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जिस सीरियल बम धमाके में गई थी 257 लोगों की जान, उसका दोषी मुनाफ हलारी मूसा गिरफ्तार

ब्लास्ट करने के बाद मूसा देश से फरार हो गया था। कभी दक्षिण अफ्रीका में उसके छुपे होने की बात पता चली थी। मूसा ड्रग्स के काले कारोबार की दुनिया में बड़ा नाम है। पिछले साल पुलिस ने 1500 करोड़ रुपए के एक ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया था, जिसमें उसकी बड़ी भूमिका थी।

साल 1993 में हुए मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में जाँच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। आतंकी मुनाफ हलारी मूसा को मुंबई एयरपोर्ट से गिरप्तार कर लिया गया है। मुनाफ हलारी को गुजरात एंटी टेरेरिज्म स्क्वॉड ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक वो पाकिस्तान के पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा था।

मुनाफ हलारी 1993 में जावेरी बाज़ार में ब्लास्ट मामले में दोषी था। जाँच एजेंसियों को लंबे समय से इसकी तलाश थी। 12 मार्च 1993 को मुंबई में सिर्फ दो घंटे के अंदर अलग-अलग जगह पर 12 धमाके हुए थे। इन धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 713 लोग घायल हो गए थे। 19 नवंबर 1993 में ये मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। 19 अप्रैल 1995 को मुंबई की टाडा अदालत में इस मामले की सुनवाई शुरू हुई थी। अगले दो महीनों में अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। मुंबई ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन को पहले ही फाँसी दी जा चुकी है, जबकि मुख्य दोषी दाऊद इब्राहिम अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

मूसा लंबे समय से जाँच एजेंसियों को चकमा देकर बच रहा था। मगर सोमवार (फरवरी 10, 2020) को वो जाँच एजेंसी के हत्थे चढ़ गया। एटीएस को खबर मिली कि मूसा पाकिस्तानी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा है। इसके बाद मुंबई एयरपोर्ट से उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। गुजरात एटीएस आज दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी।

जाँच अधिकारियों ने बताया कि ब्लास्ट करने के बाद मूसा देश से फरार हो गया था। फिर बाद में उसके दक्षिण अफ्रीका में छुपे होने की बात पता चली थी। मूसा ड्रग्स के काले कारोबार की दुनिया में बड़ा नाम है। पिछले साल पुलिस ने 1500 करोड़ रुपए के एक ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया था, जिसमें उसकी बड़ी भूमिका थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुजरात एटीएस इस पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सकती है। इस गिरफ्तारी के बाद दक्षिण अफ्रीका में एक बड़े ड्रग रैकेट का पता चल सकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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