Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयएलन मस्क का बेटा बन गया लड़की, बदला अपना नाम: कहा - बायोलॉजिकल पिता...

एलन मस्क का बेटा बन गया लड़की, बदला अपना नाम: कहा – बायोलॉजिकल पिता से किसी भी सूरत में कोई रिश्ता नहीं रखना चाहती

एलन मस्क का ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को लेकर रुख पर भी आलोचना होती रही है। एक बार उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए 'प्रोनाउन' पर टिप्पणी की थी।

दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की ट्रांसजेंडर बेटे ने अपने पिता से सारे रिश्ते तोड़ते हुए अपने नाम से ‘मस्क’ सरनेम भी हटा दिया है। ‘ज़ेवियर मस्क’ के रूप में पहचाने जाने वाली एलन मस्क के बेटे ने कैलिफोर्निया के सैंटा मोनिका में दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करते हुए अपना नया नाम ‘विवियाना जेन्ना विल्सन’ रख लिया है और लड़की बन गई है। उन्होंने अपनी ‘जेंडर आइडेंटिटी’ को इसका एक कारण बताया है। वहीं दूसरा कारण चौंकाने वाला है।

उनका कहना है कि वो अब अपने बायोलॉजिकल पिता के साथ नहीं रहती हैं और किसी भी स्थिति में उनके साथ किसी भी प्रकार का सम्बन्ध रखने की इच्छुक नहीं हैं। ये भी स्पष्ट नहीं है कि एलन मस्क की 213 बिलियन डॉलर (16.6 लाख करोड़ रुपए) की संपत्ति में से कोई हिस्सा मिलेगा या नहीं। लॉस एंजेंस काउंटी सुपीरियर कोर्ट में दायर याचिका में उन्होंने अपना नया बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने और नाम बदलने की बात कही है।

पूर्व में ‘ज़ेवियर एलेक्जेंडर मस्क’ फ़िलहाल 18 वर्ष की हैं, ने अदालत में दायर याचिका में कहा है कि उनका जेंडर वाला पहचान पुरुष की जगह स्त्री रखा जाए। कैलिफोर्निया में 18 वर्ष के बाद ‘एज ऑफ कंसेंट’ होता है, जहाँ इस तरह की चीजों के लिए अनुमति है। ऑनलाइन दस्तावेजों में उनके नए नाम को संशोधित कर दिया गया है। उनकी माँ जस्टिन विल्सन के साथ एलन मस्क का 2008 में ही तलाक हो चुका है। वो एक कनाडाई लेखिका हैं, जिन्होंने 2000 में एलन मस्क से शादी की थी।

एलन मस्क का ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को लेकर रुख पर भी आलोचना होती रही है। एक बार उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए ‘प्रोनाउन’ पर टिप्पणी की थी। एक बार उन्होंने कहा था कि वो ट्रांस के खिलाफ नहीं हैं। हाल ही में एलन मस्क ने अमेरिका में महिलाओं के फर्टिलिटी रेट गिरने पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि वो अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा था कि जो जितना अमीर होता है, उसके उतने कम बच्चे होते हैं। उन्होंने इसे ‘डेमोग्राफिक डिजास्टर’ नाम दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -