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समलैंगिकता, काफिर मीडिया, इजरायल, मुस्लिम शासकों के कारण कोरोना: इमाम ने कहा- नहीं बताते तो न फैलता ओमिक्रोन

अमीरा ने कोविड वैरिएंट डेल्टा को भारतीय वैरिएंट कहकर संबोधित किया था। वर्ष 2020 में पैगंबर मोहम्मद के चित्रों का इस्तेमाल करने पर फ्रांसीसी शिक्षक सैमुअल पेटी की हत्या और सिर कलम करने वाले मुस्लिमों की प्रशंसा करने के लिए अमीरा को इजराइल पुलिस ने गिरफ्तार किया था साथ ही अल-अक्सा मस्जिद से छह महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था।

दुनिया भर के देशों में कोरोना वायरस के अब तक के सबसे खतरनाक वैरिएंट ओमिक्रोन का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसी बीच इजरायल (Israel) की राजधानी यरुशलम (Jerusalem) में स्थित अल-अक्सा मस्जिद के इमाम ने एक विवादित बयान दिया है। उनका बयान सुर्खियों में है।

N12 के अनुसार, अल-अक्सा मस्जिद (al-Aqsa Mosque) के इमाम इस्साम अमीरा का कहना है, “LGBTQ+ समुदाय, इजराइल सरकार और मीडिया के कारण ओमिक्रॉन तेजी से बढ़ रहा है।” फिलिस्तीनी इस्लामिक स्कॉलर और उपदेशक अमीरा ने यरुशलम में स्थित मस्जिद में शुक्रवार (24 दिसंबर 2021) को जुमे की नमाज के बाद यह विवादास्पद बयान दिया था।

अमीरा ने कहा, “अगर सरकार और मीडिया ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में लोगों को जानकारी नहीं देते तो यह नहीं फैलता। सरकार और मीडिया जो वैरिएंट लाए हैं, वह समलैंगिकता को बढ़ावा दे रहा है।” सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इमाम कह रहे हैं कि यह काफिर मीडिया और शासकों के कारण फैला।

यही नहीं, यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद में एक संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि इजराइल के मुस्लिम शासकों के गलत आचरण के कारण ही कोरोना वायरस अलग-अलग रूपों में फैल रहा है। ये शासक समलैंगिकता की अनुमति देते हैं और नारीवादी संगठनों का पालन करते हैं, इसलिए कोरोना अपने ‘भारतीय वैरिएंट’ और ओमिक्रॉन रूप में पूरी दुनिया में फैल गया है।

यह पहली बार नहीं है, जब इमाम ने विवादित टिप्पणी की है। इससे पहले अमीरा ने कोविड वैरिएंट डेल्टा को भारतीय वैरिएंट कहकर संबोधित किया था। वर्ष 2020 में पैगंबर मोहम्मद के चित्रों का इस्तेमाल करने पर फ्रांसीसी शिक्षक सैमुअल पेटी की हत्या और सिर कलम करने वाले मुस्लिमों की प्रशंसा करने के लिए अमीरा को इजराइल पुलिस ने गिरफ्तार किया था साथ ही अल-अक्सा मस्जिद से छह महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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