Saturday, May 15, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय 'भगोड़ा ज़ाकिर नाइक को मालदीव आने की अनुमति नहीं, भारत अल्पसंख्यकों के लिए स्वर्ग'

‘भगोड़ा ज़ाकिर नाइक को मालदीव आने की अनुमति नहीं, भारत अल्पसंख्यकों के लिए स्वर्ग’

मोहम्मद नशीद ने कहा, "हाल ही में मालदीव आने की इजाज़त नहीं दी गई, लिहाज़ा (मलेशिया और मालदीव के बीच) बातचीत हो रही है।" नाइक ने 2016 में, भारत छोड़कर मलेशिया भाग गया था, तब भारत उसके प्रत्यर्पण की माँग कर रहा है।

विवादित इस्लामी प्रचारक जाकिर नाइक ने हाल ही में मलेशिया से मालदीव जाने का प्रयास किया, लेकिन मालदीव ने इसे अनुमति नहीं दी। भारत आए मालदीव की संसद के स्पीकर मोहम्मद नशीद ने शुक्रवार (13 दिसंबर) को कहा, “वह (ज़ाकिर नाइक) मालदीव आने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हमने उसे आने इजाज़त नहीं दी।”

नशीद से जब यह पूछा गया कि क्या मालदीव और मलेशिया के बीच ज़ाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए कोई बातचीत चल रही है, तो इस पर उन्होंने कहा, “हाल ही में मालदीव आने की इजाज़त नहीं दी गई, लिहाज़ा (मलेशिया और मालदीव के बीच) बातचीत हो रही है।” नाइक ने 2016 में, भारत छोड़कर मलेशिया भाग गया था, तब भारत उसके प्रत्यर्पण की माँग कर रहा है। 

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने ज़ाकिर के ख़िलाफ़ ग़ैर-क़ानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम के तहत FIR दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2016 में उसके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था। प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि नाइक और उसके ट्रस्टों ने अज्ञात लोगों और शुभचिंतकों से करोड़ों रुपए हासिल किए थे।

भारत दौरे पर आए मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा स्पीकर मोहम्मद नशीद नागरिकता संशोधन क़ानून पर अपनी राय देते हुए कहा कि उन्हें भारत के लोकतंत्र पर यक़ीन करते हैं और यह भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा, “नागरिकता संशोधन बिल की पूरी प्रक्रिया को संसद के दोनों सदनों से मंज़ूरी मिली है और मैं उस दौरान ख़ुद भारत की संसद में मौजूद था।”

उन्होंने खुद का उदहारण देते हुए कहा, “भारत अल्पसंख़्यकों के लिए स्वर्ग है, जब मैं भी भारतीय हाई कमीशन गया तो वहाँ मुझे भी शरण मिली। यहाँ तक की भारत आने के लिए भी कहा गया।”

मोहम्मद नशीद ने कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि हिन्द महासागर में इस वक्त कोल्ड वार जैसे हालात हैं। चीन का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मालदीव में एमडीपी सरकार आने के बाद उनके देश में भारत का हित सुरक्षित है। उन्होंने कहा, “मालदीव में सरकार बदलने के साथ ही चीन की तुलना में भारत के हित वहाँ सुरक्षित हैं, ऐसा न कहना बहुत कठिन है कि हिन्द महासागर में एक शीत युद्ध की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन हम दो देशों के बीच सैंडविच जैसी स्थिति में फँसना नहीं चाहते हैं, लेकिन हाँ हमारी नीति भारत पहले की है।”

यह भी पढ़ें: जाकिर नाइक को मलेशिया में हिंदुओं के खिलाफ़ बोलना पड़ा भारी, मंत्री ने कहा ‘भगौड़े’ को भारत भेजने की बात

अब मलेशिया से भी ज़हर नहीं उगल सकेगा ज़ाकिर नाइक: ‘बोलने’ पर लगा प्रतिबन्ध तो माँगी माफ़ी

मलेशिया में 519 आतंकी गिरफ़्तार: भगोड़े जाकिर नाइक के बोलने पर पहले ही लगा चुका है पाबन्दी

जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की तैयारी: PM मोदी ने महातिर मोहम्मद से मिलकर रूस में उठाया मुद्दा

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अल जजीरा न्यूज वाली बिल्डिंग में थे हमास के अड्डे, अटैक की प्लानिंग का था सेंटर, इसलिए उड़ा दिया: इजरायली सेना

इजरायल की सुरक्षा सेना ने अल जजीरा की बिल्डिंग को खाली करने का संदेश पहले ही दे दिया और चेतावनी देने के लिए ‘रूफ नॉकर’ बम गिराए जो...

हिन्दू जिम्मेदारी निभाएँ, मुस्लिम पर चुप्पी दिखाएँ: एजेंडा प्रसाद जी! आपकी बौद्धिक बेईमानी राष्ट्र को बहुत महँगी पड़ती है

महामारी को फैलने से रोकने के लिए यह आवश्यक है कि संक्रमण की कड़ी को तोड़ा जाए। एक समाज अगर सतर्क रहता है और दूसरा नहीं तो...

इजरायली सेना ने अल जजीरा की बिल्डिंग को बम से उड़ाया, सिर्फ 1 घंटे की दी थी चेतावनी: Live Video

गाजा में इजरायली सेना द्वारा अल जजीरा मीडिया हाउस की बिल्डिंग पर हमला किया गया है। यह बिल्डिंग पूरी तरह ध्वस्त हो गई है।

वीर सावरकर पर अपमानजनक लेख के लिए THE WEEK ने 5 साल बाद माँगी माफी: जानें क्या है मामला

'द वीक' पत्रिका ने शुक्रवार को स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के बारे में पहले प्रकाशित एक अपमानजनक लेख के लिए माफी माँगी। यह विवादास्पद लेख 24 जनवरी, 2016 को प्रकाशित किया गया था जिसे 'पत्रकार' निरंजन टाकले द्वारा लिखा गया था।

ईद पर 1 पुलिस वाले को जलाया जिंदा, 46 को किया घायल: 24 घंटे के भीतर 30 कट्टरपंथी मुस्लिमों को फाँसी

ईद के दिन मुस्लिम कट्टरपंथियों ने 1 पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की, उन्हें जिंदा जला दिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 को मौत की सजा।

ईद के अगले दिन बंगाल में कंप्लिट लॉकडाउन का आदेश: 20000+ मामले, 30 मई तक लागू रहेंगे प्रतिबंध

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। संक्रमण के चलते ममता बनर्जी के छोटे भाई का निधन हो गया। लॉकडाउन...

प्रचलित ख़बरें

ईद पर 1 पुलिस वाले को जलाया जिंदा, 46 को किया घायल: 24 घंटे के भीतर 30 कट्टरपंथी मुस्लिमों को फाँसी

ईद के दिन मुस्लिम कट्टरपंथियों ने 1 पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की, उन्हें जिंदा जला दिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 को मौत की सजा।

दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर के बदले पड़ोसी ने रखी सेक्स की डिमांड, केरल पुलिस से सेक्स के लिए ई-पास की डिमांड

दिल्ली में पड़ोसी ने ऑक्सीजन सिलेंडर के बदले एक लड़की से साथ सोने को कहा। केरल में सेक्स के लिए ई-पास की माँग की।

हिरोइन है, फलस्तीन के समर्थन में नारे लगा रही थीं… इजरायली पुलिस ने टाँग में मारी गोली

इजरायल और फलस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष में एक हिरोइन जख्मी हो गईं। उनका नाम है मैसा अब्द इलाहदी।

1971 में भारतीय नौसेना, 2021 में इजरायली सेना: ट्रिक वही-नतीजे भी वैसे, हमास ने ‘Metro’ में खुद भेज दिए शिकार

इजरायल ने एक ऐसी रणनीतिक युद्धकला का प्रदर्शन किया है, जिसने 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध की ताजा कर दी है।

इजरायली सेना ने अल जजीरा की बिल्डिंग को बम से उड़ाया, सिर्फ 1 घंटे की दी थी चेतावनी: Live Video

गाजा में इजरायली सेना द्वारा अल जजीरा मीडिया हाउस की बिल्डिंग पर हमला किया गया है। यह बिल्डिंग पूरी तरह ध्वस्त हो गई है।

ईद में नंगा नाच: 42 सदस्यीय डांस ग्रुप की लड़कियों को नंगा नचाया, 800 की भीड़ ने खंजर-कुल्हाड़ी से धमकाया

जब 42-सदस्यीय ग्रुप वहाँ पहुँचा तो वहाँ ईद के सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसा कोई माहौल नहीं था। जब उन्होंने कुद्दुस अली से इस बारे में बात की तो वह उन्हें एक संदेहास्पद स्थान पर ले गया जो हर तरफ से लोहे की चादरों से घिरा हुआ था। यहाँ 700-800 लोग लड़कियों को घेर कर खंजर से...
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,358FansLike
94,397FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe