Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाकिश्तवाड़ में हिजबुल के 5 ओवरग्राउंड वर्कर गिरफ्तार, पकड़े हुए आतंकियों को भगाने में...

किश्तवाड़ में हिजबुल के 5 ओवरग्राउंड वर्कर गिरफ्तार, पकड़े हुए आतंकियों को भगाने में करते थे मदद

इस इलाके में सक्रिय आतंकी भी इनके संपर्क में रहते थे। जब भी कभी कोई आतंकी घटना होती थी तो ये OGW आतंकियों को वहाँ से भगाने में भी मदद करते थे। सुरक्षाबल काफी समय से इन लोगों पर नजर रख रही थी जिसके बाद पुलिस ने इलाके में घेराबंदी करके बृहस्पतिवार शाम को इन्हें दबोच लिया।

सुरक्षाबलों ने बृहस्पतिवार (मार्च 05, 2020) शाम जम्मू कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के मारवा इलाके से हिजबुल मुजाहिदीन के पाँच ओवर ग्राउंड वर्करों (OGW) को गिरफ्तार किया है। किश्तवाड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि मारवा इलाके के रहने वाले गुलाम हुसैन, मोहम्मद यासीन, जाकिर हुसैन, मोहम्मद इकबाल और बशीर अहमद हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को पनाह देने के साथ उनकी मदद करते थे।

इस इलाके में सक्रिय आतंकी भी इनके संपर्क में रहते थे। जब भी कभी कोई आतंकी घटना होती थी तो ये OGW आतंकियों को वहाँ से भगाने में भी मदद करते थे। सुरक्षाबल काफी समय से इन लोगों पर नजर रख रही थी जिसके बाद पुलिस ने इलाके में घेराबंदी करके बृहस्पतिवार शाम को इन्हें दबोच लिया। पुलिस की पूछताछ के दौरान इन लोगों से कई महत्वपूर्ण सूचनाएँ मिली हैं। पुलिस ने इन पाँचों ओवरग्राउंड वर्करों पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का मामला दर्ज कर लिया है।

घाटी में आतंकियों का सफाया लगातार जारी है। ज्ञात हो कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम ने बीते बुधवार (मार्च 04, 2020) को नरवाल में पाकिस्तान एजेंसी आईएसआई के एक भारतीय एजेंट को भी गिरफ्तार किया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार एजेंट की पहचान सांबा के तरोर निवासी पंकज शर्मा के रूप में की थी। आईएसआई एजेंट पंकज जम्मू-कश्मीर सैन्य कैंपों और अन्य जरूरी जगहों की फोटो और जानकारी पाकिस्तान भेजता था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -