Tuesday, May 21, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयशेख हसीना ने माँगा मंत्री मुराद हसन से इस्तीफा: पूर्व PM खालिदा जिया की...

शेख हसीना ने माँगा मंत्री मुराद हसन से इस्तीफा: पूर्व PM खालिदा जिया की पोती पर आपत्तिजनक टिप्पणी, ऑडियो क्लिप लीक

सड़क परिवहन मंत्री ओबैदुल कादर ने मीडियाकर्मियों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा कि सूचना राज्य मंत्री मुराद हसन को मंगलवार सुबह तक इस्तीफा देने के लिए कहें। मैंने उन तक ये संदेश पहुँचा दिया है।’’

बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पोती पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले सूचना राज्य मंत्री मुराद हसन से इस्तीफा माँगा है। हसन पर यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ऑडियो क्लिप के लीक होने के बाद की गई है, जिसमें मंत्री को एक मशहूर अभिनेत्री के खिलाफ अश्लील शब्दों का इस्तेमाल करते, उसे फाइव स्टार होटल में खींचने और बलात्कार करने की धमकी देते हुए सुना गया था।

सत्तारूढ़ आवामी लीग के महासचिव और सड़क परिवहन मंत्री ओबैदुल कादर ने सोमवार (6 दिसंबर 2021) को मीडियाकर्मियों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा कि सूचना राज्य मंत्री मुराद हसन को मंगलवार सुबह तक इस्तीफा देने के लिए कहें। मैंने उन तक ये संदेश पहुँचा दिया है।’’

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऑडियो क्लिप एक टेलीफोन बातचीत का है, जो फेसबुक पर पोस्ट किया गया था। इसमें 47 वर्षीय मुराद की आवाज सुनाई दे रही है, जो अभिनेत्री के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक्ट्रेस माहिया माही ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मुराद के साथ फोन पर वही बात कर रही थीं। उनके मुताबिक, बातचीत का यह ऑडियो क्लिप दो साल पहले का है। सऊदी अरब में हज के लिए गई अभिनेत्री ने सोमवार (6 दिसंबर 2021) रात फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड कर कहा कि वह ‘परिस्थितियों का शिकार’ हुई थीं।

उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने उन्हें अपमानित किया, उसे इसकी सजा मिल गई है। मुराद को सूचना राज्य मंत्री के पद से हटाया जाना ही उसके लिए सबसे बड़ी सजा है। वहीं, मुराद ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

बता दें कि पेशे से डॉक्टर मुराद हसन 2018 के लोकसभा चुनाव में दूसरी बार जमालपुर-4 से सांसद चुने गए थे। शुरुआत में उन्हें स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कैबिनेट में शामिल किया गया था, लेकिन चार महीने बाद यानी मई 2019 में उन्हें सूचना मंत्रालय विभाग दे दिया गया था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

निजी प्रतिशोध के लिए हो रहा SC/ST एक्ट का इस्तेमाल: जानिए इलाहाबाद हाई कोर्ट को क्यों करनी पड़ी ये टिप्पणी, रद्द किया केस

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए SC/ST Act के झूठे आरोपों पर चिंता जताई है और इसे कानून प्रक्रिया का दुरुपयोग माना है।

‘हिन्दुओं को बदनाम करने के लिए बनाई फिल्म’: मलयालम सुपरस्टार ममूटी का ‘जिहादी’ कनेक्शन होने का दावा, ‘ममूक्का’ के बचाव में आए प्रतिबंधित SIMI...

मामला 2022 में रिलीज हुई फिल्म 'Puzhu' से जुड़ा है, जिसे ममूटी की होम प्रोडक्शन कंपनी 'Wayfarer Films' द्वारा बनाया गया था। फिल्म का डिस्ट्रीब्यूशन SonyLIV ने किया था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -