Monday, August 2, 2021
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जाकिर नाइक को निकालना चाहते हैं, लेकिन कोई भी देश उसे कबूल करने को तैयार नहीं है: मलेशिया के पूर्व PM महातिर मोहम्मद

महातिर ने कहा, “वह अभी यहाँ रह सकता है लेकिन हम उसे किसी अन्य देश में भेजना चाहेंगे, जहाँ वह सुरक्षित रहे। लेकिन कोई भी देश उसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।”

ऐसा लगता है कि इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक की जहर से मलेशिया भी आजिज आ चुका है। पूर्व मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा है कि उनका देश भारत को छोड़ किसी अन्य देश की तलाश में है जहाँ नाइक को भेजा जा सके। लेकिन कोई भी देश उसे कबूल करने को तैयार नहीं है।

बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग और घृणा फैलाने वाले भाषणों से चरमपंथ को उकसाने के आरोपित कट्टरपंथी इस्लामी उपदेशक नाइक की भारतीय अधिकारियों को तलाश है। 

वह 2016 में भारत से भाग गया था। बाद में वह मुस्लिम बहुल मलेशिया चला गया, जहाँ उसे स्थायी निवास की सुविधा दी गई थी। उस समय महातिर प्रधानमंत्री थे। महातिर एक समय में दुनिया में सबसे ज्यादा समय तक पीएम की कुर्सी पर रहने वाले नेता थे। फिलहाल वह सत्ता में वापसी करने की कोशिश में हैं। राजनीतिक वापसी के लिए प्रयासरत 95 वर्षीय महातिर ने दावा किया कि भगोड़ा उपदेशक ‘भारतीय जनता से सुरक्षित नहीं रहेगा।’

उन्होंने कहा कि वह उसे किसी सुरक्षित देश में भेजना चाहते हैं। डब्ल्यूआईओएन समाचार चैनल से बातचीत में महातिर ने कहा, “वह अभी यहाँ रह सकता है लेकिन हम उसे किसी अन्य देश में भेजना चाहेंगे, जहाँ वह सुरक्षित रहे। लेकिन कोई भी देश उसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।” 

यह पूछे जाने पर कि अगर वह फिर से प्रधानमंत्री बनते हैं तो वह क्या नाइक को प्रत्यर्पित करेंगे, महातिर ने कहा, “हम उसे किसी ऐसे देश में भेजना चाहेंगे, जहाँ हमें लगता हो कि वह सुरक्षित रहेगा।” उन्होंने एक बार फिर नाइक को भारत भेजने से इनकार करते हुए कहा, “इस समय हमें लगता है कि वह भारतीय जनता से सुरक्षित नहीं रहेगा।’’

गौरतलब है कि भारत में जाकिर नाइक पर मनी लॉन्ड्रिंग और कट्‌टरता को बढ़ाने के आरोप में केस दर्ज है। गिरफ्तारी की डर से वह 2016 में मलेशिया भाग गया। जून 2017 में कोर्ट ने नाइक को अपराधी घोषित किया था। उस पर मलेशिया में अल्पसंख्यक हिंदुओं और चीन के लोगों की भावनाएँ आहत करने का भी आरोप है।

मलेशिया में नाइक ने एक भड़काऊ भाषण दिया था। उसने कहा था कि मलेशिया में हिंदुओं को भारत के मुस्लिमों के मुकाबले 100 गुना ज्यादा अधिकार मिले हैं।

पिछले दिनों इस्लामी कट्टरपंथी जाकिर नाइक ने इस्लामाबाद में कृष्ण मंदिर तोड़ने का समर्थन करते हुए कहा था कि पाकिस्तान अपनी राजधानी में श्रीकृष्ण मंदिर बनवाने के लिए पैसे देकर पाप कर रहा है। उसने कहा था कि एक मुस्लिम व्यक्ति किसी गैर मुस्लिम पूजा स्थल के निर्माण में दान नहीं कर सकता है। इसके अलावा जाकिर ने कहा वह ऐसे किसी निर्माण का समर्थन भी नहीं कर सकता।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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