Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयजिन धमाकों में गई 250+ जानें, उसे अंजाम देने वाला सलीम गाजी कराची में...

जिन धमाकों में गई 250+ जानें, उसे अंजाम देने वाला सलीम गाजी कराची में मरा: छोटा शकील और दाऊद का था करीबी

आतंकी सलीम गाजी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई। वह लंबे समय से हाई बीपी व अन्य बीमारियों से ग्रसित था। आतंक की दुनिया में उसे दाऊद इब्राहिम व छोटा शकील का करीबी बताया जाता था।

साल 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम ब्लास्ट केस में एक आरोपित सलीम गाजी की पाकिस्तान में मौत हो गई। रविवार (16 जनवरी 2022) को मीडिया में आई जानकारी के अनुसार, सलीम की दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई। वह लंबे समय से हाई बीपी व अन्य बीमारियों से ग्रसित था। आतंक की दुनिया में उसे दाऊद इब्राहिम व छोटा शकील का करीबी बताया जाता था।

सलीम पर आरोप था कि वह सीरियल ब्लास्ट केस में धमाकों की योजना बनाने और उसे अंजान देने के काम में सक्रिय रूप से शामिल था और घटना को अंजाम देने के फौरन बाद छोटा शकील और दाऊद इब्राहिम के गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ देश छोड़ भाग गया था। इस ब्लास्ट में कम से कम 257 लोगों की जान गई थी जबकि  713 लोग घायल हुए थे। सलीम के ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी था। इतने सालों में उसे इंटरपोल द्वारा पकड़ने का प्रयास किया जा रहा था मगर वो अपने ठिकाने बदलता रहता था। इस वजह से एजेंसियाँ सफल नहीं हुईं।

इस ब्लास्ट में शामिल एक अन्य आरोपित युसूफ मेनन की मौत भी पिछले साल दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। वह पूरे ब्लास्ट के मास्टरमाइंड टाइगर मेनन का भाई था। युसूफ का भाई टाइगर दाऊद इब्राहिम के साथ विस्फोट की साजिश में एक प्रमुख सह-साजिशकर्ता था और जब इब्राहिम ने रायगढ़ जिले के शेखादी तट पर आरडीएक्स को उतारने की व्यवस्था की, तो वह टाइगर ही था जिसने उन्हें मुंबई में ले जाने में गाड़ी की व्यवस्था की। युसूफ से पहले टाइगर के एक भाई याकूब मेनन को 2015 में फाँसी की सजा हुई थी।

उल्लेखनीय है कि 12 मार्च 1993 में मुंबई में सिर्फ दो घंटों के अंदर अलग-अलग जगहों पर 12 धमाके हुए थे। इन धमाकों में 257 निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी। 19 नवंबर 1993 में ये मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। 19 अप्रैल 1995 को मुंबई की टाडा अदालत में इस मामले की सुनवाई शुरू हुई थी। अगले दो महीनों में अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। कुछ समय पहले इसी मामले में पुलिस ने आतंकी मुनाफ हलारी को गिरफ्तार किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नदी जोड़ो मेगा प्रोजेक्ट Part II: बुंदेलखंड को केन-बेतवा रिवर लिंक परियोजना की सबसे ज्यादा जरूरत क्यों?

भारत सरकार ने राज्यसभा में कहा कि भारत के अतिमहत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना में शीर्ष पर केन-बेतवा नदी लिंक प्रोजेक्ट है।

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।
- विज्ञापन -