Tuesday, June 25, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयपाकिस्तान में चीन की कंपनी ने रोका काम, 2000 मजूदरों की रोजी-रोटी छिनी: फिदायीन...

पाकिस्तान में चीन की कंपनी ने रोका काम, 2000 मजूदरों की रोजी-रोटी छिनी: फिदायीन हमले में 5 चीनी इंजीनियरों की हो गई थी मौत

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा राज्य में बने तरबेला बाँध की क्षमता बढ़ाने का वर्तमान में काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट को तरबेला T5 एक्स्टेंशन नाम दिया गया है। इस पर चीन की सरकारी पावर कंस्ट्रक्शन कम्पनी ऑफ़ चाइना (PCCC) काम कर रही है। इस कम्पनी ने यहाँ काम रोक दिया है।

चीन की एक कम्पनी ने पाकिस्तान के एक बड़े हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का काम रोक दिया है। चीन के इस फैसले से प्रोजेक्ट पर काम करने वाले 2000 पाकिस्तानी बेरोजगार हो गए हैं। यह फैसला हाल ही में पाकिस्तान में चीन के इंजीनियरों पर हुए आत्मघाती हमले के बाद लिया गया है। इस हमले में पाँच चीनी इंजीनियर मारे गए थे।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा राज्य में बने तरबेला बाँध की क्षमता बढ़ाने का वर्तमान में काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट को तरबेला T5 एक्स्टेंशन नाम दिया गया है। इस पर चीन की सरकारी पावर कंस्ट्रक्शन कम्पनी ऑफ़ चाइना (PCCC) काम कर रही है। 1530 मेगावाट क्षमता बिजली पैदा करने वाला यह प्रोजेक्ट 2026 तक पूरा किया जाना है। इसके लिए विश्व बैंक और एशियन बैंक पैसा दे रहा है। इस प्रोजेक्ट पर चीन के इंजीनियर और मैनेजर काम करते हैं।

इस प्रोजेक्ट के लिए 2000 पाकिस्तानियों को भी यहाँ लगाया गया था। हालाँकि, अब इस कम्पनी ने यहाँ काम रोकने का फैसला लिया है। इससे एक झटके में यह 2000 लोग बेरोजगार हो गए। कम्पनी ने इन लोगों को तुरंत निकालने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के पीछे का कारण खैबर पख्तूनख्वा में 26 मार्च, 2024 को चीनी इंजीनियरों पर हुआ हमला माना जा रहा है।

यह इंजीनियर खैबर पख्तूनख्वा के ही दासू बाँध प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। इनकी बस को विस्फोटकों से लदी एक गाड़ी ने टक्कर मार दी थी, जिसके कारण इनकी मौत हो गई थी। इस हमले में कुल 6 लोग मारे गए थे। हमले के वक्त सभी इंजीनियर इस्लामाबाद से खैबर पख्तूनख्वा के दासू जा रहे थे। 

इस धमाके की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने नहीं ली थी। हालाँकि, इस हमले का शक बलोच लड़ाकों पर जताया गया था। इससे पहले भी पाकिस्तान में चीनी नागरिक निशाना बनते आए हैं। 2021 में भी इसी दासू बाँध में हुए एक हमले में 9 चीनी नागरिक मारे गए थे। इस हमले के बाद भी चीन ने अपने नागरिकों की यहाँ उपस्थिति कम करने को लेकर कदम उठाए थे।

2022 में भी चीन के तीन नागरिकों को एक महिला आत्मघाती हमलावर ने मार दिया था। यह हमलावर बलोच लिबरेशन आर्मी से जुडी हुई थी। हमले में मारे गए चीनी नागरिक पाकिस्तान में चीनी भाषा पढ़ाने का काम करते थे। इस हमले का एक वीडियो भी वायरल हुआ था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या है भारत और बांग्लादेश के बीच का तीस्ता समझौता, क्यों अनदेखी का आरोप लगा रहीं ममता बनर्जी: जानिए केंद्र ने पश्चिम बंगाल की...

इससे पहले यूपीए सरकार के दौरान भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता के पानी को लेकर लगभग सहमति बन गई थी। इसके अंतर्गत बांग्लादेश को तीस्ता का 37.5% पानी और भारत को 42.5% पानी दिसम्बर से मार्च के बीच मिलना था।

लोकसभा में ‘परंपरा’ की बातें, खुद की सत्ता वाले राज्यों में दोनों हाथों में लड्डू: डिप्टी स्पीकर पद पर हल्ला कर रहा I.N.D.I. गठबंधन,...

कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस ने अपने ही नेता को डिप्टी स्पीकर बना रखा है विधानसभा में। तमिलनाडु में DMK, झारखंड में JMM, केरल में लेफ्ट और पश्चिम बंगाल में TMC ने भी यही किया है। दिल्ली और पंजाब में AAP भी यही कर रही है। लोकसभा में यही I.N.D.I. गठबंधन वाले 'परंपरा' और 'परिपाटी' की बातें करते नहीं थक रहे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -