग और ECIL के स्पष्टीकरण के बाद यह वाकया एक हास्यास्पद स्तर पर पहुँच चुका है। कुछ पत्रकारों ने यह भी सवाल उठाए कि अगर कोई व्यक्ति कह रहा है तो इस बात की जाँच अवश्य की जानी चाहिए।

विदेश में बैठकर तमाम निर्वाचन व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाने वाले  EVM ‘टेक एक्सपर्ट’ सैयद शूजा आज दिनभर चर्चा में रहे। पहला तो इस कारण कि आज ही निर्वाचन आयोग ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर भ्रामक अफ़वाह फैलाने के अपराध में सैयद शूजा पर FIR दायर करने का निर्देश दिया है। वहीं जिस ECIL कम्पनी का कर्मचारी होने का सैयद शूजा दावा कर रहे थे, उन्होंने एक लिखित जानकारी में स्पष्टीकरण दिया है कि सैयद शूजा नाम का कोई भी व्यक्ति ECIL कम्पनी का हिस्सा नहीं रहा है।

ECIL कम्पनी द्वारा जारी स्पष्टीकरण की कॉपी

कम्पनी ने स्पष्टीकरण में लिखा है कि सैयद शूजा नाम के किसी भी व्यक्ति का EVM निर्माण में कोई योगदान नहीं रहा है और ना ही 2009 से 2014 के बीच कोई सैयद शूजा ECIL कम्पनी में कार्यरत था।

उप चुनाव आयुक्त को लिखे इस पत्र में यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि सैयद शूजा का ECIL कम्पनी से कभी कोई वास्ता नहीं रहा है। अपने एक लाइव प्रसारण में सैयद शूजा नाम का यह व्यक्ति बता रहा था कि उसने 2009 से लेकर 2014 तक ECIL के लिए काम किया था और उस पर 4 दिन पहले हमला किया गया था।

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बता दें कि सैयद शूजा नाम के इस तथाकथित ‘टेक एक्सपर्ट’ के ख़िलाफ़ देश के निर्वाचन आयोग आज (जनवरी 22, 2019) ही दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर रिपोर्ट दर्ज़ करने का निर्देश दे चुका है।

लंदन में EVM को हैक करने का दावा करने वाले सैयद शूजा के दावे को EVM बनाने वाली कम्पनी ECIL (इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड) ने भी नकार दिया है। कम्पनी ने अपने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि इस नाम का कोई भी शख्स कभी भी डिज़ाइनिंग टीम का हिस्सा नहीं रहा है।

सैयद शूजा नाम का यह व्यक्ति सोमवार (जनवरी 21, 2019) को राजनीतिक दलों पर 2014 के आम चुनावों में EVM में गड़बड़ी करने के आरोप लगाकर चर्चा में आया था और आरोप लगाया था कि पत्रकार गौरी लंकेश की मौत की वजह यह थी कि वह इस गड़बड़ी पर प्रोग्राम करना चाहती थी। बीजेपी के पूर्व नेता गोपीनाथ मुंडे की मौत को भी इस ‘टेक एक्सपर्ट’ ने EVM प्रकरण से जोड़ा था।

चुनाव आयोग और ECIL के स्पष्टीकरण के बाद यह वाकया एक हास्यास्पद स्तर पर पहुँच चुका है। कुछ पत्रकारों ने यह भी सवाल उठाए कि अगर कोई व्यक्ति कह रहा है तो इस बात की जाँच अवश्य की जानी चाहिए। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हैकर की प्रेस कांफ्रेंस को कॉन्ग्रेस प्रायोजित सर्कस करार दिया। लंदन से आयोजित इस लाइव प्रेस वार्ता में कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल शामिल थे।

इस मामले पर ऑपइंडिया संपादक के विचार आप पढ़ सकते हैं।

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