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‘अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में मोदी सरकार ने किया बढ़िया कार्य’: लिबरलों के फेवरिट अमेरिकी पत्रकार ने भी माना लोहा, कहा – इंफ्रास्ट्रक्चर हुआ मजबूत

"कृषि कानूनों को देख लीजिए, जमीन और मजदूरी के संबंध में कुछ करना भारत में काफी कठिन है और भाजपा को इसमें सफलता नहीं मिली।"

भारत को लेकर अक्सर नकारात्मक बातें करने वाले अमेरिकी पत्रकार फरीद ज़कारिया ने भी माना है कि मोदी सरकार में भारतीय अर्थव्यवस्था दुरुस्त है। बता दें कि फरीद ज़कारिया भारतीय मूल के ही पत्रकार हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर पर अच्छा काम किया है। हालाँकि, इस दौरान उन्होंने ये रोना भी रोया कि जब संसद में मुस्लिमों के प्रतिनिधित्व की बात आती है तो स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है।

फरीद ज़कारिया ने कहा कि अगर UPA सरकार से मोदी सरकार से तुलना की जाए तो अर्थव्यवस्था की दिशा में वर्तमान सरकार ने बेहतर कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पिछली भारतीय सरकारें आर्थिक मुद्दों का प्रबंधन करती रही हैं, मोदी सरकार ने ये काम ज्यादा अच्छे ढंग से किया है। उन्होंने ये भी कहा कि भ्रष्टाचार में कमी आई है और सरकार इधर-उधर भटकी नहीं है। उन्होंने कहा कि ये काम पूरे सामर्थ्य के साथ किया गया है।

फरीद ज़कारिया ने कहा, “भारत सरकार ने बाहर ज्यादा सुधार नहीं किए हैं। इनमें से कुछ को रोक दिया गया। कृषि कानूनों को देख लीजिए, जमीन और मजदूरी के संबंध में कुछ करना भारत में काफी कठिन है और भाजपा को इसमें सफलता नहीं मिली। लेकिन, उन्होंने कई क्षेत्रों में बढ़िया तरीके से काम किया – जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, दोनों पर अच्छा काम हुआ। मोदी सरकार में औसत विकास पिछली सरकारों से अलग नहीं है।”

हालाँकि, इस दौरान फरीद ज़कारिया ने भी दावा किया कि राजीव गाँधी के काल से ही लिबरलाइजेशन की तरफ झुकाव शुरू हुआ और भारत का विकास दर बढ़ने लगा। फरीद ज़करिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास गुजरात वाला अनुभव था, जिसका उन्होंने इस्तेमाल किया और केंद्र में अच्छा काम किया। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की बातें करते हुए दावा किया कि सत्ताधारी गठबंधन में एक भी मुस्लिम नेता नहीं है, जबकि देश में मुस्लिमों की जनसंख्या 20 करोड़ के पार है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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