Wednesday, May 22, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयचीन में एक और वायरस की दस्तक, सामने आया इंसान में H10N3 बर्ड फ्लू...

चीन में एक और वायरस की दस्तक, सामने आया इंसान में H10N3 बर्ड फ्लू के संक्रमण का पहला केस

H10N3 से संक्रमित व्यक्ति को 23 अप्रैल को बुखार और अन्य लक्षण थे और उसे 28 अप्रैल को इलाज के लिए एक स्थानीय चिकित्सा संस्थान में भर्ती कराया गया था।

कोरोना वायरस को लैब में तैयार किए जाने के आरोपों से घिरे चीन में H10N3 एवियन (बर्ड) इंफ्लुएंजा से इंसान के संक्रमित होने का दुनिया में पहला मामला सामने आया है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी चीन के जिआंगसु प्रांत में H10N3 एवियन इंफ्लुएंजा से इंसान के संक्रमित होने का पहला मामला दर्ज किया गया है।

चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार (1 जून, 2021) को कहा कि यह मुर्गे से ह्यूमन ट्रांसमिशन का कभी-कभार होने वाला केस है और इसके बड़े पैमाने पर फैलने का जोखिम बेहद कम है।

चीन में मिला H10N3 वायरस से संक्रमित दुनिया का पहला व्यक्ति

H10N3 वायरस से संक्रमित मरीज जियांग्सू प्रांत के एक शहर झेनजियांग का रहने वाला 41 वर्षीय व्यक्ति है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग द्वारा मंगलवार को जारी एक नोटिस के अनुसार, उस व्यक्ति को 23 अप्रैल को बुखार और अन्य लक्षण थे और उसे 28 अप्रैल को इलाज के लिए एक स्थानीय चिकित्सा संस्थान में भर्ती कराया गया था।

रोगी से प्राप्त वायरस के पूरे आनुवंशिक विश्लेषण से पता चला कि उसका H10N3 वायरस का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया, जिससे वह H10N3 से संक्रमित होने वाला पहला इंसान बन गया।

अभी तक, चीन के स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) के विशेषज्ञों का दावा है कि वायरस के पूरे आनुवंशिक विश्लेषण से पता चलता है कि H10N3 वायरस का मूल पक्षियों का हैऔर इसमें मनुष्यों को प्रभावी ढंग से संक्रमित करने की क्षमता नहीं थी।

कितना घातक है H10N3 वायरस?

एनएचसी ने कहा, “दुनिया में इंसानों में H10N3 का कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया है, और मुर्गे (पोल्ट्री) के बीच H10N3 वायरस कम रोगजनक है। यह मामला पोल्ट्री-टू-ह्यूमन क्रॉस-स्पीशीज ट्रांसमिशन का है, और इसके बड़े पैमाने पर फैलने का जोखिम बेहद कम है।”

एक चिंताजनक बात ये है कि वुहान विश्वविद्यालय में पैथोजेन बायोलॉजी विभाग के उप निदेशक यांग झानकिउ ने कहा कि H10N3 इंफ्लुएंजा A वायरस का एक सबटाइप है, जिसे बर्ड फ्लू वायरस भी कहा जाता है। H10N3 आमतौर पर जंगली पक्षियों और मुर्गे-मुर्गियों के लिए घातक होता है, क्योंकि यह फ्लू और कोविड-19 की तरह जानवरों के बीच सांस की छोटी बूंदों के माध्यम से फैल सकता है,

यांग ने कहा कि यह अज्ञात है कि यह व्यक्ति कैसे संक्रमित हुआ, लेकिन संभवत: वह मुर्गे की साँस की छोटी बूंदों या बीमार जीवित मुर्गे के सीधे संपर्क से संक्रमित हो गया।

इंसानों के लिए कितना बड़ा खतरा है H10N3?

यांग ने कहा कि यह मनुष्यों के लिए कम खतरा पैदा करता है और यह इंगित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि H10N3 वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलने का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि हमें मामले पर अधिक प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए, और यह देखने के लिए अधिक निगरानी की जानी चाहिए कि यह कैसे फैलता है।

अन्य प्रकार के एवियन (बर्ड)) इंफ्लुएंजा से मनुष्यों के संक्रमित होने के मामले आम हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने फरवरी में दुनिया में एवियन इन्फ्लूएंजा ए (H5N8) वायरस से मानव संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि की थी। मध्य चीन के हुनान प्रांत ने दिसंबर 2020 में H5N6 बर्ड फ्लू वायरस के एक मानव संक्रमण मामले की पुष्टि की थी। विभिन्न प्रकार के एवियन (बर्ड) इंफ्लुएंजा के बीच, यांग ने कहा कि H5N1 प्रकार अत्यधिक रोगजनक है, जिसकी मृत्यु दर 40 से 50 प्रतिशत के बीच है।

एनएचसी ने जिआंगसु को महामारी की रोकथाम और नियंत्रण के उपाय करने का निर्देश दिया है। मरीज के सभी करीबी संपर्कों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। स्थानीय अधिकारियों ने आपातकालीन निगरानी की है, जिसमें अब तक कोई असामान्यता नहीं पाई गई है। एनएचसी की घोषणा में कहा गया है कि मरीज की हालत फिलहाल स्थिर है और वह अस्पताल से छुट्टी के लिए तैयार है। एनएचसी ने जनता को बीमार या मृत मुर्गे के संपर्क से बचने और जीवित मुर्गे के सीधे संपर्क से बचने की कोशिश करने की चेतावनी दी।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारत की ज्ञानकीर्ति का मुकुटमणि है कश्मीर का शंकराचार्य मंदिर: ईसाई-इस्लाम के आगामी प्रभाव से परिचित थे आचार्य शंकर, जानिए कैसे एक सूत्र में...

वैदिक ऋषियों की वेदोक्त समदृष्टि केवल उपदेश मात्र नही; अपितु यह उनका अनुभव जन्य साक्षात्कृत् ज्ञान है। जो सभी काल, स्थान, परिस्थिति में अनुकरणीय एवं अकाट्य हैं।

फर्जी वोटिंग करते पकड़े गए मोहम्मद सनाउल्लाह और 3 खातूनें, भीड़ ने थाने पर हमला कर सबको छुड़ाया: बिहार के जाले की घटना, 20...

फर्जी वोटिंग में पकड़े गए लोगों को छुड़ाने के लिए 130-140 लोगों ने थाने पर हमला कर दिया और पुलिस पदाधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए चारों को पुलिस की अभिरक्षा से छुड़ा लिया

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -