Sunday, August 1, 2021
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भारत आग के साथ खेल रहा है: चीनी दूतावास के सामने ताइवान के पोस्टर देख भड़का चीनी भोंपू ग्लोबल टाइम्स

भारत में चीनी दूतावास के सामने 'हैप्पी नेशनल डे' (ताइवान) के पोस्टर लगे हुए थे, यह पोस्टर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता तेजिंदर पाल बग्गा द्वारा लगवाए गए थे।

ताइवान आज (अक्टूबर10, 2020) अपना ‘राष्ट्रीय दिवस’ मना रहा है। इस ख़ास दिन की झलक राजधानी दिल्ली स्थित चीनी दूतावास के सामने भी नज़र आई। भारत में चीनी दूतावास के सामने ‘हैप्पी नेशनल डे’ (ताइवान) के पोस्टर लगे हुए थे, यह पोस्टर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता तेजिंदर पाल बग्गा द्वारा लगवाए गए थे। उन्होंने खुद अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस पोस्टर की तस्वीर ट्वीट की थी। 

इन पोस्टर की तस्वीरों के सुर्ख़ियों में आने के बाद चीनी सरकार ने अपने मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ के ज़रिए इस पर प्रतिक्रिया दी है। इस से झुँझलाए चीनी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने कहा, “नई दिल्ली में चीनी दूतावास के सामने ताइवान को राष्ट्रीय दिवस की बधाई देते हुए सैकड़ों पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर में भाजपा नेता तेजिंदर पाल बग्गा का नाम लिखा हुआ है। यह आग से खेलने जैसा है। इस तरह की गतिविधियों का दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर बुरा प्रभाव पड़ने वाला है।”  

इसके अलावा ‘सेंटर फॉर एशिया पैसिफिक स्टडीज़’ के निदेशक ज्हाओ गनचेंग (Zhao gancheng) ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “चीन की ‘वन चाइना नीति’ का उपहास करके भारत आग के साथ खेल रहा है। भारत सरकार वन चाइना नीति को स्वीकार करती है लेकिन वहाँ होने वाली मीडिया कवरेज, अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर अक्सर इसका मज़ाक बनाती है। यह भारत और चीन के रिश्तों के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं है।” 

इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंटरनेशनल रिलेशन ऑफ़ शंघाई एकेडमी ऑफ़ सोशल साइंसेज के शोधार्थी हू जियोंग (Hu zhiyong) ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा, “भाजपा की राष्ट्रवादी सरकार चीन और भारत रिश्तों की आड़ में ताइवान मुद्दे पर चीन को उकसा रही है। अब इस मामले में भारत सरकार चीन द्वारा तय की गई सीमाएं पार कर चुकी है। भारत सरकार को ऐसा लगता है कि वह ताइवान कार्ड खेल कर चीन का सामना कर लेगी लेकिन ऐसा नहीं है। इस तरह के उकसावे से भारत को कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है। बल्कि इस तरह की कोशिशों से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी पर ही नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”

हालाँकि तमाम बातों और विवादों के बीच ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग वेन (Tsai Ing-wen) ने राष्ट्रीय दिवस की शुभकामनाएँ दी। इसके अलावा उन्होंने कई ट्वीट करते हुए लिखा कि उन्हें अपने देश और यहाँ के लोगों पर गर्व है।

गौरतलब है कि चीन की नाराजगी उन देशों से रहती है जी ताइवान से दोस्‍ताना संबंध रखते हैं। भारत के सम्बन्ध भी ताइवान के साथ बेहतरीन रहे हैं। इसी बीच ताइवान के राष्ट्रीय दिवस पर भाजपा नेता तजिंदर पाल बग्गा द्वारा दिल्‍ली में चीनी दूतावास के बाहर ताइवान को बधाई देते पोस्‍टर्स लगाए गए। इन पर ‘ऑक्‍युपाइड मेनलैंड चीन’ का नक्‍शा बना है और बड़े अक्षरों में ताइवान के नीचे ‘हैप्‍पी नैशनल डे’ लिखा है।

ताइवान को अपना हिस्सा मानता है चीन

उल्लेखनीय है कि विस्तारवादी चीन, ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और भारतीय मीडिया को नसीहत देता रहा है कि ताइवान को अलग देश न पुकारे। चीन चाहता है कि पूरी दुनिया उसे उसके ही हिस्से के तौर पर स्वीकार करे। खास बात यह है कि ‘वन चाइना’ की दुहाई देने वाला चीन लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाने को ‘अवैध’ बताता आया है, जो भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता का अपमान है।

ग्लोबल टाइम्स के हवाले से चीन की तरफ से ऐसी प्रतिक्रिया आने के बाद कई ट्विटर यूज़र्स ने भी ग्लोबल टाइम्स के इस ट्वीट का जवाब दिया। 

एक ट्विटर यूज़र ने लिखा, “चीन और ग्लोबल टाइम्स को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे (विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस) की शुभकामनाएँ।”

एक और ट्विटर यूज़र ने लिखा, “भारत आज़ाद चीन और आज़ाद ताइवान में भरोसा करता है। चीन अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख पर अक्सर अपनी बात रखता है, वैसे ही हम भी अपनी बात रख रहे हैं। हम तिब्बत को भी आज़ाद देश के तौर पर देखना चाहते हैं, आने वाले समय में इस तरह के कई बदलाव होंगे। 

एक ट्विटर यूज़र ने सोशल मीडिया की एक चर्चित तस्वीर साझा की। 

वहीं एक और ट्विटर यूज़र ने लिखा, “हम सभी ताइवान के राष्ट्रीय दिवस की ख़ुशी मना रहे हैं। भारत ताइवान से लगाव रखता है और उसका सम्मान करता है। इन दोनों देशों की दोस्ती लंबे समय तक बनी रहे।” 

बीते 7 अक्टूबर को चीन और ताइवान के बीच इस मुद्दे को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई थी। दरअसल चीन ने भारतीय मीडिया को कहा था कि उसे ‘वन चाइना नीति’ का पालन करना चाहिए। चीन के मुताबिक़ भारतीय मीडिया द्वारा ताइवान को एक अलग देश कहना गलत है। चीन का कहना था कि ताइवान को राष्ट्र (देश), चीनी गणतंत्र (रिपब्लिक ऑफ़ चाइना) या चीन स्थित ताइवान के किसी नेता को राष्ट्रपति के तौर पर प्रचारित नहीं किया जाए। इससे आम लोगों के बीच गलत संदेश जाता है।

चीन द्वारा यह निर्देश जारी किए जाने के बाद ताइवान ने भी अपनी तरफ से प्रतिक्रिया जारी की। बुधवार को ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ़ वू ने कहा कि वह आशा करते हैं कि भारतीय मीडिया चीन को एक जवाब देगी, “Get Lost” (दफ़ा हो जाओ)।

ताइवान के विदेश मंत्रालय ने पूरे जवाब में लिखा, “भारत पूरे दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जहाँ की प्रेस – मीडिया और आम लोग स्वच्छंद अभिव्यक्ति पसंद लोग हैं। ऐसा लगता है कि वामपंथी चीन सेंसरशिप थोप कर महाद्वीप में दखल देना चाहता है।” 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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