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अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति अशरफ गनी की चुनावी सभा में बम धमाका, 24 की मौत, दर्जनों घायल

धमाके के समय अशरफ गनी वहीं पर एक बिल्डिंग के भीतर मौजूद थे। मृतकों में अधिकतर आम नागरिक हैं। तालिबान और अमेरिका के बीच बातचीत ठप्प होने के कारण अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव पर तालिबानी ख़तरा मँडरा रहा है।

अफ़ग़ानिस्तान में आतंकियों ने एक बार फिर से कहर बरपाया। राष्ट्रपति अशरफ गनी की रैली में हुए धमाके में 24 लोगों की जान चली गई और 30 से अधिक अभी भी घायल बताए जा रहे हैं। हालाँकि, अशरफ गनी सुरक्षित हैं और उन्हें किसी प्रकार की चोट नहीं पहुँची है। ये धमाका परवान प्रान्त की राजधानी चारिकार में हुए। तालिबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है। तालिबान ने कहा है कि उसने सुरक्षा बलों को निशाना बनाया। हालाँकि, घायलों में कई बच्चे भी शामिल हैं, जिससे आशंका है कि पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है।

धमाके के समय अफ़ग़ान राष्ट्रपति घटनास्थल पर ही मौजूद थे। धमाका रैली स्थल के प्रवेश द्वार पर हुआ। अफ़ग़ानिस्तान में 28 सितम्बर को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं और अधिकतर रैलियों में अशरफ गनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही जनसभाओं को सम्बोधित किया है। लेकिन, इस बार उन्होंने ख़ुद रैली में उपस्थिति दर्ज कराने का निर्णय लिया था और वे चारिकार पहुँचे थे। बताया जा रहा है कि बम को एक मोटरसाइकिल में रखा गया था।

धमाके के समय अशरफ गनी वहीं पर एक बिल्डिंग के भीतर मौजूद थे। मृतकों में अधिकतर आम नागरिक हैं। तालिबान और अमेरिका के बीच बातचीत ठप्प होने के कारण अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव पर तालिबानी ख़तरा मँडरा रहा है।

उधर काबुल के ग्रीन जोन में भी एक धमाका हुआ। यह धमाका नाटो मुख्यालय के क़रीब हुआ। तालिबान ने साफ़ कर दिया है कि वो जनता को राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं डालने के लिए कहेगा। अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए देश भर में 70,000 से भी अधिक सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। कहा जा रहा है कि चुनाव के लिए 5000 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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