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ताइवान को घेर कर चीन ने शुरू किया अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास, लगातार हो रही फायरिंग: ताइवान ने कहा- हम युद्ध के लिए तैयार

G7 के देशों - कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्रियों के साथ-साथ यूरोपीय संघ एवं दक्षिण पूर्व एशियाई देशों ने चीन से ताइवान मामले को शांति से हल करने का आग्रह किया और चीन की "धमकी देने वाली कार्रवाइयों" पर चिंता व्यक्त की।

अमेरिकी हाउस की स्पीकर नैंसी पेलोसी (US House Speaker Nancy Pelosi) के ताइवान (Taiwan) आने से चीन (China) बौखलाया हुआ है। इस यात्रा से चीन और ताइवान के बीच सैन्य संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। चीन ने ताइवान के नजदीक सैन्य अभ्यास शुरू किया है।

गुरुवार (4 अगस्त 2022) को चीन की सरकारी मीडिया चैनल CCTV ने बताया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने देश का ‘अब तक का सबसे बड़ा’ सैन्य अभ्यास शुरू किया। इस सैन्य में ताइवान के द्वीपों के चारों तरफ उसके क्षेत्र के नजदीक और हवाई क्षेत्रों लाइव फायरिंग की जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी AFP के अनुसार, ताइवान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि वह अभ्यास पर करीब से नज़र रख रहा है। उन्होंने कहा कि ताइवान किसी तरह का संघर्ष नहीं चाहता, लेकिन अगर जरूरी हुआ तो वह इसके लिए तैयार है। ताइवान ने युद्ध की तैयारी भी शुरू कर दी है।

यूरोपीय संघ के राजनयिक प्रमुख ने ताइवान के आसपास चीन के ‘आक्रामक’ अभ्यास की निंदा की है। वहीं, दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के विदेश मंत्रियों ने चीन से संयम बरतने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि सैन्य अभ्यास की स्थिति ‘गलत अनुमान, गंभीर टकराव, खुले संघर्ष और प्रमुख शक्तियों के बीच अप्रत्याशित परिणाम’ पैदा कर सकती है।

ताइवान के एक अधिकारी ने AFP को बताया कि चीनी नौसेना के लगभग दस जहाजों ने दोनों देशों के क्षेत्रीय जल को विभाजित करने वाली अनौपचारिक रेखा मध्य रेखा को पार किया। इससे पहले कि वे ताइवान की क्षेत्र में घुसते देश की नौसेना ने उन्हें भगा दिया।

ताइवान ने यह भी कहा कि गुरुवार सुबह कई चीनी वायु सेना के विमानों ने कई बार मध्य रेखा को पार किया, जिसकी कारण ताइवान को जेट विमानों को भेजने और मिसाइल प्रणाली सिस्टम को तैनात करने के लिए मजबूर होना पड़ा। ताइवान का कहना है कि वह सैन्य गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

इसके पहले चीन की आर्मी ने ताइवान को अपनी सैन्य ताकत दिखाने के लिए 20 से ज्यादा लड़ाकू विमानों को ताइवान की डिफेंस लाइन के पास भेजा और फिर उन्हें भेदते हुए एयर डिफेंस में घुस गए थे। इतना ही नहीं ताइवान सेना की मानें तो चीन ने KJ500 अवाक्स विमान और जेएफ16, जेएफ11, Y9 EW और Y8 ELINT विमान को तैनात किया हुआ था।

हालाँकि, अमेरिका के जो बाइडेन प्रशासन ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ‘वन चाइन पॉलिसी’ के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही G7 देशों – कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्रियों के साथ-साथ यूरोपीय संघ ने एक बयान में चीन से ताइवान के मामले को शांति से हल करने का आग्रह किया और चीन की “धमकी देने वाली कार्रवाइयों” पर चिंता व्यक्त की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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