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‘मक्का में मंदिर बनाएँगे’: अब्दुल ने किया फर्जी फेसबुक पोस्ट, ईशनिंदा में सऊदी में गिरफ्तार हुए हरीश; 2 साल बाद लौटेंगे घर

मूदाबिदरी के रहने वाले दो भाइयों अब्दुल हुएज और अब्दुल थुएज ने हरीश बांगेरा के नाम से फर्जी फेसबुक एकाउंट बनाकर सऊदी अरब के प्रिंस और मक्का के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

ईशनिंदा के आरोप में दिसंबर 2019 से सऊदी अरब की जेल में बंद कर्नाटक के निवासी हरीश बांगेरा आखिरकार आजाद होकर वापस अपने घर आने वाले हैं। मंगलुरु एसोसिएशन सऊदी अरेबिया (MASA) के अध्यक्ष सतीश कुमार बाजल ने इसकी जानकारी दी। बांगेरा को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और इस्लामिक तीर्थस्थल मक्का को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का गलत आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मूदाबिदरी के रहने वाले दो भाइयों अब्दुल हुएज और अब्दुल थुएज ने हरीश बांगेरा के नाम से फेसबुक पर फर्जी एकाउंट बनाया था और उससे सऊदी अरब के प्रिंस और मुस्लिमों के तीर्थ मक्का के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की। इसके बाद हरीश को दिसंबर 2019 में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, बाद में अक्टूबर 2020 में अब्दुल भाइयों को भी गिरफ्तार कर लिया गया था।

हरीश बांगेरा कर्नाटक के कुंदापुर के रहने वाले हैं जो सऊदी अरब में एसी मकैनिक का काम करते थे। 21 दिसंबर 2019 को हरीश के नाम से चलाए जाने वाले एकाउंट से इस्लाम और सऊदी अरब के प्रिंस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। ऐसी ही एक पोस्ट में मक्का की तस्वीर पोस्ट की गई और साथ में कैप्शन दिया गया, “अगला राम मंदिर मक्का में होगा। लड़ाई के लिए तैयार हो जाओ।” इसके अलावा भी फोटो पोस्ट की गई थी।

हरीश के नाम से बने फेक फेसबुक एकाउंट से किया गया पोस्ट
हरीश के नाम से बने फेक फेसबुक एकाउंट से किया गया पोस्ट

जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, तुरंत कार्रवाई करते हुए हरीश के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और सऊदी अरब पुलिस ने कुछ घंटों के अंदर ही हरीश को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा, हरीश को नौकरी से भी निकाल दिया गया। इधर हरीश की पत्नी ने भी उडुपी पुलिस स्टेशन में हरीश के निर्दोष होने और उनके खिलाफ की गई साजिश की आशंका के चलते शिकायत दर्ज कराई।

बाद में इस मामले में जाँच करने पर यह पता चला कि अब्दुल हुएज और अब्दुल थुएज ने 19 दिसंबर 2019 को फेसबुक में हरीश के नाम से फर्जी एकाउंट बनाया और दो दिन बाद उस एकाउंट से आपत्तिजनक पोस्ट कर दिए। पुलिस ने वह मोबाईल फोन को भी ट्रेस कर लिया, जिसका इस्तेमाल फर्जी एकाउंट बनाने के लिए किया गया था। फोन अब्दुल थुएज के नाम पर रजिस्टर्ड था। पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने अब हरीश के नाम पर फर्जी फेसबुक एकाउंट बनाने के लिए दोनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने हरीश की रिहाई का आदेश प्राप्त करने के लिए सऊदी अधिकारियों के समक्ष विदेश मामलों के मंत्रालय और भारतीय दूतावास के माध्यम से चार्जशीट प्रस्तुत की है।

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ओम द्विवेदी
ओम द्विवेदी
Writer. Part time poet and photographer.

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