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₹14,500 करोड़ के बैंक लोन फ्रॉड मामले में अहमद पटेल के बेटे को ED ने फिर किया तलब

ईडी गुजरात की कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक के संचालक संदेसरा बंधुओं के साथ अहमद पटेल के बेटे और दामाद के संबंधों और लेनदेन की जाँच कर रही है। बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में दवा कंपनी और उसके प्रमुख प्रवर्तक नीतिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा आरोपित हैं।

कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी के करीबी और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल के बेटे फैसल पटेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्टर्लिंग बायोटेक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलब किया है। ईडी ने फैसल पटेल को गुरुवार (सितंबर 12, 2019) को पूछताछ के लिए पेश होने का आदेश दिया है।

ईडी गुजरात की कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक के संचालक संदेसरा बंधुओं के साथ अहमद पटेल के बेटे और दामाद के संबंधों और लेनदेन की जाँच कर रही है। बता दें कि, गुजरात में फॉर्मा क्षेत्र की इस कंपनी का संचालन वडोदरा का संदेसरा परिवार करता है। आरोप है कि 14,500 करोड़ रुपए के बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में दवा कंपनी और उसके प्रमुख प्रवर्तक नीतिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा आरोपित हैं। फिलहाल, ये सभी फरार हैं। संदेसरा परिवार की प्रमुख राजनीतिज्ञों के साथ नजदीकी की भी प्रवर्तन निदेशालय जाँच कर रहा है। सीबीआई और आयकर विभाग भी इनके खिलाफ भ्रष्टाचार और कर चोरी के मामले में जाँच कर रहा है।

संदेसरा बंधुओं ने कारोबार बढ़ाने की बात कहकर स्टर्लिंग बायोटेक के नाम पर आंध्रा बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के समूह से 5,383 करोड़ रुपए का लोन लिया था। मगर उन्होंने वापस नहीं किया। बैंकों की शिकायत पर सीबीआई ने अक्टूबर 2017 में स्टर्लिंग बायोटेक के प्रमोटर नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था।

ईडी ने जुलाई में अहमद पटेल के दामाद इरफान सिद्दीकी का बयान भी रिकॉर्ड किया था। फिर इसके बाद संदेसरा समूह के कर्मचारी सुनील यादव से भी सीबीआई ने पूछताछ की थी। बताया जाता है कि सुनील यादव ने ही
फैसल पटेल और संदेसरा बंधुओं के बारे में बताया था। स्टर्लिंग बायोटेक से जुड़ी लोन की धोखाधड़ी की कीमत करीब 14 हजार 500 करोड़ रुपए है और इस मामले में ईडी फैसल पटेल से पहले भी पूछताछ कर चुकी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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