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इस्लामिक बैंक घोटाला: मंसूर खान ने कहा- चुनाव से पहले कर्नाटक के पूर्व सीएम को भिजवाए थे 5 करोड़ रुपए

आईएमए घोटाले के आरोपित मंसूर का दावा है कि बेंगलुरु के एक आईपीएस ऑफिसर द्वारा 25 करोड़ रुपए माँगे जाने पर वह देश छोड़ कर भागा था।

इस्लामिक बैंक के नाम पर हुए आईएमए पोंजी घोटाले से नौकरशाहों और राजनेताओं का रिश्ता गहराता ही जा रहा है। बताया जा रहा है कि घोटाले के मुख्य आरोपी मंसूर अली खान ने कर्नाटक के एक पूर्व मुख्यमंत्री को पैसा भिजवाने की बात कही है। 40 हजार से ज्यादा लोगों का इस घोटाले में पैसा डूबा है। सीबीआई मामले की पड़ताल कर रही है।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एसआईटी को दिए बयान में खान ने कहा है कि उसने 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले कर्नाटक के पूर्व सीएम को पैसे भिजवाए थे। रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री का नाम नहीं बताया गया है। लेकिन, कयास लगाए जा रहे हैं कि मंसूर जिस पूर्व सीएम की बात कर रहा है वह कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया हो सकते हैं। उनकी कैबिनेट में शामिल रहे रोशन बेग से इस मामले में पूछताछ भी हो चुकी है।

सीबीआई से पहले इस मामले में की SIT ही जाँच कर रही थी। सीबीआई अब इस मामले में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री, बेंगलुरु के पूर्व पुलिस आयुक्त समेत 13 ब्यूरोक्रेट्स और राजनेताओं से पूछताछ कर सकती है।

एसआईटी फिलहाल चश्मदीदों और आरोपियों के बयान संकलित कर रही है। माना जा रहा है कि इस मामले में 15-20,000 पन्नों की चार्जशीट नौ सितंबर तक दाखिल हो सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य आरोपित और आईएमए के निदेशक मोहम्मद मंसूर अली खान ने एसआईटी को दिए बयान में दावा किया कि उसने 2018 के चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री और बेंगलुरु के पूर्व पुलिस आयुक्त को पैसे भिजवाए थे।

जाँच अधिकारी ने बताया है कि मंसूर के मुताबिक उसने पूर्व मुख्यमंत्री को तीन लोगों के जरिए 5 करोड़ रुपए भिजवाए थे। अधिकारी का कहना है कि मंसूर ने पूछताछ में कुछ और राजनेताओं और ब्यूरोक्रेट्स का नाम भी लिए हैं। जिसपर जाँच होगी। बहरहाल, मंसूर के सभी दावों पर टिप्पणी करते हुए अधिकारी का कहना है कि खान एक आरोपित है और वह कुछ भी दावा कर सरते हैं, इसलिए उसके बयानों को सत्यापित करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा है कि मामले से संबंधित सभी सबूत और बयान सीबीआई को दिए जाएँगे, जिसके लिए फिलहाल एसआईटी की टीम उन्हें संकलित कर रही है। बयान और शिकायत मिलाकर पूरा मामला 20 हजार पन्नों के आसपास का है।

खान ने अपने बयानों में एक भाजपा नेता को पैसे देने का भी दावा किया हैं, हालाँकि, जिसपर सीबीआई द्वारा जाँच होना बाकी हैं। इसके अलावा आईएमए घोटाले के आरोपित मंसूर ने अपने देश से भागने पर सफाई दी है कि बेंगलुरु का एक आईपीएस ऑफिसर उनसे 25 करोड़ रुपए की माँग कर रहा था इसलिए वह यहाँ से भागे थे। खान का ये भी दावा है कि उसने कई टेलीवीजन चैनलों को करोड़ों रुपए दिए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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