Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयमूक-बधिर कोमल का अपहरण: अलीम, बशर, अजीम माँ को भेज रहे नंगी तस्वीरें, Pak...

मूक-बधिर कोमल का अपहरण: अलीम, बशर, अजीम माँ को भेज रहे नंगी तस्वीरें, Pak पुलिस नहीं सुन रही शिकायत

अपहृत युवती कोमल की माँ ने बताया कि वो लड़की को घर से खींच कर ले गए हैं और उन्होंने पुलिस को सब कुछ समझाया लेकिन फिर भी वो कोई एक्शन नहीं ले रही। पीड़ित परिजनों ने अपहरण करने वालों का नाम अलीम, बशर और अजीम बताया है।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार एक आम बात है। अब ख़बर आई है कि लाहौर के संधा में एक ईसाई लड़की का अपहरण कर लिया गया है। लड़की दिव्यांग है। वो गूँगी और बहरी हैं। यौन दासता (Sex Slavery) के लिए उनका अपहरण किया गया है।

पाकिस्तान का ये पीड़ित ईसाई परिवार व्यथित है, कोई उनका दर्द सुनने वाला नहीं है। अपहरणकर्ताओं ने पीड़ित परिजनों को अपहृत लड़की की नंगी तस्वीरें भेजी हैं। परिजन कह रहे हैं कि पुलिस सब कुछ जानते हुए भी कार्रवाई नहीं कर रही।

पुलिस इसीलिए कार्रवाई नहीं कर रही है क्योंकि पीड़ित परिवार ईसाई है, गैर-मुस्लिम है, अर्थात अल्पसंख्यक समुदाय से आता है। अपहृत युवती कोमल की माँ ने बताया कि लड़की को घर से खींच कर ले गए हैं और उन्होंने पुलिस को सब कुछ समझाया लेकिन फिर भी वो कोई एक्शन नहीं ले रही। पीड़ित परिजनों ने अपहरण करने वालों का नाम अलीम, बशर और अजीम बताया है। ये घटना मार्च की ही है।

ये घटना लाहौर के शिबली शहर की है। हालाँकि, इमरान ख़ान सरकार में शिरीन मज़ारी ने ईसाई लड़की के अपहरण वाली इस घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने दावा किया कि इस घटना पर उनकी नज़र है और जल्द ही सारे दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

मजारी ने बताया कि उन्होंने इस मामले की एफ़ाइआर कॉपी भी मँगाई है। उन्होंने इस घटना को डरावना और शर्मनाक करार दिया। स्थानीय इंस्पेक्टर का कहना है कि केस दर्ज हो गया है। डीआईजी ने बताया कि आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी भी हुई है।

इससे पहले पाकिस्तान में 14 साल की एक लड़की को अगवा कर लिया गया था। फिर जबरन धर्म परिवर्तन करवा अपहरणकर्ता के साथ ही उसका निकाह करवा दिया गया। ये घटना पंजाब प्रांत के फैसलाबाद के मदीना टाउन की थी। कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान 12 अप्रैल 2020 को कराची में एक हिंदू परिवार के इस्लाम कबूल करने से इनकार कर देने पर उसके ऊपर हमला किया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या है आइसोब्यूटेनॉल जो 15% डीजल में मिलाने की तैयारी, E20 पर चल रहे विवाद के बीच शुरू हुई चर्चा: जानिए सबकुछ

नितिन गडकरी ने बताया कि एथेनॉल को सीधे डीजल के साथ नहीं मिलाया जा सकता इसीलिए सरकार अब एथेनॉल से आइसोब्यूटेनॉल बनाने की तकनीक पर काम कर रही है। यह सफल हो चुकी है।

‘डिटेंशन कैंप में एक भी बंगाली हिंदू नहीं’: CM हिमंता बोले- CAA से मिला संरक्षण, समझें- इस नेता ने कैसे पाट दी असमिया-गैर असमिया...

CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि असम के डिटेंशन सेंटर में एक भी बंगाली हिंदू नहीं है। CAA, NRC और घुसपैठियों-शरणार्थियों के अंतर पर रखा पक्ष।
- विज्ञापन -