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‘हम गंभीरता से ले रहे, भारत सरकार की जाँच का स्वागत’: खालिस्तानी पन्नू की हत्या वाले ‘खुलासे’ पर बोले अमेरिका के विदेश मंत्री- नतीजे का इंतजार

किर्बी ने भी दोनों दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों की अहमियत पर जोर दिया था और पन्नू वाले मसले को कमतर आँकने की कोशिश की।

भारत के खिलाफ हर वक्त जहर उगलने को तैयार खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साज़िश के मामले पर अब अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने गुरुवार (30 नवंबर, 2023) को बयान जारी किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव से दिए इस बयान में कहा कि ये कानूनी मसला है और वो इस पर में खुलकर सब नहीं बता सकते, लेकिन वो इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हैं।

ब्लिंकन ने कहा, “मैं कह सकता हूँ कि यह कुछ ऐसा है जिसे हम बहुत गंभीरता से लेते हैं। हममें से कई लोगों ने बीते हफ्तों में इस मसले को सीधे भारत सरकार के सामने उठाया है। भारत सरकार ने आज ऐलान किया की कि वो एक जाँच कर रही है, और यह अच्छा और सही है। हम नतीजे का इंतजार कर रहे हैं।”

हालाँकि, इसके साथ ही उन्होंने भारत के साथ रिश्तों का हवाला देते हुए पन्नू की हत्या की कथित साज़िश में भारत की शुरू की गई जाँच का स्वागत भी किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री से पहले व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने ब्लिंकन जैसी ही बात की थी।

किर्बी ने भी दोनों दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों की अहमियत पर जोर दिया था और पन्नू वाले मसले को कमतर आँकने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘भारत एक रणनीतिक साझेदार बना हुआ है, और हम भारत के साथ उस रणनीतिक साझेदारी को बेहतर बनाने और मजबूत करने के लिए काम करना जारी रखेंगे। इन आरोपों और इस जाँच को हम बेहद गंभीरता से लेते हैं।”

किर्बी ने कहा, “हमें यह देखकर खुशी हो रही है कि भारत भी इसकी जाँच के लिए अपनी खुद की कोशिशों का ऐलान कर इसे संजीदगी से ले रहा। हम साफ कर चुके हैं कि हम इन कथित अपराधों के लिए जिम्मेदार किसी को भी सही तरीके से जवाबदेह ठहराया जाना देखना चाहते हैं।”

दरअसल, वो वह भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता के खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग के अभियोग के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ ने बीते हफ्ते अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अमेरिका ने अपनी जमीन पर खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू को मार गिराने की साजिश को नाकाम कर दिया है।

हालाँकि, भारत ने पहले ही पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश से संबंधित आरोपों के दावे की जाँच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को अमेरिका के एक भारतीय अधिकारी को कथित साजिश के आरोपित शख्स से जोड़ने को चिंता का विषय और सरकारी नीति के खिलाफ कहा था।

दरअसल, अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बयान जारी कर दावा किया था कि 1 लाख डॉलर (करीब 83 लाख रुपए) में पन्नू की सुपारी दी गई थी। पन्नू आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) का सरगना है। बयान में दावा किया गया था कि इस साजिश के पीछे एक भारतीय अधिकारी और निखिल गुप्ता थे।

कथित तौर पर जिस ‘हिटमैन’ को सुपारी दी गई, वह अमेरिकी पुलिस का ‘खबरी’ था। पूरी साजिश में चार लोगों को शामिल बताया गया है। दावा है कि यह साजिश इस साल मई-जून के आसपास रची गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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